प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों की स्वच्छता व्यवस्था की रीढ़ कहे जाने वाले ग्रामीण सफाई कर्मचारियों के हित में एक बड़ा और संवेदनशील फैसला लिया है। सरकार ने कर्मचारियों के वार्षिक वर्दी और धुलाई भत्ते में उल्लेखनीय बढ़ोतरी करने की घोषणा की है। इस नए आदेश के तहत अब सफाई कर्मचारियों को मिलने वाला वर्दी भत्ता 4,000 रुपये से बढ़ाकर सीधे 6,000 रुपये प्रतिवर्ष कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, यदि किसी कर्मचारी की सेवाकाल के दौरान आकस्मिक मृत्यु हो जाती है, तो उसके परिवार के एक सदस्य को अनुकंपा के आधार पर सरकारी सेवा में अवसर प्रदान किया जाएगा।
यह निर्णय लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) विश्राम गृह में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान लिया गया। प्रदेश के विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार की अध्यक्षता में हुई इस वार्ता में ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन के शीर्ष प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में कर्मचारियों की कुल 17 प्रमुख मांगों पर सौहार्दपूर्ण माहौल में सहमति बनी, जिनमें से 12 प्राथमिक मांगों के औपचारिक आदेश भी मौके पर ही जारी कर दिए गए। इस फैसले से प्रदेशभर के हजारों ग्रामीण सफाई कर्मियों में हर्ष की लहर है और उनके जीवन स्तर में सुधार की दिशा में इसे बड़ा कदम माना जा रहा है।
सफाई कर्मचारियों को मिलने वाले नए वित्तीय लाभ और सुविधाएं
पंचायत विभाग द्वारा जारी विवरण के अनुसार, सफाई कर्मियों की दैनिक व्यावहारिक समस्याओं और बढ़ती महंगाई को ध्यान में रखते हुए वित्तीय लाभों की संरचना में बदलाव किया गया है। यदि किसी सफाई कर्मचारी को उसके मूल गांव से बाहर किसी अन्य स्थान पर प्रशासनिक कार्य से ड्यूटी पर भेजा जाता है, तो उसे 200 रुपये रोजाना की दर से अतिरिक्त भत्ता दिया जाएगा। इसके अलावा कर्मचारियों के बकाया मानदेय के एरियर और वर्ष 2023 के अक्टूबर माह में चली हड़ताल अवधि के लंबित वेतन का भी जल्द से जल्द निस्तारण करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
| सुविधा / मद | पूर्व प्रावधान | नया संशोधित प्रावधान | संभावित प्रभाव |
|---|---|---|---|
| वार्षिक वर्दी भत्ता | ₹4,000 प्रतिवर्ष | ₹6,000 प्रतिवर्ष | बेहतर और गुणवत्तापूर्ण परिधान उपलब्धता |
| वार्षिक धुलाई भत्ता | ₹1,000 प्रतिवर्ष | ₹1,500 प्रतिवर्ष | आर्थिक सहायता में सीधा इजाफा |
| बाहरी गांव में ड्यूटी भत्ता | कोई निश्चित प्रावधान नहीं | ₹200 प्रतिदिन | यातायात एवं दैनिक खर्च की भरपाई |
| अनुकंपा नियुक्ति | सीमित व्यवस्था | परिवार के 1 सदस्य को नौकरी | कर्मचारी परिवार को सामाजिक सुरक्षा |
पंचायतों के सुदृढ़ीकरण के लिए 579 करोड़ का बजट स्वीकृत
समीक्षा बैठक के दौरान कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में राज्य सरकार ग्रामीण अंचल के समावेशी विकास के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। सरकार का मानना है कि गांवों का ढांचागत विकास तभी संभव है जब निचले स्तर पर काम करने वाले कर्मियों का कल्याण सुनिश्चित हो। इसी सोच के तहत राज्य वित्त आयोग (एसएफसी) के माध्यम से प्रदेश की 6230 ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों की गति बढ़ाने हेतु 579 करोड़ रुपये की विशाल राशि सीधे पंचायतों के बैंक खातों में हस्तांतरित की गई है।
"गांवों को स्वच्छ, निर्मल और रोगमुक्त बनाए रखने में हमारे सफाई कर्मचारियों का योगदान अतुलनीय है। उनका परिश्रम केवल नालियों और गलियों की सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि वे एक स्वस्थ ग्रामीण वातावरण का निर्माण करते हैं। सरकार उनके श्रम का पूरा सम्मान करती है और उनकी हर वाजिब मांग को पूरा करने के लिए तत्पर है।"
- कृष्ण लाल पंवार, विकास एवं पंचायत मंत्री, हरियाणा
प्रशासनिक तंत्र और यूनियन प्रतिनिधियों की मौजूदगी में बनी सहमति
बैठक में पंचायत विभाग के निदेशक सुशील सारवान ने विभागीय योजनाओं और कर्मचारियों के बकाए के भुगतान संबंधी प्रक्रियात्मक कदमों की जानकारी दी। उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी कि किसी भी कर्मचारी का मानदेय या एरियर प्रशासनिक सुस्ती के कारण लंबित नहीं रहना चाहिए। इस महत्वपूर्ण बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त अंकित चौकसे, जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) डॉ. किरण सिंह, एसडीएम इसराना नवदीप नैन और जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी (डीडीपीओ) राजेश शर्मा सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
दूसरी ओर, सरकार के इस सकारात्मक रुख पर कर्मचारी संगठन ने भी संतोष व्यक्त किया है। यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष बसाऊ राम तथा महासचिव विनोद कुमार ने संयुक्त रूप से कहा कि लंबे समय से लंबित मांगों पर जिस प्रकार संवेदनशीलता दिखाते हुए निर्णय लिए गए हैं, उससे कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा। उन्होंने विश्वास दिलाया कि सफाई कर्मचारी और अधिक निष्ठा के साथ गांवों की स्वच्छता और सौंदर्यीकरण में अपना योगदान देंगे।
ग्रामीण व्यवस्था और नागरिक जीवन पर व्यापक असर
इस फैसले का सीधा असर प्रदेश के ग्रामीण जीवन पर देखने को मिलेगा। सफाई कर्मचारियों की सेवा शर्तों में सुधार और आर्थिक प्रोत्साहन मिलने से ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई अभियानों की गुणवत्ता में वृद्धि होगी। मानदेय के एरियर का निपटारा और ड्यूटी के दौरान जोखिम की स्थिति में अनुकंपा नौकरी का रक्षा कवच मिलने से कर्मचारियों में सुरक्षा की भावना पैदा होगी। इसके साथ ही पंचायतों के खाते में सीधे पहुंचे बजट से पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, गलियों के निर्माण और ठोस कचरा प्रबंधन जैसे कार्यों में तेजी आने की पूरी संभावना है।




