1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में देश के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले अमर बलिदानियों की पावन स्मृति में अंबाला छावनी में निर्मित भव्य अंतरराष्ट्रीय स्तर के शहीदी स्मारक का उद्घाटन आगामी 5 नवंबर को होने जा रहा है। इस ऐतिहासिक अवसर पर आयोजित होने वाले भव्य समारोह और जनसभा को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करेंगे। इस बेहद महत्वपूर्ण कार्यक्रम की तैयारियों को समय रहते अंतिम रूप देने के लिए हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वीरवार शाम अंबाला छावनी के गांधी ग्राउंड का दौरा किया और ग्राउंड ज़ीरो पर जाकर तमाम व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की।
जनसभा स्थल पर मुख्यमंत्री के आगमन पर हरियाणा के परिवहन एवं ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने उनका आत्मीय स्वागत किया। इसके पश्चात मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कैबिनेट मंत्री और प्रशासनिक अमले के साथ मिलकर कार्यक्रम स्थल पर निर्मित हो रहे मंच, वीवीआईपी मूवमेंट रूट, चाक-चौबंद सुरक्षा घेरे, वाहनों की पार्किंग तथा जनसभा में आने वाले नागरिकों के बैठने की व्यवस्था का सिलसिलेवार जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को दो टूक निर्देश दिए कि आयोजन से जुड़े सभी आवश्यक प्रबंध पूरी तरह पुख्ता होने चाहिए ताकि कार्यक्रम के दौरान आमजन और आगंतुकों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
1857 की क्रांति के वीरों की स्मृति और ऐतिहासिक महत्व
अंबाला छावनी में बना यह अंतरराष्ट्रीय शहीदी स्मारक भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम (1857 की क्रांति) के अनगिनत गुमनाम और ज्ञात शहीदों को समर्पित एक राष्ट्रस्तरीय धरोहर है। इस स्मारक के माध्यम से आने वाली पीढ़ियों को देश की आजादी के लिए दिए गए महान बलिदानों और स्वाधीनता संग्राम के गौरवशाली इतिहास से रूबरू होने का अवसर मिलेगा। 5 नवंबर को होने वाला यह उद्घाटन समारोह हरियाणा ही नहीं बल्कि पूरे देश के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज होगा।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने निरीक्षण के दौरान कहा कि यह स्मारक देशवासियों में देशभक्ति की भावना को और प्रखर करने का कार्य करेगा। इस गरिमामयी समारोह को अभूतपूर्व बनाने के लिए राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन पूरी निष्ठा के साथ कार्यरत है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इस राष्ट्रीय महत्व के कार्यक्रम में व्यवस्थाओं के स्तर पर कोई भी ढिलाई नहीं बरती जानी चाहिए।
| विषय / विवरण | संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य |
|---|---|
| समारोह का नाम | 1857 क्रांति अंतरराष्ट्रीय शहीदी स्मारक उद्घाटन व जनसभा |
| उद्घाटन तिथि | 5 नवंबर 2024 |
| मुख्य अतिथि | अमित शाह (केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री) |
| स्थल | गांधी ग्राउंड व शहीदी स्मारक परिसर, अंबाला छावनी |
| निरीक्षणकर्ता | नायब सिंह सैनी (मुख्यमंत्री, हरियाणा) |
| प्रमुख उपस्थिति | अनिल विज (परिवहन व ऊर्जा मंत्री), कैबिनेट सदस्य व प्रशासनिक अधिकारी |
सुरक्षा व्यवस्था, यातायात और वीवीआईपी मूवमेंट पर विशेष जोर
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री सैनी ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन और खुफिया तंत्र के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की। केंद्रीय गृह मंत्री के आगमन और कई राज्यों से आने वाले विशिष्ट अतिथियों के दृष्टिगत गांधी ग्राउंड और आसपास के पूरे क्षेत्र में त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया जा रहा है। शहर के यातायात प्रवाह को सुचारू बनाए रखने और आम वाहन चालकों को परेशानी से बचाने के लिए रूट डायवर्जन और पार्किंग स्थलों की विशेष योजना तैयार की गई है।
समीक्षा बैठक और स्थल निरीक्षण के दौरान अंबाला के उपायुक्त सचिन गुप्ता ने मुख्यमंत्री को अब तक की गई सभी तैयारियों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। उपायुक्त ने बताया कि जनसभा स्थल पर पेयजल, शौचालय, प्राथमिक चिकित्सा और आपातकालीन सेवाओं के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। साथ ही बड़े एलईडी स्क्रीन्स के माध्यम से पूरे मैदान में उपस्थित जनसमूह के लिए कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देखने की व्यवस्था भी की जा रही है।
"प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के अमर बलिदानियों की महान स्मृतियों को संजोने वाला यह अंतरराष्ट्रीय शहीदी स्मारक संपूर्ण राष्ट्र के लिए प्रेरणापुंज है। 5 नवंबर का समारोह ऐतिहासिक होगा और इस अवसर पर आने वाले हर नागरिक व अतिथि की सुविधा और सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।"
- नायब सिंह सैनी, मुख्यमंत्री, हरियाणा
प्रशासनिक समन्वय और आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा
समारोह को ऐतिहासिक बनाने के लिए प्रदेश सरकार के कई अन्य कैबिनेट मंत्री, क्षेत्र के सांसद, स्थानीय विधायक और विभिन्न विभागों के प्रशासनिक सचिव भी लगातार तैयारियों की निगरानी कर रहे हैं। 5 नवंबर को आयोजित होने वाले इस मुख्य कार्यक्रम में प्रदेश भर से हजारों की संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना व्यक्त की जा रही है।
प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जनसभा में आने वाली मातृशक्ति, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के लिए विशेष बैठने और सुगम आवाजाही का प्रबंध किया जाए। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से यह राज्य स्तरीय गरिमामय कार्यक्रम पूर्णतः सफल और ऐतिहासिक सिद्ध होगा।




