पानीपत जिले के मतलौडा थाना इलाके के अंतर्गत आने वाले कुराना गांव में छह साल पहले अंतरजातीय या अपनी मर्जी से प्रेम विवाह करने वाले एक परिवार को निशाना बनाने का मामला सामने आया है। इस संगीन घटना के तहत दंपती के आवास की बाहरी दीवार पर जान से मारने की नीयत से ताबड़तोड़ गोलियां दागी गई थीं। घटना के बाद से ही स्थानीय पुलिस और खुफिया एजेंसियां इस सनसनीखेज मामले की तह तक पहुंचने में जुटी हुई थीं। अब जाकर इस मामले में बड़ी सफलता हाथ लगी है, जहां पुलिस की विशेष टीम ने दो संदिग्धों को धर दबोचा है।
प्राप्त विस्तृत जानकारी के अनुसार, सीआईए-3 की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बुड़शाम चौक के नजदीक से दो आरोपियों को अपनी गिरफ्त में ले लिया है। पकड़े गए दोनों युवकों की पहचान भिवानी जिले के बड़ेसरा गांव निवासी अमन और सागर के तौर पर हुई है। पुलिस अधिकारियों ने दोनों आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से उन्हें गहन पूछताछ और हथियार बरामदगी के लिए चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। इस कार्रवाई से इलाके में फैले तनाव और सुरक्षा को लेकर बनी आशंकाओं के बीच पुलिस की मुस्तैदी की चर्चा है।
घटना का सिलसिलेवार विवरण और व्हाट्सएप ग्रुप की धमकी
इस पूरे मामले की जड़ें पिछले साल से सुलग रही सामाजिक दूरियों और सोशल मीडिया पर फैलाई गई नफरत से जुड़ी हैं। कुराना गांव के रहने वाले सुरेंद्र नामक पीड़ित व्यक्ति ने उरलाना पुलिस चौकी में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक, उसने अपने परिवार की सहमति के बिना 9 सितंबर 2019 को स्वीटी नाम की युवती के साथ प्रेम विवाह किया था। उनका यह विवाह कानूनन पंजीकृत है और वे शांतिपूर्वक अपने घर पर रह रहे थे। परंतु, पिछले कुछ समय से गांव की कुछ अन्य ऐसी शादियों के बाद कुछ लोगों के मन में इस दंपति के प्रति गहरी रंजिश पलने लगी थी।
शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया था कि 'युवा एकता मंच कुराना' और 'युवा मंच कुराना' नाम से बने दो अलग-अलग व्हाट्सएप ग्रुप्स में कई ऑडियो क्लिप प्रसारित किए गए थे। इन ऑडियो संदेशों में उसके द्वारा किए गए प्रेम विवाह का खुलकर जिक्र किया गया और दूसरे समुदाय या अपनी मर्जी से विवाह करने पर कड़ी आपत्ति जताई गई। जब पीड़ित ने इन धमकियों की पड़ताल की, तो पता चला कि एक ऑडियो क्लिप विक्की नाम के युवक की है, जो कुराना गांव का रहने वाला है और फिलहाल अवैध तरीके से अमेरिका में रह रहा है। उसी ने इन ग्रुप्स के माध्यम से माहौल को खराब करने और धमकी भरे संदेश प्रसारित किए थे।
| तथ्य | विवरण |
|---|---|
| घटना का स्थान | गांव कुराना, मतलौडा थाना क्षेत्र, पानीपत |
| गिरफ्तार आरोपी | अमन और सागर (निवासी बड़ेसरा, भिवानी) |
| पुलिस कार्रवाई इकाई | सीआईए-3, पानीपत पुलिस |
| पुलिस रिमांड | अदालत द्वारा स्वीकृत 4 दिन का रिमांड |
| घटना की तिथि | 13 अक्तूबर 2025 की रात |
रात्रि के समय घर की बैठक पर चलाई गई थीं गोलियां
मामले के घटनाक्रम के अनुसार, 13 अक्तूबर 2025 की रात करीब दो बजे कुछ अज्ञात बदमाश सुरेंद्र के घर के बाहर पहुंचे। उन्होंने घर के बाहर बनी बैठक की बाहरी दीवार को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ दो गोलियां चला दीं। उस समय रात का वक्त होने के कारण पीड़ित परिवार को लगा कि शायद दिवाली के आसपास के दिनों की तरह किसी ने कोई पटाखा या तेज आवाज वाला बम फोड़ा है। इस कारण उस वक्त परिवार के किसी सदस्य ने बाहर आकर देखने की जरूरत नहीं समझी और सब सोते रहे।
अगली सुबह जब करीब आठ बजे सुरेंद्र घर से बाहर निकले, तो उन्होंने अपनी बैठक की दीवार के ऊपरी हिस्से पर गोलियों के गहरे निशान देखे। इसके बाद जब आसपास नजर दौड़ाई गई, तो दीवार के ठीक नीचे दो खाली कारतूस भी पड़े मिले। इन साक्ष्यों को देखने के बाद परिवार के होश उड़ गए और उन्हें समझ आया कि यह कोई सामान्य आतिशबाजी नहीं, बल्कि उनकी जान लेने के इरादे से किया गया सुनियोजित हमला था। पीड़ित ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी और अपनी व अपने परिवार की सुरक्षा की गुहार लगाई।
"कुराना गांव में प्रेम विवाह करने वाले दंपती के घर पर फायरिंग करने वाले दो आरोपियों को सीआईए-3 ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों को रिमांड पर लेकर वारदात में प्रयुक्त हथियारों और अन्य संलिप्त लोगों के बारे में कड़ाई से पूछताछ की जा रही है। कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।" - स्थानीय पुलिस प्रशासन
कानूनी शिकंजा और आगे की सख्त प्रशासनिक कार्रवाई
मतलौडा थाना पुलिस ने पीड़ित सुरेंद्र की शिकायत के आधार पर शुरुआती दौर में ही विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की कमान सीआईए-3 की पेशेवर टीम को सौंपी गई थी। पुलिस अब पकड़े गए दोनों आरोपियों अमन और सागर से यह उगलवाने का प्रयास कर रही है कि इस वारदात को अंजाम देने के पीछे असल मास्टरमाइंड कौन था। क्या अमेरिका में बैठे विक्की के इशारे पर इन दोनों ने गोली चलाई थी या फिर स्थानीय स्तर पर कोई और गिरोह सक्रिय है, इन सभी बिंदुओं पर गहनता से तफ्तीश की जा रही है।
पानीपत जिले में इस तरह की आपराधिक और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली घटनाओं पर प्रशासनिक अमला पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है। पुलिस यह भी खंगाल रही है कि व्हाट्सएप ग्रुप्स में धमकियां देने और युवाओं को उकसाने में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि कानून को अपने हाथ में लेने वालों और समाज में डर का माहौल पैदा करने वाले किसी भी असामाजिक तत्व को बख्शा नहीं जाएगा। रिमांड के दौरान मिलने वाले इनपुट के आधार पर इस मामले में और भी बड़ी गिरफ्तारियां होने की पूरी संभावना है, जिससे पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश हो सकेगा।


