पानीपत जिले के इसराना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ब्राह्मण माजरा गांव के समीप संचालित केएस स्पिनिंग मिल लिमिटेड में सुरक्षा में बड़ी चूक का मामला सामने आया है। यहां अज्ञात चोरों ने सुनियोजित तरीके से कंपनी के विशाल परिसर में धावा बोलते हुए सोलर ऊर्जा संयंत्र को निशाना बनाया। मिल परिसर के करीब चार एकड़ भूभाग पर स्थापित सोलर पैनलों से बहुमूल्य और भारी मात्रा में तांबे व अन्य धातुओं के कीमती तार चोरी कर लिए गए, जिससे औद्योगिक इकाई को आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ा है। इस घटना के बाद से स्थानीय औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।
घटना का खुलासा तब हुआ जब कंपनी के प्रबंधन तंत्र से जुड़े अधिकारी अपनी दैनिक और नियमित कार्यप्रणाली के तहत निरीक्षण कर रहे थे। मिल के अकाउंट मैनेजर नरेंद्र कुमार ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि वीरवार की सुबह जब वे प्लांट की नियमित मॉनिटरिंग के लिए पहुंचे, तो उनकी नजर सोलर प्लांट के खाली पड़े हिस्सों और टूटे-फूटे रास्तों पर पड़ी। नजदीक जाकर देखने पर पता चला कि सोलर पैनलों को आपस में जोड़ने वाले मुख्य और कीमती तार पूरी तरह गायब हैं। इसके बाद प्रबंधन ने अपने स्तर पर मिल के कर्मचारियों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास किया, लेकिन चोरों का कोई सुराग हाथ नहीं लग सका।
इसराना थाना पुलिस द्वारा प्राथमिकी दर्ज कर सीसीटीवी कैमरों की खंगाली जा रही फुटेज
प्राथमिक स्तर पर जब आंतरिक जांच से कोई सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आया, तो कंपनी प्रबंधन ने बिना कोई देरी किए स्थानीय पुलिस प्रशासन का दरवाजा खटखटाया। अकाउंट मैनेजर नरेंद्र कुमार ने इसराना थाना पुलिस को इस पूरी घटना की लिखित शिकायत दी। प्राप्त शिकायत के आधार पर पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए अज्ञात चोरों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और संबंधित प्रावधानों के तहत चोरी का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अपनी तफ्तीश तेज कर दी है और आरोपियों की धरपकड़ के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश देने की रणनीति तैयार की जा रही है।
इस मामले की अधिक जानकारी देते हुए इसराना थाना प्रभारी हरिराम ने बताया कि पुलिस टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर लिया है और फॉरएंसिक साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं। मिल परिसर के आसपास और आने-जाने वाले मुख्य मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला जा रहा है ताकि चोरों के आवागमन के रास्ते और उनके वाहनों की पहचान की जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फुटेज में कुछ संदिग्ध चेहरे नजर आए हैं, जिनकी शिकस्त के लिए स्थानीय मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय कर दिया गया है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस वारदात को अंजाम देने वाले शातिर चोरों को सलाखों के पीछे पहुंचाया जाएगा।
| घटना का विवरण | मुख्य तथ्य व जानकारी |
|---|---|
| प्रभावित संस्थान | केएस स्पिनिंग मिल लिमिटेड (ब्राह्मण माजरा, इसराना) |
| नुकसान का दायरा | लगभग 4 एकड़ क्षेत्र में लगे सोलर पैनलों के तार |
| खुलासा कब हुआ | वीरवार सुबह रूटीन निरीक्षण के दौरान |
| शिकायतकर्ता | नरेंद्र कुमार (अकाउंट मैनेजर) |
| पुलिस कार्रवाई | थाना इसराना में अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज, सीसीटीवी जांच जारी |
औद्योगिक इकाइयों और सोलर ऊर्जा संयंत्रों को इस प्रकार निशाना बनाए जाने की घटनाओं ने स्थानीय स्तर पर सुरक्षा के दावों की पोल खोल दी है। पानीपत जिला अपनी टेक्सटाइल और औद्योगिक पहचान के लिए पूरे देश में जाना जाता है, ऐसे में उद्योगों की संपत्तियों की सुरक्षा एक बड़ा सवाल बन गया है। इस घटना से न केवल केएस स्पिनिंग मिल प्रबंधन को नुकसान हुआ है, बल्कि अन्य मिल मालिकों में भी अपनी संपत्तियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। उद्योगपतियों ने मांग की है कि इस क्षेत्र में गश्त बढ़ाई जाए ताकि इस तरह की आपराधिक गतिविधियों पर समय रहते लगाम लगाई जा सके।
"कंपनी के सोलर प्लांट से कीमती तार चोरी होने की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत मौके का मुआयना किया। अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मिल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की मदद से संदिग्धों की पहचान की जा रही है और जल्द ही इस वारदात का पर्दाफाश कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।" - हरिराम, थाना प्रभारी, इसराना
औद्योगिक सुरक्षा और आगामी कानूनी कार्रवाई की दिशा
इस पूरी घटना के बाद केएस स्पिनिंग मिल प्रबंधन ने अपने आंतरिक सुरक्षा तंत्र को भी दुरुस्त करना शुरू कर दिया है। प्लांट के भीतर सुरक्षा गार्डों की तैनाती और उनके गश्त के समय में बदलाव किए गए हैं ताकि भविष्य में इस तरह की किसी भी दुस्साहसिक वारदात को दोबारा होने से रोका जा सके। प्रबंधन ने उम्मीद जताई है कि पुलिस जल्द ही इस गिरोह का भंडाफोड़ करेगी।
दूसरी ओर, इसराना थाना पुलिस इस मामले में किसी भी अंदरूनी व्यक्ति या पूर्व कर्मचारियों की संलिप्तता के एंगल से भी जांच कर रही है। चूंकि सोलर प्लांट का दायरा लगभग चार एकड़ में फैला हुआ है, इसलिए बिना किसी पूर्व रेकी या अंदरूनी जानकारी के इतने बड़े पैमाने पर कीमती तारों को चोरी करना आसान नहीं माना जा रहा है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए अपनी तफ्तीश को आगे बढ़ा रही है और इलाके के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड वाले संदिग्धों से भी पूछताछ की जा रही है।




