हरियाणा के पानीपत जिले के समालखा स्थित भोडवाल माजरी में इन दिनों मानवता और आध्यात्मिकता का एक अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। यहाँ आयोजित 79वें वार्षिक संत निरंकारी समागम में श्रद्धा का ऐसा सैलाब उमड़ा है कि पूरा क्षेत्र 'निरंकारी नगरी' के रूप में तब्दील हो गया है। समागम के शुरुआती दो दिनों के भीतर ही देश और विदेश के कोने-कोने से आए लगभग पांच लाख श्रद्धालु अपनी हाजिरी लगा चुके हैं। पानीपत लाइव की ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, समागम स्थल पर चारों ओर सेवा, सिमरन और सत्संग की गूंज सुनाई दे रही है।
भोडवाल माजरी में आस्था का महाकुंभ: 5 लाख श्रद्धालुओं ने टेका मत्था
समालखा के जीटी रोड स्थित इस विशाल आध्यात्मिक स्थल पर भक्तों के आने का सिलसिला थम नहीं रहा है। मिशन के पदाधिकारियों के अनुसार, इस बार श्रद्धालुओं का उत्साह पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड तोड़ रहा है। समागम के पहले और दूसरे दिन पंडालों में बैठने की जगह कम पड़ती दिखाई दी, जिसके बाद आयोजकों ने अतिरिक्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं। श्रद्धालुओं में न केवल हरियाणा, बल्कि पंजाब, राजस्थान, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और विदेशों से आए अनुयायी भी शामिल हैं, जो मानवता के इस संदेश को आत्मसात करने पहुंचे हैं।
| विवरण | महत्वपूर्ण जानकारी |
|---|---|
| आयोजन का नाम | 79वां वार्षिक संत निरंकारी समागम |
| मुख्य स्थल | भोडवाल माजरी, समालखा (पानीपत) |
| श्रद्धालुओं की संख्या (2 दिन) | लगभग 5,00,000 |
| रविवार का समय | दोपहर 1:00 बजे से रात्रि 8:30 बजे तक |
| सोमवार का समय | दोपहर 2:00 बजे से रात्रि 8:00 बजे तक |
| मुख्य संबोधन | सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज |
रविवार का विशेष कार्यक्रम और सतगुरु माता के अमृत वचन
समागम का तीसरा दिन यानी रविवार सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अवकाश का दिन होने के कारण दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के पड़ोसी जिलों से लाखों की संख्या में अतिरिक्त श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। रविवार दोपहर एक बजे से मुख्य पंडाल में भव्य सत्संग की शुरुआत होगी, जो देर रात तक जारी रहेगा। इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के अमृत वचन होंगे। माता जी अपने संबोधन में विश्व बंधुत्व, प्रेम और शांति का संदेश देंगी, जिसे सुनने के लिए लाखों भक्त आतुर हैं।
"इस वर्ष समागम में श्रद्धालुओं की संख्या में भारी वृद्धि देखी जा रही है। इसे देखते हुए मिशन द्वारा ठहरने, खाने-पीने और अन्य नागरिक सुविधाओं के अभूतपूर्व प्रबंध किए गए हैं ताकि किसी भी भक्त को असुविधा न हो।" — अशोक सुखीजा, सचिव, संत निरंकारी मिशन
अभूतपूर्व व्यवस्थाएं: ठहरने से लेकर लंगर तक के व्यापक प्रबंध
इतनी विशाल संख्या में पहुंच रहे श्रद्धालुओं के लिए समागम स्थल पर एक अस्थाई शहर बसाया गया है। यहाँ विशाल लंगर की व्यवस्था की गई है, जहाँ हजारों सेवादार दिन-रात अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पीने के पानी, स्वच्छता और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए विशेष कैंप लगाए गए हैं। मिशन के सेवादारों के साथ-साथ स्थानीय प्रशासन भी सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने में जुटा हुआ है। पंडाल के भीतर और बाहर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जा रही है ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके।
स्थानीय जनजीवन और आगामी कार्यक्रम
समागम के चलते समालखा और आसपास के क्षेत्रों में भारी चहल-पहल है। जीटी रोड पर यातायात के सुगम संचालन के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है। सोमवार को भी समागम का आयोजन दोपहर दो बजे से शुरू होगा, जिसमें विभिन्न राज्यों की संस्कृतियों और भाषाओं के माध्यम से भक्ति का संदेश दिया जाएगा। सोमवार रात्रि को सतगुरु माता के अंतिम प्रवचनों के साथ इस वार्षिक उत्सव का औपचारिक समापन होगा। पानीपत लाइव की टीम लगातार इस आयोजन की हर गतिविधि पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए है।




