पानीपत जिले के सनौली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नन्हेड़ा गांव में मंगलवार को एक विशेष जनसंपर्क और सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान यमुना सुधार समिति के प्रदेशाध्यक्ष एडवोकेट रत्तन सिंह रावल ने गांव का दौरा किया और स्थानीय बुजुर्गों से आत्मीय शिष्टाचार भेंट की। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र के वरिष्ठ नागरिकों का हालचाल जानना और समाज निर्माण में उनके अमूल्य योगदान के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करना था। गांव की चौपाल पर आयोजित इस मिलन समारोह में ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और आगत अतिथियों का पारंपरिक तरीके से फूल-मालाएं पहनाकर गर्मजोशी से स्वागत किया।
समारोह के दौरान एडवोकेट रत्तन सिंह रावल ने व्यक्तिगत रूप से गांव के 60 वर्ष से अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों को आदरपूर्वक शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। उन्होंने सभी बुजुर्गों से आशीर्वाद प्राप्त किया और उनके स्वास्थ्य तथा लंबी उम्र के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। इस अवसर पर पूरा माहौल बेहद आत्मीय और सांस्कृतिक गरिमा से परिपूर्ण नजर आया, जहां युवा पीढ़ी ने भी अपने बुजुर्गों के अनुभवों से सीख लेने का संकल्प दोहराया। ग्रामीणों ने समिति के इस अनूठे प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से सामाजिक ताना-बाना मजबूत होता है और वरिष्ठ जनों को अकेलापन महसूस नहीं होता।
वरिष्ठ नागरिकों के जीवन अनुभवों और समाज सेवा पर विशेष चर्चा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यमुना सुधार समिति के प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि ग्रामीण अंचल और आसपास के इलाकों में रहने वाले वरिष्ठ नागरिक वास्तव में पूरे समाज के लिए एक जीवंत प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बुजुर्गों के पास लंबा जीवन अनुभव होता है, और उनकी ओर से दी जाने वाली सीख व मार्गदर्शन युवा पीढ़ी को सही राह दिखाने का कार्य करता है। एडवोकेट रावल ने कहा कि हमारी संस्कृति का मूल आधार ही बड़ों का आदर करना और उनकी सीख का अनुसरण करना रहा है, जिसे वर्तमान पीढ़ी को आगे भी बनाए रखना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि शासन, प्रशासन और सामाजिक संस्थाएं हमेशा से वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण और सम्मान के लिए प्रतिबद्ध रही हैं। बुजुर्गों के अधिकारों और उनकी सेहत की देखभाल करना समाज का सामूहिक उत्तरदायित्व है। कार्यक्रम में मौजूद बुजुर्गों ने भी अपने जीवन के पुराने अनुभवों को साझा किया और आज की युवा पीढ़ी को अनुशासन व मेहनत के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। इस दौरान स्थानीय स्तर पर आ रही कुछ सामान्य जनसमस्याओं पर भी चर्चा की गई, जिनके समाधान के लिए आपसी सहमति से रूपरेखा तैयार करने की बात कही गई।
| कार्यक्रम विवरण | मुख्य तथ्य व जानकारी |
|---|---|
| स्थान | नन्हेड़ा गांव, सनौली, पानीपत |
| मुख्य अतिथि | एडवोकेट रत्तन सिंह रावल (प्रदेशाध्यक्ष, यमुना सुधार समिति) |
| प्रमुख गतिविधि | 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों का सम्मान व हालचाल |
| सम्मान प्रतीक | शॉल ओढ़ाकर व फूल-मालाओं से स्वागत |
| सामाजिक अनुभव | पिछले 32 वर्षों से यमुना संरक्षण व जनसेवा सक्रियता |
तीन दशकों से अधिक समय से सामाजिक सरोकारों से जुड़े हैं रावल
एडवोकेट रत्तन सिंह रावल का सामाजिक क्षेत्र में एक लंबा और प्रतिष्ठित सफर रहा है। पिछले करीब 32 वर्षों से वे लगातार यमुना सुधार समिति के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, विशेषकर यमुना नदी को बचाने और इसके प्रति जन-जागरूकता फैलाने के अभियानों में सक्रिय रूप से जुटे रहे हैं। इसके साथ ही क्षेत्र में युवाओं को नशे से दूर रखने और उनकी खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन कराना भी उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहा है।
स्थानीय बुद्धिजीवियों का मानना है कि इस प्रकार के जनहितैषी कार्य न केवल समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं, बल्कि विभिन्न वर्गों के बीच आपसी भाईचारे और समरसता को भी बढ़ावा देते हैं। सनौली और आसपास के ग्रामीण इलाकों में रावल के इस दौरे से लोगों में काफी उत्साह देखा गया। लोगों ने कहा कि जब समाज के जिम्मेदार लोग इस प्रकार से जमीनी स्तर पर आकर बुजुर्गों की सुधि लेते हैं, तो इससे आमजन का शासन-प्रशासन और सामाजिक संगठनों पर भरोसा और अधिक मजबूत होता है।
"हमारे बुजुर्ग समाज की नींव हैं। उनका आशीर्वाद और मार्गदर्शन ही हमें हर कठिनाई से पार पाने की शक्ति देता है। यमुना सुधार समिति हमेशा से पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ सामाजिक समरसता और जनहित के कार्यों के लिए समर्पित रही है और आगे भी यह सेवा भाव निरंतर जारी रहेगा।" - एडवोकेट रत्तन सिंह रावल, प्रदेशाध्यक्ष, यमुना सुधार समिति
ग्रामीण आंचल में सुदृढ़ होती सामाजिक और पारिवारिक परंपराएं
इस प्रकार के आयोजनों से ग्रामीण क्षेत्रों में पारंपरिक पारिवारिक मूल्यों को पुनर्जीवित करने में बड़ी मदद मिलती है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में अक्सर बुजुर्गों को वह मान-सम्मान नहीं मिल पाता जिसके वे अधिकारी होते हैं, लेकिन सनौली के नन्हेड़ा गांव में जिस प्रकार से पूरा समाज एकजुट होकर वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान में आगे आया, वह एक सराहनीय उदाहरण है। इससे आने वाले समय में अन्य गांवों में भी इस तरह की सकारात्मक पहल शुरू होने की पूरी उम्मीद है।
स्थानीय नागरिकों और प्रबुद्ध जनों ने उम्मीद जताई है कि यमुना सुधार समिति आने वाले दिनों में यमुना खादर और सनौली क्षेत्र के विकास, पर्यावरण शुद्धि और ग्रामीण युवाओं के कल्याण के लिए अपने अभियानों को और अधिक व्यापक स्तर पर चलाएगी। कार्यक्रम के अंत में सभी ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं और भविष्य में भी ऐसे आयोजनों को निरंतर आयोजित करने का संकल्प लिया।




