पानीपत जिले में अवैध नशीले पदार्थों के खिलाफ छेड़े गए जन-जागरूकता अभियान को और अधिक धार देते हुए स्थानीय पुलिस प्रशासन लगातार धरातल पर उतर रहा है। इसी कड़ी में शुक्रवार को मतलौडा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले उरलाना कलां गांव में एक विशेष अभियान का संचालन किया गया। इस दौरान प्रशासनिक अमले ने ग्रामीण अंचल और शैक्षणिक संस्थानों को विशेष रूप से लक्षित करते हुए युवा पीढ़ी को नशे की काली छाया से बचाने के लिए पुख्ता प्रयास किए। क्षेत्र में लगातार बढ़ रही इस सामाजिक बुराई के खिलाफ यह पहल मील का पत्थर साबित हो रही है, जिससे आम जनमानस में भी सकारात्मक संदेश जा रहा है।
इस व्यापक जागरूकता अभियान का मुख्य केंद्र राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल उरलाना कलां रहा, जहां सुबह की सभा के दौरान विद्यार्थियों को नशे के विनाशकारी परिणामों के बारे में विस्तार से बताया गया। पुलिस अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं को समझाया कि कैसे शौक या संगति के कारण शुरू हुआ नशे का यह जहर धीरे-धीरे उनके पूरे भविष्य, परिवार और शरीर को खोखला कर देता है। स्कूल के प्रांगण में मौजूद सभी शिक्षकों, विद्यार्थियों और प्रशासनिक कर्मियों ने सामूहिक रूप से यह संकल्प लिया कि वे न केवल खुद इस बुराई से दूर रहेंगे, बल्कि अपने आस-पास के समाज को भी इसके प्रति जागरूक करेंगे।
डोर-टू-डोर संपर्क और ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी
विद्यालय परिसर में औपचारिक कार्यक्रम संपन्न होने के बाद, पुलिस बल ने अपनी रणनीति का दायरा बढ़ाते हुए उरलाना कलां गांव की गलियों में डोर-टू-डोर जनसंपर्क अभियान शुरू किया। डीएसपी प्रणय कुमार के मार्गदर्शन में उतरी पुलिस टीमों ने घर-घर जाकर महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं से सीधा संवाद स्थापित किया। अधिकारियों ने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों की दैनिक गतिविधियों और उनकी मित्र मंडली पर पैनी नजर रखें ताकि किशोरावस्था में ही किसी भी गलत रास्ते पर जाने से उन्हें समय रहते रोका जा सके।
ग्रामीणों को यह भी समझाया गया कि यदि उनके मोहल्ले या आस-पास के क्षेत्र में कोई संदिग्ध व्यक्ति नशीले पदार्थों की खरीद-फरोख्त में संलिप्त पाया जाता है, तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस तक पहुंचाई जानी चाहिए। इस डोर-टू-डोर अभियान के दौरान स्थानीय निवासियों ने पुलिस प्रशासन की इस पहल का खुलकर स्वागत किया और भरोसा दिलाया कि वे समाज को नशा मुक्त बनाने के इस महाअभियान में पूरी निष्ठा के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग करेंगे।
| अभिज्ञा एवं विवरण | विवरण और आंकड़े |
|---|---|
| अभियान का स्थान | राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल, उरलाना कलां (मतलौडा, पानीपत) |
| नेतृत्वकर्ता | डीएसपी प्रणय कुमार |
| प्रमुख गतिविधि | डोर-टू-डोर जनसंपर्क, स्कूल में शपथ ग्रहण और काउंसलिंग |
| निशुल्क उपचार केंद्र | जिला नागरिक अस्पताल, पानीपत |
| समर्पण हेल्पलाइन नंबर | 1933 (नशा तस्करी की गुप्त सूचना हेतु) |
चिकित्सकीय सहायता और कानून की सख्त चेतावनी
अभियान के दौरान पुलिस अधिकारियों ने एक बेहद महत्वपूर्ण और राहत भरी जानकारी साझा करते हुए बताया कि जो व्यक्ति पहले से ही किसी प्रकार की लत के शिकार हो चुके हैं, उन्हें घबराने की आवश्यकता नहीं है। जिला नागरिक अस्पताल पानीपत में ऐसे पीड़ितों के लिए विशेष परामर्श और पुनर्वास केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जहां पूरी तरह निशुल्क चिकित्सा और उपचार की व्यवस्था उपलब्ध है। परिवारजन बिना किसी झिझक के अपने अपनों को वहां ले जाकर उनका इलाज करवा सकते हैं ताकि उन्हें एक बार फिर से सामान्य और स्वस्थ जीवन जीने का अवसर मिल सके।
दूसरी ओर, तस्करों और सौदागरों को चेतावनी देते हुए पुलिस ने स्पष्ट किया कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा। असामाजिक तत्वों पर नकेल कसने के लिए सरकार और पुलिस विभाग द्वारा विशेष टोल-फ्री और हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं। कोई भी नागरिक बिना अपनी पहचान उजागर किए हेल्पलाइन नंबर 1933 पर कॉल करके अवैध कारोबारियों की गुप्त सूचना दर्ज करवा सकता है, जिस पर तुरंत प्रभाव से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
"नशा एक ऐसी दीमक है जो हंसते-खेलते परिवारों को अंदर से खोखला कर देती है। पानीपत पुलिस का यह प्रयास है कि हमारे जिले का युवा खेल और शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़े, न कि किसी गलत लत में फंसे। उरलाना कलां के नागरिकों और विद्यार्थियों ने जो संकल्प लिया है, वह एक स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में मजबूत कदम है।" - डीएसपी प्रणय कुमार
युवाओं और भविष्य की दिशा में प्रशासनिक प्रतिबद्धता
पानीपत जिले के ग्रामीण अंचलों में चलाए जा रहे इस प्रकार के जागरूकता सत्रों का सीधा असर युवाओं की सोच पर पड़ रहा है। खेल मैदानों और शैक्षणिक संस्थानों को केंद्र बिंदु मानकर पुलिस द्वारा उठाए जा रहे कदम आने वाले दिनों में और अधिक व्यापक रूप लेने वाले हैं। स्थानीय बुद्धिजीवियों और शिक्षाविदों का मानना है कि केवल पुलिस कार्रवाई से इस समस्या का समाधान संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए उरलाना कलां जैसी सामुदायिक पहलों का होना बेहद अनिवार्य है जहां हर वर्ग के लोग मिलकर इसके खिलाफ मुखर हों।
प्रशासन की ओर से यह भी घोषणा की गई है कि पानीपत जिले के अन्य गांवों और वार्डों में भी चरणबद्ध तरीके से ऐसे जागरूकता शिविरों का आयोजन किया जाएगा। युवाओं को सकारात्मक दिशा देने के लिए खेल प्रतियोगिताओं और कौशल विकास कार्यक्रमों के साथ भी जोड़ा जा रहा है ताकि उनका ध्यान नकारात्मक गतिविधियों से पूरी तरह भटकाया जा सके। उरलाना कलां में संपन्न हुआ यह सफल अभियान पूरे जिले के लिए एक मिसाल बन गया है, जो यह दर्शाता है कि जनसहयोग और पुलिस की सक्रियता से किसी भी सामाजिक कुप्रथा को जड़ से उखाड़ फेंका जा सकता है।



