पानीपत जिले के समालखा क्षेत्र स्थित एक प्रमुख एजुकेशनल हब में युवाओं के लिए सुनहरे अवसरों का द्वार खुला। यहां एक विशेष रोजगार मेले और कैंपस प्लेसमेंट ड्राइव का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय और आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में पहुंचे युवाओं ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया। इस भर्ती प्रक्रिया के दौरान देश की कई प्रतिष्ठित और नामी कंपनियों की मानव संसाधन (HR) टीमों ने शिरकत की, जिन्होंने विभिन्न पदों के लिए योग्य उम्मीदवारों का परीक्षण किया। इस पूरे आयोजन का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र की युवा प्रतिभाओं को उनकी योग्यता के अनुसार सीधे तौर पर उद्योग जगत से जोड़ना और उन्हें आत्मनिर्भर बनने का मजबूत मंच प्रदान करना था।
कार्यक्रम की रूपरेखा और प्रबंधन को लेकर स्थानीय स्तर पर विशेष तैयारियां की गई थीं। इस मेगा जॉब फेयर का संचालन डॉ. नीरज कुमार के कुशल मार्गदर्शन और दिशा-निर्देशों में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। सुबह से ही संस्थान परिसर में युवाओं का तांता लगना शुरू हो गया था, जो अपनी योग्यता के बल पर कॉरपोरेट जगत में कदम रखने के लिए बेताब थे। पंजीकरण प्रक्रिया पूरी होने के बाद विभिन्न सत्रों में साक्षात्कार का दौर चला, जहां अभ्यर्थियों के तकनीकी ज्ञान से लेकर उनके संवाद कौशल (Communication Skills) का बारीकी से मूल्यांकन किया गया।
विभिन्न प्रतिष्ठित कंपनियों ने लिया हिस्सा और परखी युवाओं की प्रतिभा
इस रोजगार मेले की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि इसमें ऑटोमोबाइल, बैंकिंग, मैन्युफैक्चरिंग और वित्तीय सेवाओं से जुड़ी देश की दिग्गज कंपनियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इनमें टालब्रोस, टाटा समूह, आईसीआईसीआई बैंक, इंडसइंड बैंक, मदरसन, बजाज और डैनब्लॉक ब्रेक्स इंडिया जैसी नामी-गिरामी कंपनियां शामिल थीं। इन सभी संस्थानों के प्रतिनिधियों ने पूरी पारदर्शिता के साथ उम्मीदवारों के दस्तावेजों की जांच की और उनकी कार्यक्षमता को परखा। कंपनियों के एचआर अधिकारियों ने बताया कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक दौर में केवल किताबी ज्ञान काफी नहीं है, बल्कि व्यावहारिक सोच और संवाद शैली भी उतनी ही महत्वपूर्ण है, जो कई युवाओं में देखने को मिली।
साक्षात्कार के अंतिम चरणों और मूल्यांकन के बाद कंपनियों ने कुल 56 ऊर्जावान अभ्यर्थियों का चयन विभिन्न पदों के लिए किया। चयनित उम्मीदवारों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी, क्योंकि उन्हें अपनी पढ़ाई पूरी करने के तुरंत बाद एक प्रतिष्ठित संस्थान के साथ काम करने का अवसर मिल रहा था। कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भी इस बात पर संतोष जताया कि समालखा और पानीपत क्षेत्र के युवाओं में हुनर की कोई कमी नहीं है, बस उन्हें सही मंच और मार्गदर्शन की आवश्यकता है जो इस प्रकार के आयोजनों के माध्यम से उन्हें मिल रहा है।
| इवेंट विवरण | मुख्य तथ्य व आंकड़े |
|---|---|
| आयोजन स्थल | समालखा एजुकेशनल हब |
| मार्गदर्शन | डॉ. नीरज कुमार |
| मुख्य अतिथि | संदीप कुमार (डायरेक्टर, मोनार्क सोसाइटी) |
| कुल प्रतिभागी युवा | 210 अभ्यर्थी |
| अंतिम रूप से चयनित | 56 युवा |
| प्रमुख भाग लेने वाली कंपनियां | टाटा, आईसीआईसीआई बैंक, इंडसइंड, बजाज, मदरसन आदि |
मुख्य अतिथि और प्रबंधकों ने युवाओं को दिए सफलता के मूलमंत्र
कार्यक्रम के दौरान मोनार्क सोसाइटी के डायरेक्टर संदीप कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर और व्यवस्था का जायजा लेकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अपने संबोधन में मुख्य अतिथि ने कहा कि इस तरह के रोजगार मेले आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत हैं, जो युवाओं को प्रतिष्ठित कंपनियों से जुड़ने का सीधा अवसर देते हैं। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे नौकरी पाने के बाद भी अपनी सीखने की प्रवृत्ति को जिंदा रखें, क्योंकि निरंतर नया सीखने वाला ही कॉरपोरेट क्षेत्र में लंबी छलांग लगा सकता है। उन्होंने संस्थान के प्रयासों की भी सराहना की जो युवाओं के भविष्य को संवारने में अहम भूमिका निभा रहा है।
इस अवसर पर संस्थान की मैनेजिंग डायरेक्टर सुहानी त्यागी भी विशेष रूप से मौजूद रहीं। उन्होंने चयनित होने वाले सभी अभ्यर्थियों को बधाई दी और जो युवा इस बार चयनित नहीं हो पाए, उन्हें निराश न होने बल्कि अपनी कमजोरियों पर काम करने की सलाह दी। सुहानी त्यागी ने कहा कि उनका संस्थान हमेशा से ही युवाओं के कौशल विकास और उन्हें रोजगारपरक शिक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध रहा है और भविष्य में भी ऐसे आयोजनों की श्रृंखला जारी रखी जाएगी ताकि पानीपत और समालखा का कोई भी युवा रोजगार की तलाश में भटकने को मजबूर न हो।
रोजगार मेले युवाओं की प्रतिभा को सही दिशा देने का बेहतरीन माध्यम हैं। आज की युवा पीढ़ी में अपार क्षमताएं हैं और जब इन्हें सही मंच मिलता है, तो वे अपने साथ-साथ देश का नाम भी रोशन करते हैं।
स्थानीय युवाओं और शिक्षा व्यवस्था पर पड़ता है सकारात्मक प्रभाव
इस प्रकार के कैंपस प्लेसमेंट ड्राइव से न केवल स्थानीय स्तर पर बेरोजगारी की समस्या से जूझ रहे युवाओं को राहत मिलती है, बल्कि अभिभावकों में भी अपने बच्चों के भविष्य को लेकर एक नया विश्वास पैदा होता है। पानीपत और समालखा जैसे औद्योगिक और शैक्षिक हब में जब कॉरपोरेट घराने सीधे रुख करते हैं, तो स्थानीय शैक्षणिक संस्थानों की साख भी मजबूत होती है। छात्रों को अपनी पढ़ाई के दौरान ही यह अंदाजा हो जाता है कि मौजूदा समय में इंडस्ट्री की क्या मांग है और उन्हें खुद को किस स्तर पर तैयार करना होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के रोजगार मेलों से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलती है क्योंकि जब युवाओं की आय का साधन सुनिश्चित होता है, तो उनकी क्रय शक्ति बढ़ती है और बाजार में सकारात्मक माहौल बनता है। स्थानीय नागरिकों ने भी इस आयोजन की मुक्तकंठ से प्रशंसा की है और मांग की है कि इस तरह के प्लेसमेंट कैंप समय-समय पर आयोजित किए जाते रहने चाहिए ताकि अधिक से अधिक ग्रामीण और शहरी युवाओं को इसका लाभ मिल सके।
आगामी कार्ययोजना और भविष्य के कदम
समालखा एजुकेशनल हब के प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक शुरुआत थी और आने वाले महीनों में और भी बड़े स्तर पर रोजगार मेलों का आयोजन किया जाएगा। इनमें तकनीकी और गैर-तकनीकी दोनों क्षेत्रों की और अधिक बहुराष्ट्रीय कंपनियों को आमंत्रित करने की योजना है। इसके साथ ही, चयनित युवाओं के लिए एक फीडबैक और मॉनिटरिंग सेल भी बनाई जाएगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे अपने कार्यक्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। संस्थान का यह कदम पानीपत जिले के युवाओं के लिए एक मील का पत्थर साबित हो रहा है, जो लगातार बेरोजगारी के मोर्चे पर एक सकारात्मक बदलाव ला रहा है।




