पानीपत (पानीपत लाइव ब्यूरो)। औद्योगिक नगरी पानीपत के असंध रोड स्थित हनुमान मंदिर में मंगलवार को भक्ति और श्रद्धा का अलौकिक वातावरण देखने को मिला। विशेष धार्मिक अवसर के उपलक्ष्य में मंदिर प्रांगण में सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ का भव्य एवं दिव्य आयोजन किया गया। ब्रह्ममुहूर्त से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का आगमन प्रारंभ हो गया था, जो देर शाम महाआरती और प्रसाद वितरण तक अनवरत जारी रहा। श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से प्रभु श्रीराम और संकटमोचन हनुमान जी की स्तुति कर संपूर्ण क्षेत्र की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
धार्मिक मान्यता और साप्ताहिक विशेष दिन होने के कारण तड़के 5:00 बजे से ही स्थानीय निवासियों और दूर-दराज से आए भक्तों ने हनुमान जी के दर्शन कर माथा टेका। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, मंदिर परिसर जय श्रीराम और पवनपुत्र हनुमान के गगनभेदी जयकारों से गुंजायमान होता रहा। श्रद्धालुओं की सुविधा और अनुशासित दर्शन व्यवस्था के लिए मंदिर प्रबंधन समिति द्वारा विशेष इंतजाम किए गए थे, जिससे महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों को सुगमता से दर्शन प्राप्त हुए।
धार्मिक अनुष्ठान और सामूहिक पाठ का सिलसिलेवार विवरण
इस विशेष आयोजन के दौरान दो मुख्य सत्रों में सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन निर्धारित किया गया था। पहला सामूहिक पाठ प्रातः 9:00 बजे आयोजित हुआ, जिसमें सैकड़ों की संख्या में क्षेत्रवासियों ने एक स्वर में चालीसा का पाठ किया। वहीं, दूसरा मुख्य सत्र सायं 7:00 बजे आयोजित किया गया, जिसमें नौकरीपेशा और व्यापारी वर्ग के लोगों ने बड़ी संख्या में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। सांध्यकालीन सत्र के दौरान जब सैकड़ों कंठों से एक साथ हनुमान चालीसा की चौपाइयां गूंजीं, तो पूरा असंध रोड क्षेत्र आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो उठा।
पाठ के समापन के उपरांत सायंकाल 7:45 बजे श्री हनुमान जी महाराज की भव्य महाआरती उतारी गई। घी के विशाल दीपकों और धूप-अगरबत्ती की सुगंध से मंदिर का गर्भगृह अलौकिक छटा बिखेर रहा था। आरती के पश्चात उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं में हलवे और बूंदी का महाप्रसाद वितरित किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने पंक्तिबद्ध होकर अनुशासित तरीके से प्रसाद ग्रहण किया और मंदिर समिति की व्यवस्थाओं की सराहना की।
| आयोजन का विवरण | समय / स्थान | प्रमुख गतिविधि |
|---|---|---|
| सुबह का दर्शन व पूजन | प्रातः 05:00 बजे से | ब्रह्ममुहूर्त आरती व व्यक्तिगत पूजन |
| प्रथम सामूहिक पाठ | प्रातः 09:00 बजे | सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ व स्तवन |
| द्वितीय सामूहिक पाठ | सायं 07:00 बजे | विशेष सांध्यकालीन सामूहिक चालीसा पाठ |
| महाआरती एवं प्रसाद वितरण | सायं 07:45 बजे | आरती, जयकारे एवं महाप्रसाद वितरण |
मुख्य पुजारी व प्रबंध समिति की भूमिका
हनुमान मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित सुरेंद्र शर्मा ने धार्मिक कार्यक्रम की संपन्नता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए श्रद्धालुओं को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि असंध रोड का यह ऐतिहासिक हनुमान मंदिर सदैव से श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रहा है। सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करने से न केवल मानसिक शांति प्राप्त होती है, बल्कि समाज में सकारात्मक ऊर्जा और भाईचारे का संचार भी होता है।
"प्रभु श्री राम और हनुमान जी की भक्ति में ही जन-कल्याण का संदेश छिपा है। सामूहिक रूप से जब नागरिक एक साथ बैठकर प्रभु स्मरण करते हैं, तो नगर में व्याप्त नकारात्मकता दूर होती है। आज श्रद्धालुओं ने जिस भक्ति भाव के साथ पूरे क्षेत्र की सुख-समृद्धि की मंगलकामना की है, भगवान बजरंगबली अवश्य सभी की मनोकामनाएं पूर्ण करेंगे।"
- पंडित सुरेंद्र शर्मा, मुख्य पुजारी, असंध रोड हनुमान मंदिर
मंदिर प्रबंध समिति के सेवादारों ने सुबह से ही कमान संभाल रखी थी। श्रद्धालुओं की कतारबद्ध एंट्री, जूते-चप्पल स्टैंड की व्यवस्था और पेयजल वितरण के लिए युवा स्वयंसेवकों की अलग-अलग टीमें तैनात की गई थीं। समिति के सदस्यों ने बताया कि भविष्य में भी प्रत्येक मंगलवार और शनिवार को इस प्रकार के सामूहिक पाठ के आयोजनों को और अधिक भव्य रूप दिया जाएगा।
स्थानीय जनजीवन और यातायात व्यवस्था पर प्रभाव
असंध रोड पानीपत शहर का एक अत्यंत व्यस्त और प्रमुख मार्ग है। मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मुख्य मार्ग पर यातायात बाधित न हो, इसके लिए विशेष सावधानी बरती गई। मंदिर परिसर के आसपास वाहनों की पार्किंग के लिए उपयुक्त स्थान चिन्हित किया गया था, ताकि राहगीरों और वाहन चालकों को असंध रोड पर किसी तरह का ट्रैफिक जाम न झेलना पड़े।
स्थानीय दुकानदारों और व्यापारियों ने भी इस धार्मिक आयोजन में अपना पूरा सहयोग दिया। कई दुकानदारों ने मंदिर के बाहर श्रद्धालुओं के लिए ठंडे पानी और छबील की व्यवस्था की। सामूहिक पाठ के कारण असंध रोड के व्यावसायिक क्षेत्र में दिन भर भक्तिमय माहौल बना रहा और व्यापारिक गतिविधियों के साथ-साथ सामाजिक सद्भाव का एक सुंदर उदाहरण देखने को मिला।
आगामी धार्मिक योजनाएं और सामाजिक संकल्प
आयोजन के सफल समापन के बाद मंदिर समिति ने घोषणा की कि आने वाले प्रमुख त्योहारों और अवसरों पर भी इसी प्रकार के बड़े स्तर के धार्मिक व सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पंडित सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि मंदिर परिसर में केवल धार्मिक पाठ ही नहीं, बल्कि जनहित के कार्यों जैसे नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर और निर्धन सहायता अभियानों की रूपरेखा भी तैयार की जा रही है। मंगलवार के इस सफल आयोजन से संपूर्ण पानीपत शहर में धर्म और सेवा की एक नई अलख जगी है।




