हरियाणा के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) से सटे सोनीपत शहर के बुनियादी ढांचे को आधुनिक और सुदृढ़ बनाने की दिशा में नगर निगम ने बड़ा कदम उठाया है। नगर निगम हाउस की अहम बैठक में शहर व आसपास के जुड़े ग्रामीण वार्डों के चहुंमुखी विकास के लिए करीब 46.06 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं को औपचारिक स्वीकृति दी गई है। इस बजट के माध्यम से शहर में लंबे समय से लंबित पड़ी सीवरेज लाइनों, पेयजल आपूर्ति के विस्तार, सामुदायिक भवनों के निर्माण और आंतरिक गलियों को पक्का करने के कार्यों को गति दी जाएगी।
सोनीपत नगर निगम के महापौर (मेयर) राजीव जैन की अध्यक्षता में आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में तमाम वार्ड पार्षदों और निगम अधिकारियों ने भाग लिया। सदन की कार्यवाही के दौरान पार्षदों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखकर तैयार की गई सूची पर विस्तार से चर्चा की गई, जिसमें 200 से अधिक विकास प्रस्तावों की समीक्षा के उपरांत मंजूरी प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त, निगम प्रशासन के कार्यों को पारदर्शी बनाने और आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित निवारण के लिए आधिकारिक पोर्टल का लोकार्पण भी किया गया।
सदन में मंजूर की गई प्रमुख परियोजनाओं का ब्योरा
हाउस की बैठक में स्वीकृत परियोजनाओं में सबसे अधिक जोर जल निकासी और पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त करने पर दिया गया है। बैठक में लिए गए निर्णयों के अनुसार, वार्ड संख्या 6 के अंतर्गत आने वाले फाजिलपुर गांव में स्वच्छ पेयजल की पाइपलाइन बिछाने के लिए 1.56 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। वहीं, सामाजिक कार्यक्रमों और जनसुविधाओं को ध्यान में रखते हुए रेवली गांव में 4.04 करोड़ रुपये की लागत से एक सर्वसुविधायुक्त सामुदायिक केंद्र तैयार किया जाएगा।
क्षेत्रीय सीवरेज नेटवर्क के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए वार्ड संख्या 7 में बहालगढ़ रोड पर लिवासपुर गांव से लेकर सेक्टर-4/27 के जंक्शन तक नई सीवरेज लाइन बिछाने की योजना तैयार की गई है, जिस पर 9.44 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके साथ ही लिवासपुर क्षेत्र के समग्र विकास के लिए अलग से 7.98 करोड़ रुपये की परियोजना को स्वीकृत किया गया है। हाशमाबाद क्षेत्र में जलभराव की पुरानी समस्या को देखते हुए सीवर लाइन के सुदृढ़ीकरण पर 1.31 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है।
| क्षेत्र / वार्ड | परियोजना का विवरण | अनुमानित बजट (करोड़ रु.) |
|---|---|---|
| वार्ड-7 (लिवासपुर से सेक्टर 4/27 जंक्शन) | बहालगढ़ रोड पर सीवरेज लाइन बिछाने का कार्य | ₹9.44 |
| लिवासपुर क्षेत्र | समग्र बुनियादी विकास परियोजनाएं | ₹7.98 |
| वार्ड-8 (लिवान एवं जाट जोशी) | सामुदायिक केंद्रों का नवनिर्माण | ₹4.14 |
| वार्ड-9 (जगदीशपुर गांव) | नई सीवरेज लाइन बिछाने का कार्य | ₹4.06 |
| रेवली गांव | आधुनिक सामुदायिक केंद्र का निर्माण | ₹4.04 |
| वार्ड-8 (जाट जोशी गांव) | सीवरेज नेटवर्क का सुदृढ़ीकरण व सुधार | ₹3.07 |
| वार्ड-6 (फाजिलपुर गांव) | पेयजल आपूर्ति हेतु पाइपलाइन विस्तार | ₹1.56 |
| हाशमाबाद क्षेत्र | सीवर लाइन मरम्मत व ड्रेनेज सुधार | ₹1.31 |
पारदर्शिता के लिए नया डिजिटल पोर्टल लॉन्च
प्रशासनिक कार्यप्रणाली को जनता के प्रति अधिक जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से बैठक के दौरान नगर निगम की आधिकारिक वेबसाइट (mcsonipat.in) का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस डिजिटल पहल के जरिए शहरवासी अब घर बैठे ही निगम द्वारा स्वीकृत विकास परियोजनाओं, चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति और वित्तीय आवंटन से जुड़ी सभी प्रामाणिक जानकारियां प्राप्त कर सकेंगे। साथ ही पोर्टल पर जनसमस्याओं और शिकायतों को सीधे दर्ज कराने के लिए अलग विंडो बनाई गई है, जिससे निवारण की समय-सीमा तय की जा सकेगी।
"नगर निगम क्षेत्र के प्रत्येक वार्ड का संतुलित विकास सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है। सीवरेज, स्वच्छ पेयजल और मजबूत सड़कें नागरिकों का बुनियादी अधिकार हैं। 46 करोड़ रुपये से अधिक की ये योजनाएं धरातल पर उतरने के बाद क्षेत्र की सूरत बदलेंगी। सभी कार्यों को गुणवत्ता और तय समय-सीमा के भीतर पूरा कराया जाएगा।"
- राजीव जैन, मेयर, नगर निगम सोनीपत
वार्ड स्तर पर जनजीवन और बुनियादी ढांचे पर असर
सोनीपत नगर निगम के इस मास्टर प्लान से विशेषकर उन गांवों और बाहरी कॉलोनियों को सीधा लाभ मिलेगा जो हाल के वर्षों में निगम परिधि में शामिल किए गए हैं। वार्ड-8 के तहत आने वाले जाट जोशी गांव में 3.07 करोड़ रुपये से सीवर व्यवस्था में आमूलचूल सुधार होगा, जिससे सड़कों पर गंदे पानी के ठहराव से मुक्ति मिलेगी। इसी वार्ड के लिवान व जाट जोशी में 4.14 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले सामुदायिक भवनों से स्थानीय निवासियों को सामाजिक आयोजनों के लिए उपयुक्त स्थान सुलभ होगा।
वहीं वार्ड-9 के अंतर्गत जगदीशपुर गांव में 4.06 करोड़ रुपये से बनने वाली सीवरेज प्रणाली स्थानीय आबादी के स्वास्थ्य और स्वच्छता मानकों में सुधार लाएगी। वर्षों से जलभराव और जर्जर रास्तों से जूझ रहे नागरिकों को इन कार्यों के पूरा होने से राहत मिलने की उम्मीद है। औद्योगिक और आवासीय गतिविधियों के बढ़ते दबाव के बीच इन परियोजनाओं को समय पर पूरा करना क्षेत्र के दीर्घकालिक विकास के लिए बेहद आवश्यक माना जा रहा है।
प्रशासनिक तैयारी और आगामी टेंडर प्रक्रिया
निगम सदन से औपचारिक स्वीकृति मिलने के बाद अब इंजीनियरिंग विंग को विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) के आधार पर तकनीकी अनुमोदन और टेंडर प्रक्रिया तुरंत शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को स्पष्ट हिदायत दी गई है कि निर्माण कार्यों में सामग्री की गुणवत्ता की नियमित जांच के लिए थर्ड-पार्टी ऑडिट अनिवार्य किया जाए। आने वाले हफ्तों में ई-टेंडरिंग के माध्यम से एजेंसियों का चयन कर जमीनी स्तर पर निर्माण कार्य शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।




