पानीपत के पॉश इलाके मॉडल टाउन स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु रामदास सिंह सभा इन दिनों सिख समुदाय के पावन और ऐतिहासिक आयोजनों का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। यहां साहिब श्री गुरु रामदास पातशाह के प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में चार दिवसीय धार्मिक समागम का आयोजन अत्यंत हर्षोल्लास और पारंपरिक गरिमा के साथ किया जा रहा है। ऐतिहासिक नगरी पानीपत के इस प्रतिष्ठित धार्मिक स्थल पर रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और गुरुघर में माथा टेककर आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं। इस आयोजन ने पूरे शहर के धार्मिक वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत कर दिया है।
समारोह के पहले दो दिनों में ही शहरभर से आए श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। गुरुद्वारे के भीतर और बाहर आकर्षक विद्युत सज्जा और फूलों की सजावट की गई है, जो आने वाले आगंतुकों का मन मोह रही है। पानीपत लाइव की ग्राउंड टीम द्वारा जुटाई गई जानकारी के अनुसार, प्रबंधन कमेटी द्वारा आगंतुकों की सुविधा और सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
मनमोहक कीर्तन गायन से सराबोर हुआ मॉडल टाउन गुरुद्वारा परिसर
गुरुद्वारा साहिब में चल रहे इस चार दिवसीय प्रकाश पर्व समागम के दूसरे दिन वीरवार को विशेष रूप से सजाए गए दीवान में क्षेत्र के प्रतिष्ठित रागी जत्थों ने अपनी मधुर वाणी में गुरु यश का गुणगान किया। जैसे ही रागी जत्थों ने गुरबाणी कीर्तन का गायन शुरू किया, पूरा हाल 'वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतेह' के जयकारों से गूंज उठा। उपस्थित संगत ने अनुशासन और एकाग्रता के साथ बैठकर शबद कीर्तन का श्रवण किया और आत्मिक शांति का अनुभव किया।
कीर्तन उपरांत अरदास के पश्चात गुरु के अटूट लंगर की सेवा आरंभ हुई, जिसमें जाति, पंथ और वर्ग के भेदभाव से परे हटकर हजारों की संख्या में पहुंचे लोगों ने जमीन पर बैठकर पंक्तिबद्ध होकर प्रसाद ग्रहण किया। गुरुद्वारे के सेवादारों ने पूरी तन्मयता के साथ लंगर की व्यवस्था को संभाला। इस दौरान स्थानीय लोगों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी अपनी सेवाएं प्रदान कर इस धार्मिक अनुष्ठान में पूर्ण सहयोग दिया।
| कार्यक्रम विवरण | दिनांक व समय | स्थान |
|---|---|---|
| भव्य कीर्तन दरबार (दूसरा दिन) | 23 अक्टूबर, सायं कालीन सत्र | गुरुद्वारा श्री गुरु रामदास सिंह सभा, मॉडल टाउन |
| दैनिक लंगर सेवा | 21 से 23 अक्टूबर, निरंतर | गुरुद्वारा परिसर, पानीपत |
| भव्य नगर कीर्तन यात्रा | 25 अक्टूबर, दोपहर 12:00 बजे | मॉडल टाउन मुख्य मार्ग |
प्रधान हरविंदर सिंह लाडी ने साझा की आगामी आयोजनों की रूपरेखा
गुरुद्वारा श्री गुरु रामदास सिंह सभा के प्रधान हरविंदर सिंह लाडी ने पानीपत लाइव के साथ विशेष बातचीत में बताया कि गुरु रामदास पातशाह का यह प्रकाश उत्सव संगत के सहयोग से बेहद भव्य रूप में मनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 21 से 23 अक्टूबर तक रोजाना शाम के समय विशेष दीवान सजाए जा रहे हैं, जिनमें बाहर से आने वाले विद्वान वक्ता और कथावाचक संगत को गुरु इतिहास से अवगत करा रहे हैं।
प्रधान हरविंदर सिंह लाडी ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि इस धार्मिक अनुष्ठान का मुख्य आकर्षण आगामी 25 अक्टूबर को आयोजित होने वाला महान अलौकिक नगर कीर्तन होगा। यह नगर कीर्तन दोपहर ठीक 12 बजे मॉडल टाउन के मुख्य बाजारों और मार्गों से होकर गुजरेगा, जिसके स्वागत के लिए स्थानीय दुकानदारों और निवासियों ने भी अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस शोभायात्रा में गतका पार्टियां अपने जौहर दिखाएंगी और स्कूल के बच्चे भी बैंड की धुनों पर शबद गायन करते हुए चलेंगे।
"गुरु रामदास पातशाह का प्रकाश पर्व हमारे लिए आत्मचिंतन और मानवता की सेवा का संदेश लेकर आता है। मॉडल टाउन गुरुद्वारे में चल रहे इन आयोजनों का उद्देश्य नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास और गुरुओं के मार्ग से जोड़ना है। 25 अक्टूबर को निकलने वाले नगर कीर्तन में पानीपत की समस्त संगत बढ़-चढ़कर हिस्सा ले और गुरु का आशीर्वाद प्राप्त करें।" - हरविंदर सिंह लाडी, प्रधान, गुरुद्वारा श्री गुरु रामदास सिंह सभा
स्थानीय जनजीवन और बाजार पर प्रभाव
इस बड़े धार्मिक आयोजन के चलते पानीपत के मॉडल टाउन और आसपास के बाजारों में खासी रौनक देखने को मिल रही है। शाम के समय जब कीर्तन दरबार सजता है, तो गुरुद्वारे के आसपास यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए स्थानीय प्रबंधन और ट्रैफिक पुलिस तालमेल बिठाकर काम कर रही है। व्यापारियों का कहना है कि ऐसे आयोजनों से न केवल आध्यात्मिक वातावरण मजबूत होता है बल्कि स्थानीय बाजारों में भी सकारात्मक ऊर्जा और चहल-पहल बनी रहती है।
आगामी 25 अक्टूबर को निकलने वाले नगर कीर्तन के मद्देनजर प्रशासन और गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी ने सुरक्षा और रूट डायवर्जन को लेकर भी आपसी चर्चा शुरू कर दी है ताकि शहरवासियों को किसी प्रकार की आवागमन संबंधी परेशानी का सामना न करना पड़े। आयोजकों ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे इस पावन अवसर पर अधिक से अधिक संख्या में पहुंचें और इस ऐतिहासिक नगर कीर्तन को सफल बनाएं।




