पानीपत शहर में बाल वर्ग को आत्मनिर्भर और कुशल बनाने की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। स्थानीय स्तर पर हुनर विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक विशेष पांच दिवसीय ब्यूटीशियन प्रशिक्षण कार्यशाला का सफलतापूपर्वक समापन हो गया है। इस आयोजन का मुख्य ध्येय कम उम्र में ही बच्चों को व्यावसायिक कौशल से जोड़ना था, ताकि वे भविष्य में अपनी आजीविका का मार्ग स्वयं प्रशस्त कर सकें। इस ज्ञानवर्धक शिविर में शहर के कई उत्साही बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और सौंदर्य देखभाल से जुड़े विभिन्न पहलुओं का बारीकी से अध्ययन किया।
यह पूरा प्रशिक्षण कार्यक्रम पानीपत शहर के एक प्रतिष्ठित परिवारिक सैलून के तकनीकी सहयोग से संचालित किया गया। पांच दिनों तक चले इस सत्र में प्रशिक्षकों ने बच्चों को ब्यूटीशियन ट्रेड के बुनियादी सिद्धांतों जैसे थ्रेडिंग, फेशियल और त्वचा की देखभाल की आधुनिक पद्धतियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षुओं ने पूरी तन्मयता के साथ इन कलाओं को सीखा, जिससे उनके भीतर आत्मविश्वास की एक नई ऊर्जा का संचार हुआ है। आयोजकों का मानना है कि किताबी ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक हुनर युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखता है।
प्रशिक्षण का विस्तृत स्वरूप और व्यावहारिक सत्र
कार्यशाला के दौरान प्रतिदिन अलग-अलग मॉड्यूल पर गहन चर्चा और प्रैक्टिकल अभ्यास कराया गया। पहले और दूसरे दिन बच्चों को स्किन एनाटॉमी और थ्रेडिंग की सटीक तकनीक सिखाई गई, जिससे हाथ की सफाई और संतुलन में सुधार हो सके। इसके बाद के दिनों में फेशियल मसाज के विभिन्न स्टेप्स, स्किन टाइप के अनुसार उत्पादों के चयन और हाइजीन मेंटेन करने के तौर-तरीके सिखाए गए। प्रत्येक प्रतिभागी को व्यक्तिगत रूप से ध्यान देकर प्रशिक्षित किया गया, जिससे उनके मन में कार्य के प्रति उपजी झिझक पूरी तरह समाप्त हो गई।
समीर सैलून के संचालक और मुख्य प्रशिक्षक ने अपने अनुभव साझा करते हुए बच्चों को सौंदर्य उद्योग में आने वाले नए अवसरों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार समर्पण और निरंतर अभ्यास से इस क्षेत्र में एक सफल करियर बनाया जा सकता है। प्रशिक्षण के अंतिम दिन सभी बच्चों ने अपने सीखे गए हुनर का व्यावहारिक प्रदर्शन किया, जिसे देखकर वहां मौजूद सभी गणमान्य लोग काफी प्रभावित हुए। यह सत्र केवल एक ट्रेनिंग कैंप तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बच्चों के भीतर एक उद्यमी सोच को जन्म देने वाला साबित हुआ।
| प्रशिक्षण विवरण | मुख्य बिंदु व जानकारी |
|---|---|
| आयोजक संस्था | इनरव्हील क्लब पानीपत मिडटाउन |
| सहयोगी संस्थान | समीर सैलून-ए फैमिली सैलून |
| अवधि | 5 दिवसीय व्यावहारिक कार्यशाला |
| मुख्य विषय | थ्रेडिंग, फेशियल और स्किन केयर |
| उद्देश्य | बच्चों को आत्मनिर्भर और कुशल बनाना |
आयोजकों के विचार और दूरदर्शी दृष्टिकोण
कार्यक्रम के सफल आयोजन पर क्लब की प्रधान ज्योत्सना गर्ग ने अपने विचार रखते हुए कहा कि हमारा मुख्य ध्येय बच्चों को ऐसा मजबूत कौशल प्रदान करना है जो उनके जीवनभर काम आए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आज के समय में शिक्षा के साथ तकनीकी हुनर होना हर बच्चे की जरूरत बन चुका है। सचिव मंजरी गोयल और प्रोजेक्ट अध्यक्ष रजनी बेनीवाल ने संयुक्त रूप से कहा कि इस तरह के कौशल विकास कार्यक्रम बच्चों के मानसिक विकास और उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होते हैं।
चार्टर प्रेसिडेंट कंचन सागर ने अपने संबोधन में कहा कि किसी जरूरतमंद या युवा को तात्कालिक आर्थिक सहायता देने से कहीं अधिक सार्थक है कि उसे अपने पैरों पर खड़ा होने के लिए हुनर सिखाया जाए। जोनल कोऑर्डिनेटर डॉ. अनु कालड़ा और संपादक डॉ. दीप्ति जैन ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि पानीपत में ऐसे समाजोपयोगी आयोजनों की श्रंखला लगातार जारी रहनी चाहिए। अंत में मुख्य प्रशिक्षक समीर अहमद को उनके सराहनीय योगदान के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया और भविष्य में भी युवाओं के लिए ऐसे निशुल्क या किफायती प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने का संकल्प लिया गया।
"हमारा उद्देश्य सिर्फ बच्चों को सिखाना नहीं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाकर उनके सपनों को नई उड़ान देना है। भविष्य में भी ऐसे सामाजिक सरोकार के कार्यक्रम पानीपत में निरंतर जारी रहेंगे।" - इनरव्हील क्लब पानीपत मिडटाउन
स्थानीय समाज पर प्रभाव और भविष्य की रूपरेखा
पानीपत लाइव ब्यूरो की इस ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रकार के कौशल प्रशिक्षण शिविरों से स्थानीय स्तर पर बहुत सकारात्मक संदेश गया है। अभिभावकों ने भी क्लब के इस प्रयास की भूरी-भूरी प्रशंसा की है। माता-पिता का मानना है कि पढ़ाई के साथ-साथ यदि बच्चे इस प्रकार के व्यावसायिक हुनर सीख लेते हैं, तो वे अपनी छुट्टियों का सदुपयोग करने के साथ-साथ आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा देते हैं।
स्थानीय नागरिकों और प्रबुद्ध वर्ग का कहना है कि पानीपत जैसे तेजी से विकसित होते औद्योगिक और व्यावसायिक शहर में इस तरह की कार्यशालाएं युवाओं को सही दिशा देने का कार्य करती हैं। आने वाले दिनों में इनरव्हील क्लब द्वारा अन्य क्षेत्रों जैसे सिलाई, क्राफ्ट और कंप्यूटर ट्रेनिंग में भी ऐसे प्रोजेक्ट्स शुरू करने की योजना बनाई जा रही है, ताकि अधिक से अधिक बच्चों को लाभान्वित किया जा सके।




