हरियाणा राज्य में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है और आगामी 31 अक्टूबर तक प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी रहने की संभावना है। पानीपत लाइव की ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव और चक्रवाती हवाओं की सक्रियता से राज्य भर के तापमान में भारी गिरावट महसूस की जा रही है। मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश के 18 जिलों के लिए आधिकारिक चेतावनी जारी कर दी है।
शुक्रवार सुबह से ही पानीपत, फरीदाबाद और नारनौल क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई, जबकि सोनीपत और हिसार में दिन भर घने बादलों का डेरा जमा रहा। अचानक हुए इस मौसमी बदलाव के चलते राज्य के औसत अधिकतम तापमान में करीब 7 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है, जो कि सामान्य औसत से लगभग 5.8 डिग्री सेल्सियस कम है। इससे दिन के समय भी लोगों को हल्की ठंड का अहसास होने लगा है।
प्रदेश के जिलों में अलर्ट की स्थिति और मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के 18 प्रभावित जिलों को दो श्रेणियों में बांटकर अलर्ट जारी किया है। जिन जिलों में मौसम अधिक उग्र रहने का अनुमान है, वहां ऑरेंज अलर्ट लागू किया गया है। इन क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से धूलभरी हवाएं चलने, गर्जन के साथ मध्यम से भारी बारिश होने और कुछ स्थानों पर ओले गिरने की प्रबल आशंका व्यक्त की गई है।
वहीं दूसरी ओर, मध्यम प्रभाव वाले इलाकों में येलो अलर्ट जारी करते हुए सतर्क रहने की सलाह दी गई है। इन जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम स्तर की बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना बनी हुई है। बीते 24 घंटों में यमुनानगर के हथनीकुंड बैराज क्षेत्र, रेवाड़ी और पंचकूला में भी रुक-रुक कर वर्षा दर्ज की गई है, जिससे निचले इलाकों में पानी भर गया।
| अलर्ट का प्रकार | शामिल जिले | संभावित मौसमी गतिविधियां |
|---|---|---|
| ऑरेंज अलर्ट (अधिक जोखिम) | पानीपत, करनाल, यमुनानगर, सोनीपत, गुरुग्राम, झज्जर, फरीदाबाद, नूंह, पलवल | 50 किमी/घंटा की हवाएं, तेज बारिश, गर्जन और ओलावृष्टि की आशंका |
| येलो अलर्ट (मध्यम जोखिम) | रोहतक, कैथल, जींद, कुरुक्षेत्र, अंबाला, पंचकूला, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, चरखी दादरी | हल्की से मध्यम वर्षा, बिजली कड़कना और तेज हवाएं |
मौसम परिवर्तन के मुख्य कारण और कृषि वैज्ञानिकों की राय
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU) हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभागाध्यक्ष के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से आ रही अत्यधिक नमी युक्त हवाएं और उत्तर-पश्चिमी भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ इस बदलाव के मुख्य कारक हैं। इन दोनों प्रणालियों के संयुक्त असर से हरियाणा के वायुमंडल में भारी नमी प्रवेश कर चुकी है, जिससे 29 अक्टूबर की रात से 31 अक्टूबर के बीच राज्य का मौसम पूरी तरह परिवर्तनशील बना रहेगा।
"बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी वाली हवाओं के प्रभाव से 31 अक्टूबर तक प्रदेश में रुक-रुक कर बूंदाबांदी और बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी। इस दौरान रात के तापमान में मामूली बढ़ोतरी होगी जबकि दिन के तापमान में गिरावट बनी रहेगी।" - कृषि मौसम विज्ञान विभाग, HAU हिसार
स्थानीय जनजीवन, किसानों और यातायात पर संभावित प्रभाव
असमय हो रही इस बारिश और तेज हवाओं का सीधा असर जीटी रोड बेल्ट के जिलों जैसे पानीपत, करनाल और सोनीपत के जनजीवन पर देखा जा रहा है। मंडियों में खुले में रखी धान की फसल को पानी से बचाने के लिए आढ़तियों और किसानों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर ढक कर रखें और फिलहाल फसलों में सिंचाई या कीटनाशक के छिड़काव को रोक दें।
इसके साथ ही अचानक तेज हवाएं चलने और दृश्यता कम होने से जीटी रोड पर यात्रा करने वाले वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। यातायात पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे बारिश के दौरान धीमी गति से वाहन चलाएं और सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
प्रशासनिक सतर्कता और आगामी कदम
मौसम के इस रुख को देखते हुए जिला प्रशासनों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है। पानीपत और आसपास के जिलों में स्थानीय निकायों को जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए ड्रेनेज सिस्टम दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं। मौसम विभाग का अनुमान है कि 1 नवंबर के बाद ही मौसम साफ होना शुरू होगा, जिसके बाद राज्य में ठंड का असर और अधिक गहरा जाएगा।




