हरियाणा के ग्रामीण अंचल की स्वच्छता व्यवस्था को सुचारू रखने में जुटे हजारों ग्रामीण सफाई कर्मचारियों के लिए राज्य सरकार ने राहत भरा बड़ा निर्णय लिया है। प्रदेश सरकार ने सफाई कर्मियों के हित में कदम उठाते हुए उनके वार्षिक वर्दी और धुलाई भत्ते में सीधे 50 प्रतिशत तक का इजाफा किया है। इसके साथ ही लंबे समय से लंबित पड़ी कई मांगों को स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
विकास एवं पंचायत विभाग द्वारा जारी की गई जानकारी के अनुसार, इस नए वित्तीय संशोधन के बाद अब कर्मचारियों को मिलने वाला वर्दी भत्ता 4 हजार रुपये से बढ़कर 6 हजार रुपये प्रति वर्ष हो जाएगा। इसके अलावा, यदि किसी ग्रामीण सफाई कर्मचारी की सेवाकाल के दौरान ऑन-ड्यूटी मृत्यु हो जाती है, तो उसके आश्रित परिवार को आर्थिक संबल देने के उद्देश्य से परिवार के एक सदस्य को अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी प्रदान की जाएगी।
सफाई कर्मचारी यूनियन और सरकार के बीच बनी 17 मांगों पर सहमति
हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार तथा ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन के शीर्ष प्रतिनिधियों के बीच आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में यह ऐतिहासिक निर्णय लिया गया। बैठक के दौरान पंचायत विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने कर्मचारियों द्वारा रखी गई समस्याओं और मांगों का गहन विश्लेषण किया। वार्ता के सुखद परिणाम के रूप में कुल 17 प्रमुख मांगों पर सहमति दर्ज की गई, जिनमें से 12 मांगों के औपचारिक स्वीकृति पत्र भी विभाग द्वारा तुरंत जारी कर दिए गए हैं।
पंचायत विभाग के निदेशक सुशील सारवान ने बैठक के नतीजों की पुष्टि करते हुए बताया कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मचारियों की मूलभूत जरूरतों और कल्याणकारी योजनाओं के प्रति पूरी तरह गंभीर है। कर्मचारियों के अक्टूबर 2023 के हड़ताल काल के बकाया मानदेय तथा एरियर राशि के तुरंत भुगतान के लिए संबंधित जिला अधिकारियों को वित्तीय फंड जारी करने का निर्देश भी दे दिया गया है।
| सुविधा / मद | पूर्व निर्धारित राशि | संशोधित / नई राशि | मुख्य लाभ / शर्त |
|---|---|---|---|
| वार्षिक वर्दी भत्ता | ₹ 4,000 प्रति वर्ष | ₹ 6,000 प्रति वर्ष | वर्दी खरीदने हेतु सीधी वित्तीय सहायता |
| कपड़े धुलाई भत्ता | ₹ 1,000 प्रति वर्ष | ₹ 1,500 प्रति वर्ष | स्वच्छता व रखरखाव हेतु अतिरिक्त राशि |
| आउट-ऑफ-विलेज ड्यूटी भत्ता | कोई प्रावधान नहीं | ₹ 200 प्रति दिन | मूल गांव से बाहर काम पर दिए जाने वाला भत्ता |
| अनुग्रह सेवा नियम (अनुकंपा) | सीमित सहायता | परिवार के 1 सदस्य को नौकरी | ड्यूटी के दौरान असामयिक निधन होने पर लागू |
अधिकारियों व पंचायत मंत्री का आधिकारिक बयान
ग्रामीण सफाई कर्मियों के योगदान की सराहना करते हुए राज्य के विकास एवं पंचायत मंत्री ने कर्मचारियों के परिश्रम को रेखांकित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में बीमारियों की रोकथाम और स्वच्छ वातावरण निर्मित करने में इन कर्मियों का प्रयास अत्यंत सराहनीय है।
"हमारे ग्रामीण सफाई कर्मचारी गांवों की स्वच्छता की रीढ़ हैं। उनके त्याग और मेहनत का सम्मान करना प्रदेश सरकार का नैतिक कर्तव्य है। यूनियन के साथ सकारात्मक माहौल में हुई वार्ता में 17 मांगों पर सहमति बनी है। बकाया मानदेय जारी करने के साथ-साथ वर्दी भत्ते में बढ़ोतरी और अनुकंपा नियुक्ति जैसे फैसले कर्मचारियों के जीवन में स्थायित्व लाएंगे।"
— कृष्ण लाल पंवार, विकास एवं पंचायत मंत्री, हरियाणा
गांव से बाहर ड्यूटी पर 200 रुपये दैनिक भत्ता और बकाया एरियर का भुगतान
प्रशासनिक फैसलों के तहत एक और राहतकारी कदम उठाते हुए यह व्यवस्था लागू की गई है कि यदि किसी ग्रामीण सफाई कर्मचारी को उसके निर्धारित मूल गांव से बाहर किसी अन्य पंचायत या विशेष अभियान में ड्यूटी पर भेजा जाता है, तो उसे 200 रुपये प्रति दिन का अतिरिक्त दैनिक भत्ता (TA) दिया जाएगा। इससे कर्मचारियों पर पड़ने वाले अतिरिक्त आवागमन खर्च का बोझ समाप्त होगा।
इसके अतिरिक्त, अक्टूबर 2023 में हुई राज्यव्यापी हड़ताल के दौरान रोके गए मानदेय का पारदर्शी तरीके से निपटारा किया जा रहा है। विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सभी जिलों में लंबित एरियर की गणना कर कर्मचारियों के बैंक खातों में सीधी राशि हस्तांतरित की जाए, जिससे कर्मचारियों में वर्षों से चला आ रहा असंतोष पूरी तरह समाप्त हो सके।
प्रशासनिक क्रियान्वयन और आगामी दिशा-निर्देश
हरियाणा के सभी जिलों के जिला विकास एवं पंचायत अधिकारियों (DDPO) तथा खंड विकास अधिकारियों (BDPO) को इन आदेशों का तत्काल प्रभाव से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। संशोधित भत्तों की राशि आगामी वित्तीय चक्र के साथ कर्मचारियों को वितरित की जाएगी। सरकार के इस कदम से राज्यभर के हजारों ग्रामीण सफाई कर्मचारियों और उनके परिवारों को प्रत्यक्ष रूप से सामाजिक व आर्थिक सुरक्षा प्राप्त होगी।




