हरियाणा प्रशासनिक व्यवस्था के सबसे महत्वपूर्ण संस्थान हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) की कमान अब सतीश सैनी के हाथों में आ गई है। गुरुवार सुबह चंडीगढ़ स्थित लोक भवन में आयोजित एक गरिमामय समारोह में सतीश सैनी ने आयोग के नए चेयरमैन के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। प्रदेश के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने उन्हें शपथ दिलाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण और पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया विशेष रूप से उपस्थित रहे।
नए अध्यक्ष की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब राज्य में प्रशासनिक पदों के लिए चयन प्रक्रिया, पारदर्शिता और परीक्षाओं के समयबद्ध संचालन को लेकर अभ्यर्थियों और राजनीतिक हलकों में निरंतर चर्चाएं बनी हुई हैं। सतीश सैनी के सामने आयोग की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने, विवादों से दूर रखने और अभ्यर्थियों के बीच साख को और मजबूत करने की एक बड़ी प्रशासनिक जिम्मेदारी होगी।
सतीश सैनी का शपथ ग्रहण समारोह और उच्चस्तरीय उपस्थिति
चंडीगढ़ स्थित लोक भवन में गुरुवार सुबह ठीक 11 बजे आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में राज्य सरकार के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी और जन प्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, गृह सचिव सुधीर राजपाल तथा पंजाब विधानसभा के अध्यक्ष सहित कई गणमान्य नागरिक शामिल हुए। नए चेयरमैन सतीश सैनी के परिजन और निकट संबंधी भी इस खास क्षण के साक्षी बने।
| महत्वपूर्ण पहलू | संबद्ध जानकारी |
|---|---|
| नवनियुक्त पद | अध्यक्ष, हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) |
| पदभार ग्रहणकर्ता | सतीश सैनी |
| शपथ स्थल व समय | लोक भवन, चंडीगढ़ (सुबह 11:00 बजे) |
| शपथ ग्रहण कराने वाली अथॉरिटी | राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष |
| शीर्ष उपस्थित महानुभाव | CM नायब सिंह सैनी, विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण, राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया |
पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और विश्वास बहाली की मुख्य चुनौती
हरियाणा लोक सेवा आयोग राज्य के विभिन्न सरकारी विभागों में प्रथम श्रेणी (Class I) और द्वितीय श्रेणी (Class II) के राजपत्रित अधिकारियों की भर्ती आयोजित करने वाली नोडल संस्था है। आयोग द्वारा जारी विज्ञापनों से लेकर मुख्य परीक्षा, साक्षात्कार और अंतिम चयन सूची तक की प्रक्रिया पर प्रदेश भर के युवाओं की नजरें टिकी रहती हैं। पिछले कुछ समय के दौरान कुछ परीक्षाओं के पैटर्न, कट-ऑफ और चयन नियमों को लेकर अभ्यर्थियों और विपक्षी दलों ने सवाल उठाए थे।
ऐसे माहौल में नए अध्यक्ष सतीश सैनी के समक्ष सबसे मुख्य लक्ष्य यह रहेगा कि वे चयन प्रक्रिया में पूर्ण निष्पक्षता, तकनीकी पारदर्शिता और गोपनीयता सुनिश्चित करें। परीक्षाओं के संचालन में किसी भी प्रकार की त्रुटि या शिकायत का निस्तारण त्वरित और पारदर्शी तरीके से किया जाना आवश्यक होगा, ताकि युवाओं में व्यवस्था के प्रति पूर्ण विश्वास बना रहे।
blockquote>"लोक सेवा आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की सबसे बड़ी ताकत उसकी निष्पक्षता और साख होती है। राज्य के मेधावी युवाओं को उनकी योग्यता के आधार पर अवसर प्रदान करना आयोग का प्राथमिक कर्तव्य है।"लोक भवन परिसर के बाहर मधुमक्खियों के हमले से फैली अफरा-तफरी
शपथ ग्रहण समारोह के दौरान लोक भवन के मुख्य परिसर के बाहर एक अनपेक्षित घटना भी घटी। लोक भवन के बाहरी हिस्से में पेड़ों पर बने मधुमक्खियों के छत्ते से अचानक मधुमक्खियां उड़ने लगीं, जिससे वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों, पत्रकारों और राहगीरों में अफरा-तफरी मच गई। मधुमक्खियों ने वहां से गुजर रहे कई लोगों को काट लिया। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने तत्काल मोर्चा संभाला और लोगों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने की हिदायत दी। सुरक्षा एवं सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कुछ समय के लिए लोक भवन के बाहर की एक तरफ की सड़क पर वाहनों की आवाजाही को रोक दिया गया। हालांकि, अंदर सभागार में शपथ ग्रहण समारोह पूरी मर्यादा और निर्धारित समय सारणी के अनुसार संपन्न हुआ।
युवा अभ्यर्थियों की अपेक्षाएं और आगामी प्रशासनिक रोडमैप
हरियाणा में एचसीएस (HCS), असिस्टेंट प्रोफेसर, मेडिकल ऑफिसर, इंजीनियरों और प्रशासनिक अधिकारियों के पदों की तैयारी कर रहे हजारों परीक्षार्थियों के लिए आयोग का नया नेतृत्व बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अभ्यर्थियों की मुख्य मांगें समयबद्ध परीक्षा कैलेंडर, उत्तर कुंजियों की निष्पक्ष समीक्षा और भर्ती परिणामों की त्वरित घोषणा से जुड़ी रहती हैं। सतीश सैनी के कार्यभार संभालने के बाद अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आयोग आगामी दिनों में भर्ती परीक्षाओं के आधुनिक डिजिटलीकरण और पारदर्शिता को लेकर क्या नए कदम उठाता है।




