आगामी त्योहारों के सीजन और यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए पानीपत रेलवे स्टेशन पर कानून एवं व्यवस्था की स्थिति को पुख्ता करने के लिए राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है। इसी कड़ी में शुक्रवार को स्टेशन परिसर में एक विशेष और गहन जांच अभियान संचालित किया गया, जिसमें पुलिस बल के साथ-साथ विशेष अनुसंधान इकाइयों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य किसी भी संभावित अप्रिय घटना को समय रहते टालना और स्टेशन पर आने-जाने वाले यात्रियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करना था।
सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद बनाने के लिए इस अभियान में विशेष तौर पर मधुबन से प्रशिक्षित डॉग स्क्वायड की टीम को बुलाया गया था। डॉग स्क्वायड और जीआरपी के संयुक्त दल ने रेलवे स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार से लेकर प्लेटफॉर्म्स, रेलवे यार्ड, और यात्री प्रतीक्षालय (वेटिंग रूम) के चप्पे-चप्पे की बारीकी से पड़ताल की। इस दौरान यात्रियों के भारी-भरकम सामान के साथ-साथ लावारिस पड़ी वस्तुओं की भी आधुनिक उपकरणों और श्वान दस्ते की मदद से गहन जांच की गई, ताकि सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक की कोई गुंजाइश न बचे।
प्लेटफॉर्म से लेकर यार्ड तक चली सघन छानबीन
शुक्रवार को चले इस विशेष अभियान के तहत सुरक्षा बलों ने रेलवे स्टेशन के प्रत्येक हिस्से को अपनी निगरानी में ले लिया। जीआरपी के जवानों ने ट्रेन के आने और जाने के समय विशेष सतर्कता बरतते हुए सामान्य डिब्बों और प्लेटफॉर्म पर घूम रहे लोगों पर पैनी नजर रखी। अभियान के दौरान सुरक्षा कर्मियों ने स्टेशन परिसर में मौजूद संदिग्ध किस्म के प्रतीत होने वाले यात्रियों और व्यक्तियों से रुकवाकर पूछताछ भी की तथा उनके पहचान पत्रों का सत्यापन किया।
यात्रियों की सुरक्षा और रेलवे संपत्ति की हिफाजत के लिहाज से यह अभियान काफी अहम माना जा रहा है। हालांकि, घंटों चले इस व्यापक तलाशी और जांच अभियान के दौरान रेलवे स्टेशन परिसर में कोई भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई। सुरक्षा एजेंसियों द्वारा की गई इस मुस्तैद कार्रवाई से यात्रियों ने भी राहत की सांस ली और पुलिस प्रशासन के इस कदम की सराहना की।
| जांच अभियान विवरण | मुख्य बिंदु |
|---|---|
| संचालन एजेंसी | राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) पानीपत |
| विशेष सहयोग | मधुबन डॉग स्क्वायड टीम |
| जांच के प्रमुख स्थल | प्लेटफॉर्म, रेलवे यार्ड, प्रतीक्षालय और प्रवेश द्वार |
| बरामदगी | कोई संदिग्ध वस्तु नहीं पाई गई |
| अभियान का उद्देश्य | त्योहारों के मद्देनजर सुरक्षा पुख्ता करना |
अधिकारियों की सतर्कता और सुरक्षा के कड़े निर्देश
कार्रवाई के दौरान जीआरपी के वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर मौजूद रहकर स्थिति का जायजा लिया और जवानों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अधिकारियों का साफ तौर पर कहना है कि त्योहारों के दिनों में रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ती है, जिसका फायदा असामाजिक तत्व उठाने का प्रयास कर सकते हैं। इसी9 संभावना को शून्य करने के लिए इस प्रकार के औचक और विशेष चेकिंग अभियानों को आने वाले दिनों में भी निरंतर जारी रखा जाएगा।
जीआरपी प्रभारी धर्मपाल ने अभियान की पुष्टि करते हुए बताया कि यात्रियों की सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, 'त्योहारों के सीजन को देखते हुए शुक्रवार को स्टेशन पर विशेष जांच अभियान चलाया गया था। इस दौरान डॉग स्क्वायड की मदद से प्लेटफॉर्म, यार्ड और प्रतीक्षालय में हर कोने की जांच की गई। गनीमत रही कि इस दौरान कोई भी संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति नहीं पाया गया, फिर भी हम पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं।'
"त्योहारों के मद्देनजर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्टेशन पर विशेष जांच अभियान चलाया गया है। डॉग स्क्वायड की टीम के साथ प्लेटफॉर्म और यार्ड की बारीकी से जांच की गई है। हालांकि कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है, लेकिन हमारी चौकसी लगातार जारी रहेगी।" - धर्मपाल, जीआरपी प्रभारी
यात्रियों की सुविधा और व्यवस्था पर प्रभाव
इस प्रकार के सुरक्षा अभियानों के संचालन से रेलवे स्टेशन पर आवागमन करने वाले आम यात्रियों में एक सकारात्मक संदेश गया है। यात्रियों का मानना है कि इस तरह की सख्त और नियमित चेकिंग से अपराधियों और संदिग्ध तत्वों के मन में खौफ पैदा होता है, जिससे सफर सुरक्षित बनता है। स्थानीय नागरिकों और रेल यात्रियों ने प्रशासन से मांग की है कि इस तरह के अभियान केवल त्योहारों तक सीमित न रहकर नियमित रूप से चलाए जाने चाहिए।
आगामी कदम और निगरानी व्यवस्था
आने वाले दिनों में त्योहारों के सीजन के पीक पर पहुंचने को देखते हुए जीआरपी और आरपीएफ (RPF) ने आपसी तालमेल को और अधिक मजबूत कर लिया है। रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी कैमरों की निगरानी बढ़ा दी गई है और कंट्रोल रूम से हर गतिविधि पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है। खुफिया तंत्र को भी सक्रिय कर दिया गया है ताकि किसी भी संदेहास्पद गतिविधि की सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई की जा सके।




