पानीपत जिले के ग्रामीण अंचलों में स्कूली बच्चों के बीच होने वाली मामूली कहासुनी अब बड़े खूनी संघर्षों में तब्दील होने लगी है। ताजा घटनाक्रम बापौली और इसराना क्षेत्र का है, जहाँ छात्रों के आपसी विवाद ने परिवारों को आमने-सामने ला खड़ा किया। बापौली गांव में बच्चों की दोस्ती को लेकर शुरू हुई रंजिश इस कदर बढ़ी कि एक पक्ष ने दूसरे पक्ष के घर पर धावा बोल दिया। इस हमले में महिलाओं सहित परिवार के कई सदस्य लहूलुहान हो गए हैं, जिन्हें उपचार के लिए जिला नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
बापौली थाना पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए 14 नामजद आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। वहीं, दूसरी ओर इसराना के एक निजी स्कूल में भी लंच ब्रेक के दौरान एक छात्र पर जानलेवा हमला करने का मामला सामने आया है। ये घटनाएं जिले में स्कूली बच्चों के बीच बढ़ती हिंसक प्रवृत्ति और कानून व्यवस्था के प्रति बेखौफ रवैये पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
बापौली में घर में घुसकर किया हमला: 14 लोगों पर FIR
बापौली निवासी अंकुर द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, विवाद की जड़ें स्कूल से जुड़ी हैं। अंकुर के दो भतीजे गांव के ही एक निजी स्कूल में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इसी स्कूल में दूसरे पक्ष के रामकिशन और सुभाष के बेटे भी पढ़ते हैं। आरोप है कि छात्रों के बीच आपसी दोस्ती और मेलजोल को लेकर कुछ समय से कहासुनी चल रही थी। इसी बात की रंजिश रखते हुए दूसरे पक्ष ने योजनाबद्ध तरीके से हमला किया।
शिकायतकर्ता ने बताया कि जब वह अपने भाई टिक्कू, पिता लख्मीचंद और माता शीला के साथ घर के बाहर गली में बैठा था, तभी आरोपियों ने लाठी-डंडों और गंडासियों से उन पर हमला कर दिया। इस अचानक हुए हमले में परिवार के सदस्यों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। चीख-पुकार सुनकर जब तक ग्रामीण इकट्ठा हुए, आरोपी मौके से फरार हो चुके थे।
| घटना का स्थान | विवाद का मुख्य कारण | कुल आरोपी | घायलों की स्थिति |
|---|---|---|---|
| बापौली (पानीपत) | स्कूली बच्चों की दोस्ती पर रंजिश | 14 (नामजद) | गंभीर (अस्पताल में भर्ती) |
| इसराना (निजी स्कूल) | पुरानी रंजिश व गाली-गलौज | 2 छात्र | सिर में गंभीर चोट |
इसराना: स्कूल के शौचालय में छात्र को लहूलुहान किया
हिंसा की दूसरी घटना इसराना कस्बे के एक प्रतिष्ठित निजी स्कूल में घटित हुई। यहाँ 10वीं कक्षा के छात्र मनीष को उसके ही सहपाठियों ने निशाना बनाया। घायल छात्र के परिजनों के मुताबिक, मनीष को पिछले कुछ दिनों से धमकियाँ मिल रही थीं। बुधवार को जब लंच टाइम हुआ, तो मनीष शौचालय गया था। वहीं पर घात लगाकर बैठे अन्य छात्रों ने पुरानी रंजिश के चलते उस पर हमला कर दिया।
हमले में मनीष के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों पर गंभीर चोटें आई हैं। स्कूल संचालक ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही तुरंत पुलिस और परिजनों को सूचित किया गया। घायल छात्र को प्राथमिक उपचार के बाद पानीपत के सिविल अस्पताल रेफर कर दिया गया है।
अधिकारियों और पुलिस की कार्रवाई
"बापौली मामले में अंकुर की शिकायत पर महिलाओं सहित 14 लोगों के खिलाफ आईपीसी की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। बच्चों के विवाद में बड़ों का हस्तक्षेप और हिंसा कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुलिस की टीमें आरोपियों की धरपकड़ के लिए दबिश दे रही हैं।"
— फतेह सिंह, थाना प्रभारी, बापौली
इसराना मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए थाना प्रभारी हरिराम ने बताया कि स्कूल में हुए झगड़े की सूचना मिली थी। दोनों पक्षों के परिजनों को थाने बुलाया गया है और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगामी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। पुलिस स्कूल में लगे सीसीटीवी फुटेज की भी जांच कर रही है ताकि घटना की सत्यता का पता चल सके।
स्थानीय जनजीवन और सुरक्षा पर प्रभाव
इन दो लगातार हुई घटनाओं ने अभिभावकों के मन में डर पैदा कर दिया है। ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों के विवाद का सामुदायिक संघर्ष में बदलना सामाजिक ताने-बाने के लिए खतरा बनता जा रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि स्कूलों में अनुशासन और सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा करने की जरूरत है। साथ ही, बच्चों के व्यवहार पर निगरानी रखने के लिए अभिभावकों और शिक्षकों के बीच बेहतर समन्वय अनिवार्य है।
आगामी कदम और कानूनी प्रक्रिया
बापौली पुलिस अब घायलों के बयान दर्ज कर रही है और हमले में इस्तेमाल किए गए हथियारों की बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं इसराना मामले में स्कूल प्रबंधन पर भी सुरक्षा चूक को लेकर सवाल उठ रहे हैं। जिला शिक्षा विभाग भी इन घटनाओं का संज्ञान ले सकता है। आगामी दिनों में पुलिस द्वारा आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी ताकि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनी रहे।

