पानीपत के जिला सचिवालय सभागार में वीरवार को आयोजित जिला कष्ट निवारण समिति की मासिक बैठक प्रशासनिक अधिकारियों के लिए चेतावनी और पीड़ितों के लिए न्याय की उम्मीद लेकर आई। हरियाणा के लोक निर्माण एवं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए स्पष्ट किया कि जनता की शिकायतों के समाधान में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की अब खैर नहीं है। बैठक के दौरान टीडीआई सिटी में बुनियादी सुविधाओं के अभाव और अवैध तरीके से की गई रजिस्ट्रियों का मामला सबसे अधिक छाया रहा। मंत्री ने इस मामले में न केवल एचएसवीपी (HSVP) के लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई के आदेश दिए, बल्कि पानीपत के तहसीलदार को भी जांच के घेरे में खड़ा कर दिया है।
टीडीआई सिटी में 522 अवैध रजिस्ट्रियों का खुलासा, तहसीलदार और एचएसवीपी पर गिरी गाज
बैठक में टीडीआई सिटी निवासी विनोद टंडन की शिकायत पर लंबी चर्चा हुई। जांच रिपोर्ट में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि वर्ष 2018 में लाइसेंस समाप्त होने के बावजूद बिल्डर द्वारा न तो सुविधाएं दी जा रही हैं और न ही रखरखाव किया जा रहा है। सबसे गंभीर मामला प्रशासनिक रोक के बावजूद टीडीआई सिटी में 522 रजिस्ट्रियों का अवैध तरीके से किया जाना रहा। मंत्री रणबीर गंगवा ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए पानीपत तहसीलदार को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। वहीं, बैठक में उपस्थित न होने और समस्याओं के समाधान में रुचि न लेने पर एचएसवीपी के एक्सईएन और एसडीओ पर विभागीय कार्रवाई करने को कहा गया है।
| शिकायतकर्ता/क्षेत्र | समस्या का मुख्य विषय | मंत्री द्वारा लिया गया निर्णय/कार्रवाई |
|---|---|---|
| टीडीआई सिटी (विनोद टंडन) | 522 अवैध रजिस्ट्री व सुविधाओं का अभाव | तहसीलदार को नोटिस, HSVP अधिकारियों पर कार्रवाई |
| रामफुल (परशुराम कॉलोनी) | प्लॉट फर्जीवाड़ा व धोखाधड़ी | आरोपी मनोज चुघ की तत्काल गिरफ्तारी के आदेश |
| कोमल कोचर (वार्ड-11) | 25 लाख की धोखाधड़ी व धमकी | दोषियों के खिलाफ तुरंत FIR दर्ज करने के निर्देश |
| हेमराज (इसराना) | NH-709 भूमि मुआवजा मामला | NHAI प्रोजेक्ट डायरेक्टर को अगली बैठक में तलब किया |
| विजय कुमार (विकास नगर) | 4 वर्ष पुरानी धोखाधड़ी का मामला | ASP को सौंपी गई निष्पक्ष जांच की जिम्मेदारी |
प्लॉट फर्जीवाड़ा: आरोपी मनोज चुघ को गिरफ्तार करने के सख्त निर्देश
राधा कॉलोनी और परशुराम कॉलोनी में प्लॉटों की रजिस्ट्री न होने और करीब 60 मकान मालिकों से पूरी राशि वसूलने के बावजूद धोखाधड़ी करने का मामला भी बैठक में प्रमुखता से उठा। पीड़ित रामफुल की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए मंत्री ने पुलिस अधिकारियों से पूछा कि मुख्य आरोपी मनोज चुघ अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर क्यों है? जब अधिकारियों ने बताया कि आरोपी लगातार बैठकों से गायब है, तो मंत्री ने तहसील कैंप थाना पुलिस को निर्देश दिए कि आरोपी को अविलंब गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए। जनता की मेहनत की कमाई हड़पने वालों के साथ कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।
"सरकार का मुख्य ध्येय अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुंचाना है। यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी जनहित के कार्यों में बाधा डालता है या जानबूझकर देरी करता है, तो उसे अपनी जिम्मेदारी का परिणाम भुगतना होगा। टीडीआई सिटी और प्लॉट फर्जीवाड़ा मामलों में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।" - रणबीर गंगवा, कैबिनेट मंत्री, हरियाणा।
इसराना और विकास नगर के मामलों में भी कड़े निर्देश
इसराना निवासी हेमराज द्वारा एनएच-709 (रोहतक-पानीपत खंड) में छूटी हुई भूमि के मुआवजे की मांग पर मंत्री ने एनएचएआई के अधिकारियों की अनुपस्थिति पर गहरा रोष जताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगली बैठक में एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर का आना अनिवार्य है। वहीं, विकास नगर (एनएफएल) के विजय कुमार के साथ हुई चार साल पुरानी धोखाधड़ी के मामले में अब तक गिरफ्तारी न होने पर मंत्री ने जांच का जिम्मा एएसपी हर्षित गोयल को सौंपते हुए निष्पक्ष रिपोर्ट मांगी है। सेक्टर-23 की 'द एड्रेस' सोसायटी में भी बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर एसडीएम पानीपत को मौके पर जाकर निरीक्षण करने और बिल्डर की जवाबदेही तय करने के आदेश दिए गए हैं।
प्रशासनिक मुस्तैदी और आगामी कार्रवाई
बैठक के समापन पर उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने मंत्री को आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन द्वारा दिए गए सभी निर्देशों का समयबद्ध तरीके से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। बैठक में कुल 13 परिवाद रखे गए थे, जिनमें से 6 का मौके पर ही निपटारा कर दिया गया और शेष 7 को अगली बैठक तक गहन जांच के लिए लंबित रखा गया है। इस अवसर पर पानीपत शहरी विधायक प्रमोद विज, भाजपा जिलाध्यक्ष दुष्यंत भट्ट और पुलिस अधीक्षक मेधा भूषण सहित तमाम आला अधिकारी मौजूद रहे।




