पानीपत जिले के मतलौडा थाना अंतर्गत आने वाले कुराना गांव में एक दम्पती के आवासीय परिसर को निशाना बनाकर किए गए गोलीकांड के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। जिला पुलिस की अपराध अन्वेषण शाखा (CIA-3) ने इस सनसनीखेज वारदात में संलिप्त दो मुख्य आरोपियों को दबोचने में कामयाबी हासिल की है। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और कानून-पालन को लेकर स्थानीय प्रशासन की सक्रियता बढ़ गई है, क्योंकि यह मामला सामाजिक सौहार्द और व्यक्तिगत स्वतंत्रता से जुड़ा हुआ है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस गिरफ्त में आए दोनों आरोपियों की पहचान भिवानी जिले के बड़ेसरा गांव निवासी अमन और सागर के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों को बुड़शाम चौक के पास से उस वक्त दबोचा जब वे किसी अन्य गतिविधि की फिराक में थे। इसके तुरंत बाद दोनों को स्थानीय अदालत के समक्ष पेश किया गया, जहां से न्यायाधीश ने उन्हें आगामी पूछताछ और साक्ष्य जुटाने के उद्देश्य से चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। जांच अधिकारी अब इनसे यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि इस वारदात को अंजाम देने के पीछे किन-किन अन्य लोगों का हाथ था और इसमें प्रयुक्त हथियार कहां से लाए गए थे।
घटना का पूरा विवरण और व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए रंजिश का खुलासा
यह पूरा मामला पिछले साल से सुलग रही रंजिश का परिणाम बताया जा रहा है। कुराना गांव निवासी सुरेंद्र पुत्र रामफल ने उरलाना पुलिस चौकी में अपनी शिकायत दर्ज कराई थी कि उसने करीब छह वर्ष पूर्व यानी 9 सितंबर 2019 को अपने परिजनों की सहमति के बिना स्वीटी के साथ प्रेम विवाह किया था। उनका विवाह पूरी तरह पंजीकृत था और वे कानूनी रूप से अपने घर में रह रहे थे। हालांकि, बीते कुछ समय से गांव में कुछ अन्य अंतर-सामुदायिक विवाह होने के बाद कुछ असामाजिक तत्वों ने इस जोड़े के खिलाफ माहौल बनाना शुरू कर दिया था।
शिकायतकर्ता सुरेंद्र के अनुसार, 'युवा एकता मंच कुराना' और 'युवा मंच कुराना' नाम से बने कुछ व्हाट्सएप ग्रुप्स में लगातार ऑडियो क्लिप्स भेजी जा रही थीं। इन ऑडियो संदेशों में उसके दूसरे समुदाय की युवती से विवाह करने पर खुली आपत्तियां जताई गई थीं। जब पीड़ित ने इस बात की तहकीकात की तो एक ऑडियो विक्की नामक युवक का होना पाया गया, जो कि कुराना गांव का ही रहने वाला है और वर्तमान में अवैध तरीकों से अमेरिका में रह रहा है। इसी विक्की द्वारा भेजे गए धमकी भरे संदेशों ने गांव का माहौल गरमाया, जिसके परिणामस्वरूप गत 13 अक्टूबर 2025 की रात लगभग दो बजे अज्ञात हमलावरों ने सुरेंद्र के घर के बाहर बनी बैठक की दीवार पर दो राउंड गोलियां दाग दीं।
| तथ्य | विवरण |
|---|---|
| घटना का स्थान | गांव कुराना, मतलौडा, पानीपत |
| गिरफ्तार आरोपी | अमन और सागर (निवासी बड़ेसरा, भिवानी) |
| कार्रवाई करने वाली टीम | सीआईए-3 (CIA-3 Panipat Police) |
| न्यायिक कार्रवाई | चार दिन का पुलिस रिमांड |
| मुख्य धारा | जान से मारने की नीयत से फायरिंग और धमकियां |
पुलिस की ताबड़तोड़ दबिश और आगे की कानूनी कार्रवाई
घटना की रात गोली चलने की आवाज सुनकर परिवार को शुरुआत में यही लगा कि शायद दीपावली के नजदीक होने के कारण किसी ने कोई पटाखा या बम फोड़ा होगा। लेकिन अगली सुबह जब सुरेंद्र ने घर से बाहर निकलकर जायजा लिया तो उनके होश उड़ गए। बैठक की ऊपरी दीवार पर गोलियों के दो स्पष्ट निशान मिले और जमीन पर दो खाली कारतूस भी पड़े हुए थे। इस खुलासे के बाद पीड़ित ने अपनी और अपने परिवार की जान को खतरा बताते हुए पुलिस से सख्त कार्रवाई की गुहार लगाई थी। मतलौडा थाना पुलिस ने तत्काल विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर मामले की फाइल सीआईए-3 को ट्रांसफर कर दी थी।
सीआईए-3 की टीम ने तकनीकी सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद से इस साजिश की परतें उधेड़नी शुरू कीं और आखिरकार दोनों आरोपियों तक पहुंचने में कामयाब रही। पुलिस का कहना है कि रिमांड के दौरान आरोपियों से गहराई से पूछताछ की जाएगी ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इस वारदात को अंजाम देने के लिए उन्हें किसने उकसाया था और क्या इसके पीछे कोई बड़ा आपराधिक षड्यंत्र काम कर रहा था। पुलिस की यह कार्रवाई उन सभी तत्वों के लिए एक कड़ा संदेश है जो कानून को अपने हाथ में लेने की कोशिश करते हैं।
"कानून व्यवस्था बिगाड़ने और किसी भी नागरिक की व्यक्तिगत स्वतंत्रता में दखल देने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। मतलौडा गोलीकांड में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया गया है, और इस मामले से जुड़े हर एक चेहरे को बेनकाब किया जाएगा।" - पानीपत पुलिस प्रवक्ता
स्थानीय जनजीवन और सामाजिक ताने-बाने पर प्रभाव
इस सनसनीखेज घटना के बाद से कुराना गांव और आसपास के ग्रामीण इलाकों में तनाव का माहौल देखा जा रहा है। स्थानीय नागरिकों और प्रबुद्ध जनों ने इस प्रकार की आपराधिक हरकतों की कड़ी निंदा की है। लोगों का कहना है कि पानीपत जिला हमेशा से अपनी व्यापारिक और सांस्कृतिक गंगा-जमुनी तहजीब के लिए जाना जाता रहा है, ऐसे में कुछ बाहरी या भटके हुए युवाओं द्वारा इस तरह की धमकियां देना समाज के ताने-बाने को कमजोर करने का प्रयास है। नागरिकों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि व्हाट्सएप ग्रुप्स के जरिए जहर घोलने वाले अन्य संदिग्धों को भी जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए ताकि गांव में शांति और भाईचारा कायम रह सके।
स्थानीय बुद्धिजीवियों ने युवाओं से भी अपील की है कि वे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फैलने वाली अफवाहों और भड़काऊ संदेशों से दूर रहें। इंटरनेट मीडिया पर इस प्रकार की बयानबाजी करने वालों पर साइबर सेल की पैनी नजर होनी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की हिंसक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।
प्रशासनिक सतर्कता और आगामी कदम
घटना की गंभीरता को देखते हुए पानीपत जिला प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। खुफिया एजेंसियों को भी ग्रामीण अंचलों में सक्रिय कर दिया गया है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से समय रहते निपटा जा सके। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच का दायरा केवल दो आरोपियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जिन व्हाट्सएप ग्रुप्स के माध्यम से धमकियां प्रसारित की गई थीं, उनके एडमिन और अन्य सदस्यों की भूमिका की भी फॉरेंसिक जांच की जाएगी। आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ और गिरफ्तारियां होने की पूरी संभावना है, जिससे पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश हो सकेगा।


