औद्योगिक नगरी पानीपत में शैक्षणिक संस्थानों द्वारा युवाओं को केवल पारंपरिक शिक्षा तक सीमित रखने के बजाय व्यावहारिक कौशल और आर्थिक रूप से सक्षम बनाने की दिशा में प्रयास तेजी से बढ़ाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में पानीपत की जीवन रेखा कहे जाने वाले जीटी रोड पर स्थित प्रतिष्ठित आईबी कॉलेज में वीरवार को एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक आयोजन देखने को मिला। कॉलेज के वाणिज्य एवं प्रबंधन विभाग की ओर से बाजार, कॅरिअर और वित्तीय स्वतंत्रता विषय पर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें शहर के युवाओं ने बढ़-चढ़कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस सत्र का मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं को आधुनिक वित्तीय बाजारों की कार्यप्रणाली से परिचित कराना और पढ़ाई के तुरंत बाद रोजगार के बेहतर अवसर तलाशने में उनका मार्गदर्शन करना था।
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह कॉलेज परिसर स्थित सभागार में विधिवत रूप से हुई, जिसमें विभिन्न कक्षाओं के करीब 96 विद्यार्थियों ने भाग लिया। सत्र की शुरुआत से ही विद्यार्थियों में वित्तीय प्रबंधन और शेयर बाजार के मूलभूत सिद्धांतों को जानने की उत्सुकता साफ दिखाई दी। वर्तमान दौर में जहां आर्थिक साक्षरता हर युवा के लिए एक अनिवार्य कौशल बनती जा रही है, वहीं इस कार्यशाला ने पानीपत के विद्यार्थियों को वैश्विक वित्तीय परिदृश्य से जोड़ने का एक बेहतरीन मंच प्रदान किया। विभाग के प्राध्यापकों की देखरेख में आयोजित इस कार्यक्रम ने यह साबित कर दिया कि अब स्थानीय युवा पारंपरिक नौकरियों से आगे बढ़कर वित्तीय सलाहकार, पोर्टफोलियो मैनेजर और इक्विटी रिसर्च जैसे आधुनिक क्षेत्रों में अपना भविष्य संवारने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
एनआईएसएम प्रमाणन और कॅरिअर के नए रास्ते
कार्यशाला के मुख्य वक्ता के रूप में पहुंचे विशेषज्ञ शुभम ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सिक्योरिटीज मार्केट्स (एनआईएसएम) प्रमाणन की बारीकियों को विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार यह पेशेवर प्रमाण पत्र युवाओं के लिए वित्तीय क्षेत्र के बंद दरवाजे खोल सकता है। मुख्य वक्ता ने स्पष्ट किया कि आज के समय में इक्विटी रिसर्च, स्टॉक ट्रेडिंग, पोर्टफोलियो प्रबंधन और वित्तीय सलाहकार जैसे क्षेत्रों में कुशल प्रोफेशनल्स की भारी मांग है। यदि विद्यार्थी अपने कॉलेज के दिनों से ही इन पहलुओं को समझ लें, तो वे डिग्री पूरी होने के साथ ही देश के बड़े वित्तीय संस्थानों में आकर्षक पदों पर अपना कॅरिअर शुरू कर सकते हैं। उन्होंने छात्रों को यह भी सिखाया कि कैसे कम उम्र में ही समझदारी से निवेश करके आर्थिक स्वतंत्रता हासिल की जा सकती है।
| विशेष विवरण | विवरण विवरण |
|---|---|
| स्थान | आईबी कॉलेज, जीटी रोड, पानीपत |
| आयोजक विभाग | वाणिज्य एवं प्रबंधन विभाग |
| प्रतिभागी छात्र | लगभग 96 विद्यार्थी |
| मुख्य वक्ता | शुभम (एनआईएसएम विशेषज्ञ) |
| मुख्य विषय | बाजार, कॅरिअर और वित्तीय स्वतंत्रता |
विशेषज्ञों और कॉलेज प्रशासन के विचार
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को न केवल सैद्धांतिक जानकारी दी गई, बल्कि उन्हें वास्तविक दुनिया के आर्थिक उतार-चढ़ाव और निवेश के जोखिमों से भी अवगत कराया गया। पानीपत जैसे वस्त्र और व्यापारिक केंद्र में जहां हर परिवार किसी न किसी रूप में व्यापार से जुड़ा है, वहां इस तरह की वित्तीय कार्यशालाओं का महत्व और भी बढ़ जाता है। छात्रों ने वक्ता से सवाल-जवाब कर अपने मन की शंकाओं को दूर किया और यह जाना कि कैसे छोटी बचतों को सही जगह निवेश कर भविष्य को सुरक्षित किया जा सकता है। कॉलेज के शिक्षकों ने भी माना कि किताबी ज्ञान के साथ-साथ वित्तीय साक्षरता आज के समय की सबसे बड़ी मांग है।
"आज के दौर में केवल किताबी शिक्षा हासिल कर लेना ही पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों के लिए वित्तीय समझ, आर्थिक साक्षरता और व्यावहारिक कौशल का होना उतना ही जरूरी है, जितना कि परीक्षा में अंक प्राप्त करना। इस तरह के आयोजन हमारे युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक ठोस कदम हैं।" - डॉ. सतवीर सिंह, प्राचार्य, आईबी कॉलेज पानीपत
पानीपत के युवाओं और व्यवस्था पर दूरगामी प्रभाव
पानीपत लाइव ब्यूरो की इस ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रकार की कार्यशालाएं स्थानीय स्तर पर युवाओं की सोच में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। पानीपत केवल हथकरघा और टेक्सटाइल के लिए ही नहीं, बल्कि अब नए जमाने के निवेश और व्यापारिक गतिविधियों के लिए भी एक उभरता हुआ केंद्र बन रहा है। जब यहां के कॉलेज के छात्र कम उम्र में ही वित्तीय बाजारों की समझ हासिल कर लेते हैं, तो वे न केवल अपने व्यक्तिगत जीवन में आर्थिक रूप से मजबूत बनते हैं, बल्कि अपने परिवार और शहर के व्यापारिक ढांचे को भी नई दिशा देने में सक्षम होते हैं। आने वाले दिनों में शहर के अन्य शिक्षण संस्थानों में भी इस तरह के व्यावहारिक सत्र आयोजित किए जाने की योजना है, जिससे पानीपत की युवा पीढ़ी को भविष्य की आर्थिक चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार किया जा सके।




