मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की उच्चस्तरीय बैठक में कई दूरगामी और महत्वपूर्ण प्रशासनिक सुधारों पर मुहर लगाई गई है। राजधानी चंडीगढ़ में हुई इस अहम बैठक में कुल सात प्रमुख एजेंडे रखे गए, जिन्हें सरकार द्वारा सर्वसम्मति से स्वीकृति प्रदान की गई। मंत्रिमंडल के इन फैसलों का दायरा ग्रामीण विकास, शहरी नियोजन, शिक्षा, कानून व्यवस्था और सामाजिक कल्याण से जुड़ा हुआ है, जिससे आम नागरिकों के जीवन पर सीधा सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
बैठक के तुरंत बाद मुख्यमंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से इन फैसलों की विस्तृत रूपरेखा साझा की। सरकार का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में विकास कार्यों की गति को तेज करना और प्रशासनिक पारदर्शिता को बढ़ावा देना है। इन निर्णयों में विशेष रूप से युवाओं के भविष्य की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदम, ग्रामीण व शहरी भूमि प्रबंधन से जुड़ी नीतियां और विधायी कार्यों के एजेंडे प्रमुख रूप से शामिल रहे हैं, जिन पर पिछले काफी समय से मंथन चल रहा था।
कैबिनेट के प्रमुख निर्णय और विधानसभा का विशेष सत्र
संवैधानिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता और लोकतांत्रिक चर्चा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मंत्रिमंडल ने संविधान दिवस के अवसर पर आगामी 26 नवंबर को हरियाणा विधानसभा का विशेष सत्र आयोजित करने का निर्णय लिया है। इस सत्र के दौरान संविधान की प्रस्तावना, इसके आदर्शों और जनहित से जुड़े संवैधानिक विषयों पर सदन में विशेष चर्चा की जाएगी। प्रशासनिक हलकों में इस सत्र को लेकर तैयारियां अभी से शुरू कर दी गई हैं।
इसके अलावा, राज्य के युवाओं को अवैध मानव तस्करी, फर्जी ट्रैवल फर्मों और डंकी रूट जैसी कुप्रथाओं से सुरक्षित रखने के लिए 'हरियाणा ट्रैवल एजेंट पंजीकरण एवं विनियमन नियम, 2026' को लागू कर दिया गया है। इसके तहत अब प्रदेश में किसी भी प्रकार का ट्रैवल, स्टडी वीजा या टिकटिंग का कारोबार करने वाले प्रत्येक संचालक को अनिवार्य रूप से अपना पंजीकरण करवाना होगा। पुलिस सत्यापन के बाद जारी होने वाला यह लाइसेंस तीन साल तक वैध रहेगा और इसकी पूरी सूची डिजिटल पोर्टल्स पर सार्वजनिक की जाएगी ताकि आम जनसाधारण अधिकृत एजेंटों की पहचान आसानी से कर सकें।
| कैबिनेट का प्रमुख फैसला | मुख्य उद्देश्य व लाभ |
|---|---|
| लैंड पूलिंग पॉलिसी-2026 | विकास परियोजनाओं के लिए भू-मालिकों को 50% विकसित क्षेत्र और अंतरिम वित्तीय सहायता का प्रावधान। |
| टीडीआर नीति में संशोधन | कलेक्टर रेट के आधार पर मूल्यांकन गणना को आसान बनाना और उपयोग का दायरा बढ़ाना। |
| रोडवेज बेड़े का विस्तार | सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाने हेतु 500 नई BS-VI डीजल नॉन-एसी बसें खरीदना। |
| गौवंश संरक्षण सहायता | प्रदेश की 629 गौशालाओं को चारे व शेड निर्माण के लिए 86.95 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद। |
बुनियादी ढांचे, शिक्षा और शहरी विकास को नई रफ्तार
मंत्रिमंडल की बैठक में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई बड़े बजट प्रस्तावों पर मुहर लगी है। गुरुग्राम शहर में यातायात के बढ़ते दबाव को नियंत्रित करने के उद्देश्य से विभिन्न चौराहों पर नए फ्लाईओवर और अंडरपास के निर्माण को स्वीकृति दी गई है। वहीं, सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में हरियाणा रोडवेज के बेड़े में 500 नई बीएस-6 डीजल बसों को शामिल करने का रास्ता साफ हो गया है। इसके अलावा जींद के हैबतपुर स्थित मेडिकल कॉलेज के लिए फर्नीचर खरीद और रोहतक में शिक्षक आवासों के अधूरे कार्यों को पूरा करने के प्रस्ताव भी पास किए गए हैं।
भूमि उपयोग और विकास योजनाओं से जुड़ी 'ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट्स' (टीडीआर) नीति में भी महत्वपूर्ण संशोधन किए गए हैं। अब टीडीआर प्रमाणपत्रों के मूल्यांकन के लिए आवेदन की तिथि के औसत कलेक्टर रेट को आधार बनाया जाएगा तथा इनके उपयोग के दायरे को भी विस्तारित किया गया है। नई लैंड पूलिंग पॉलिसी के तहत भू-मालिकों को उनकी भूमि के अनुपात में विकसित भूखंड और प्रति एकड़ सालाना अंतरिम सहायता देने का प्रावधान किया गया है, जिससे रियल एस्टेट और शहरी विस्तार को पारदर्शी दिशा मिलेगी।
"हमारी सरकार ने प्रदेश के संतुलित विकास, युवाओं के सुरक्षित भविष्य और गौवंश के संवर्धन को हमेशा सर्वोपरि रखा है। आज लिए गए सभी सात फैसले जनहित और पारदर्शी शासन की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।" - नायब सिंह सैनी, मुख्यमंत्री, हरियाणा
प्रशासनिक कार्यकुशलता और आगामी प्रशासनिक कदम
वित्तीय अनुशासन का परिचय देते हुए हाई पावर्ड परचेज कमेटियों की बैठकों के माध्यम से विकास और खरीद कार्यों में करोड़ों रुपये की बचत भी सुनिश्चित की गई है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सभी स्वीकृत परियोजनाओं को तय समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से धरातल पर उतारा जाए। विशेष रूप से ट्रैवल एजेंटों के पंजीकरण और नई लैंड पूलिंग नीति के क्रियान्वयन को लेकर संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए गए हैं ताकि जनता को इनका लाभ जल्द से जल्द मिल सके।




