पानीपत जिले की रचनात्मक और सांस्कृतिक गतिविधियों के केंद्र बाल भवन में आयोजित जिला स्तरीय बाल महोत्सव का शनिवार को अत्यंत उत्साहपूर्ण और रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच समापन हो गया। इस प्रतिष्ठित आयोजन में जिले भर के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों से आए मेधावी बच्चों ने बढ़-चढ़कर अपनी कला, संगीत, नृत्य और बौद्धिक क्षमताओं का प्रदर्शन किया। बाल भवन के मुख्य सभागार में आयोजित इस समापन समारोह ने स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों का भरपूर ध्यान आकर्षित किया, जहां बच्चों की प्रतिभा ने हर किसी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
समारोह के अंतिम दिन हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद की मानद महासचिव मीना कंबोज ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करते हुए दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का औपचारिक समापन किया। उन्होंने विभिन्न कला, सांस्कृतिक और शैक्षणिक प्रतियोगिताओं में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभाशाली बच्चों को अपने हाथों से पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। मुख्य अतिथि ने बच्चों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन न केवल विद्यार्थियों के भीतर छिपी हुई कला को बाहर लाते हैं, बल्कि उन्हें भविष्य की बड़ी चुनौतियों का सामना करने के लिए मानसिक रूप से भी पूरी तरह तैयार करते हैं।
ग्रामीण अंचल के बच्चों को मिलेगा शहरी स्तर का मजबूत मंच
समारोह के दौरान अपने संबोधन में मानद महासचिव मीना कंबोज ने एक अत्यंत दूरदर्शी और जनहितकारी घोषणा की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि परिषद का मुख्य ध्येय हरियाणा के प्रत्येक गांव तक बाल कल्याण की गतिविधियों को विस्तार देना है। उन्होंने साझा किया कि भविष्य की योजनाओं के तहत प्रदेश के हर गांव में मिनी बाल भवन खोलने की रूपरेखा तैयार की जा रही है। इस महत्वाकांक्षी पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के उन बच्चों को अपनी प्रतिभा निखारने के अनगिनत अवसर प्रदान करना है, जिन्हें संसाधनों के अभाव में अक्सर शहरी केंद्रों तक लंबी दूरियां तय करनी पड़ती थीं।
विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों की बेटियों के संदर्भ में उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था के धरातल पर उतरने से बालिकाओं को रोजाना आवागमन में होने वाली गंभीर परेशानियों से स्थाई राहत मिलेगी। वे अपने ही गांव या नजदीकी क्षेत्र में सुरक्षित माहौल के भीतर विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों का हिस्सा बन सकेंगी। इसके साथ ही, बच्चों के बौद्धिक विकास और पठन-पाठन को आधुनिक युग के अनुरूप ढालने के लिए प्रत्येक संभावित क्षेत्र में अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित करने की पुख्ता योजना पर भी गंभीरता से विचार चल रहा है।
| महोत्सव विवरण | मुख्य बिंदु एवं तथ्य |
|---|---|
| आयोजन स्थल | जिला बाल भवन, पानीपत |
| मुख्य अतिथि | मीना कंबोज (मानद महासचिव, हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद) |
| विशिष्ट उपस्थिति | ऋतु राठी (जिला बाल कल्याण अधिकारी) |
| प्रमुख घोषणा | हर गांव में मिनी बाल भवन और डिजिटल लाइब्रेरी का निर्माण |
जेन-जी पीढ़ी के लिए सोशल मीडिया के विवेकपूर्ण इस्तेमाल पर जोर
डिजिटल युग की बदलती प्राथमिकताओं पर चर्चा करते हुए मानद महासचिव ने आज की 'जेन-जी' यानी युवा पीढ़ी को एक बेहद महत्वपूर्ण और व्यावहारिक जीवन सलाह दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के अत्यधिक, अनियंत्रित और नकारात्मक उपयोग से बचने की सख्त हिदायत दी। उन्होंने जोर देकर कहा कि इंटरनेट और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल केवल और केवल रचनात्मक शिक्षा, कौशल विकास और ज्ञान बढ़ाने के उद्देश्य से किया जाना चाहिए। अभिभावकों की जिम्मेदारी पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने आह्वान किया कि माता-पिता को लगातार अपने बच्चों की डिजिटल गतिविधियों और ऑनलाइन हरकतों पर पैनी नजर रखनी चाहिए, ताकि वे किसी भी परिस्थिति में भटकाव या गलत मार्ग की ओर न जाएं।
अपने तीन वर्षीय कार्यकाल की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए उन्होंने विश्वास दिलाया कि वह पूरी ईमानदारी, पारदर्शिता और अटूट निष्ठा के साथ प्रदेश के बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य करती रहेंगी। उन्होंने बच्चों को उनके मौलिक अधिकार दिलाने के हरसंभव प्रयास का संकल्प भी लिया। इस दौरान जिला बाल कल्याण अधिकारी ऋतु राठी ने भी मंच से महोत्सव की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की और बताया कि किस प्रकार हजारों की संख्या में बच्चों ने विभिन्न स्पर्धाओं में पूरी ऊर्जा के साथ अपनी कला का लोहा मनवाया।
"हमारा यह सपना है कि हरियाणा के किसी भी गांव के बच्चे को अपनी प्रतिभा को तराशने के लिए शहरों के चक्कर न काटने पड़ें। हर ग्रामीण अंचल में मिनी बाल भवन और आधुनिक डिजिटल लाइब्रेरी का निर्माण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है, जिससे बेटियों को आवागमन की कठिनाइयों से मुक्ति मिलेगी।" - मीना कंबोज, मानद महासचिव, हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद
स्थानीय जनजीवन और अभिभावकों पर सकारात्मक प्रभाव
इस जिला स्तरीय बाल महोत्सव के सफलतापूर्वक संपन्न होने और परिषद की नई घोषणाओं का पानीपत के स्थानीय जनजीवन, अभिभावकों और छात्र वर्ग पर बेहद सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। शहर और ग्रामीण इलाकों के परिवारों ने बाल कल्याण परिषद की इस पहल की दिल से सराहना की है। स्थानीय नागरिकों का मानना है कि यदि गांवों में मिनी बाल भवन और डिजिटल लाइब्रेरी जैसी मूलभूत व आधुनिक सुविधाएं धरातल पर उतरती हैं, तो इससे न केवल ग्रामीण मेधा को पंख लगेंगे, बल्कि बच्चों का शैक्षणिक स्तर भी अभूतपूर्व रूप से उन्नत होगा। पानीपत लाइव ब्यूरो की ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, अभिभावकों ने डिजिटल मीडिया के सीमित उपयोग संबंधी संदेश को भी बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए एक बेहद जरूरी और सामयिक कदम बताया है।




