पानीपत जिले में खाद्य पदार्थों की शुद्धता और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से जिला प्रशासन और संबंधित महकमों ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। इसी कड़ी में शनिवार को खाद्य सुरक्षा विभाग की एक विशेष टीम ने शहर के पॉश और प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र माने जाने वाले मॉडल टाउन में औचक निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का जायजा लिया और वहां बिकने वाले सामान की गुणवत्ता को परखा। इस अचानक हुई कार्रवाई से स्थानीय व्यापारियों में भी सतर्कता का माहौल देखने को मिला, क्योंकि अधिकारियों ने मौके पर ही कई खाद्य सामग्रियों की प्राथमिक जांच की और कड़े निर्देश दिए।
कार्रवाई के दौरान विभाग के अधिकारियों ने मौके पर मौजूद दुकानदारों से विस्तृत बातचीत की और उनके प्रतिष्ठानों में रखे सामान के बारे में जानकारी हासिल की। मानकों की पुष्टि के लिए टीम ने विभिन्न खाद्य पदार्थों के कुल चार संदिग्ध नमूने मौके पर ही भरे। इस पूरी प्रक्रिया को बेहद पारदर्शिता के साथ अंजाम दिया गया ताकि किसी भी स्तर पर प्रक्रियागत खामी न रहे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि त्योहारों और सामान्य दिनों में भी नागरिकों को मिलावटमुक्त खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है, जिसके तहत इस प्रकार के औचक निरीक्षण लगातार जारी रखे जाएंगे।
नमूनों को सील कर राजकीय प्रयोगशाला में भेजा गया
क्षेत्र से एकत्रित किए गए सभी चारों संदिग्ध नमूनों को मौके पर ही पूरी विधिक और प्रशासनिक प्रक्रिया का पालन करते हुए सील किया गया। इसके बाद इन सभी सीलबंद पैकेटों को तुरंत प्रभाव से जांच के लिए अधिकृत राजकीय प्रयोगशाला भेज दिया गया है। प्रयोगशाला से जब इन नमूनों की विस्तृत जांच रिपोर्ट सामने आएगी, उसी के आधार पर तय किया जाएगा कि खाद्य पदार्थों में किसी प्रकार की मिलावट या मानकों का उल्लंघन हुआ है या नहीं। रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने वाले प्रतिष्ठान संचालकों के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसा जाएगा।
विभाग की ओर से यह भी बताया गया कि यह पूरी कार्रवाई खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 (FSSA 2006) के सुसंगत प्रावधानों के तहत की जा रही है। अधिनियम के नियमों का पालन न करने वाले या जनस्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी कारोबारी को बख्शा नहीं जाएगा। प्रयोगशाला की रिपोर्ट में यदि नमूने फेल पाए जाते हैं, तो संबंधित दुकानदारों को नोटिस जारी करने से लेकर अदालत में अभियोजन चलाने तक की कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
| खाद्य सुरक्षा कार्रवाई विवरण | तथ्य एवं जानकारी |
|---|---|
| निरीक्षण स्थल | मॉडल टाउन, पानीपत |
| कार्रवाई करने वाला विभाग | खाद्य सुरक्षा विभाग, हरियाणा |
| एकत्रित नमूनों की संख्या | चार संदिग्ध खाद्य नमूने |
| जांच केंद्र | राजकीय खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला |
| अधिनियम | खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 |
अधिकारियों की टीम ने की औचक छापेमारी
शनिवार को चली इस विशेष मुहिम का नेतृत्व खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. विक्रम पसरिचा ने किया। उनकी अगुਵਾਈ में विभाग की पूरी टीम ने मॉडल टाउन के बाजारों में कई दुकानों पर पहुंचकर सैंपलिंग का कार्य पूरा किया। डॉ. पसरिचा ने दुकानदारों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि आमजन के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने दुकानदारों को निर्देश दिए कि वे केवल उच्च गुणवत्ता का कच्चा और पका हुआ सामान ही अपनी दुकानों में रखें तथा साफ-सफाई के मानकों का विशेष ध्यान रखें।
स्थानीय स्तर पर इस प्रकार के औचक निरीक्षणों से बाजार में हड़कंप की स्थिति जरूर रही, लेकिन जागरूक नागरिकों ने इस कदम का स्वागत किया है। उपभोक्ताओं का कहना है कि आए दिन बाजारों में मिलावटी खाद्य सामग्री बेचे जाने की शिकायतें मिलती रहती हैं, ऐसे में प्रशासनिक अमले द्वारा की जाने वाली इस तरह की सख्त कार्रवाई से मिलावटखोरों पर अंकुश लगेगा और लोग शुद्ध खान-पान के प्रति आश्वस्त हो सकेंगे।
"मॉडल टाउन क्षेत्र से खाद्य पदार्थों के चार संदिग्ध नमूने भरकर उन्हें विधिक प्रक्रिया के तहत सील करके राजकीय प्रयोगशाला में जांच के लिए भिजवा दिया गया है। प्रयोगशाला से रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के तहत आगामी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। मिलावटखोरों के खिलाफ हमारा यह विशेष निगरानी अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।" - डॉ. विक्रम पसरिचा, खाद्य सुरक्षा अधिकारी
स्थानीय जनजीवन और बाजार पर प्रभाव
पानीपत के सबसे प्रतिष्ठित और व्यस्त इलाकों में शुमार मॉडल टाउन में हुई इस कार्रवाई का असर आसपास के अन्य बाजारों पर भी साफ तौर पर देखा जा रहा है। रेस्तरां, मिष्ठान्न भंडार और ग्रॉसरी स्टोर चलाने वाले व्यापारी अब अपने यहां रखी सामग्री की गुणवत्ता को लेकर खुद सतर्क हो गए हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि प्रशासनिक सख्ती से न केवल मिलावट का काला कारोबार थमेगा, बल्कि शहरवासियों को बेहतर और पौष्टिक खाद्य वस्तुएं मिल सकेंगी। नागरिकों ने मांग की है कि इस तरह के अभियान केवल त्योहारों तक सीमित न रहकर पूरे वर्ष नियमित रूप से चलाए जाने चाहिए।
आगामी प्रशासनिक कदम और निगरानी
खाद्य सुरक्षा विभाग के सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में पानीपत जिले के अन्य प्रमुख बाजारों, औद्योगिक क्षेत्रों और ग्रामीण इलाकों में भी इस प्रकार के औचक निरीक्षणों का दायरा बढ़ाया जाएगा। विभाग की टीमें लगातार होटलों, ढाबे, डेयरियों और खाद्य सामग्री के होलसेल गोदामों पर नजर बनाए हुए हैं। यदि किसी भी स्तर पर अमानक या मिलावटी सामग्री पाई जाती है, तो बिना किसी ढिलाई के तुरंत कड़े प्रशासनिक व विधिक कदम उठाए जाएंगे ताकि आम नागरिकों के स्वास्थ्य की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।




