किताबी ज्ञान के साथ जब व्यावहारिक कौशल का तड़का लगता है, तो सीखने की प्रक्रिया न केवल रुचिकर बन जाती है, बल्कि भविष्य की मजबूत नींव भी रखती है। पानीपत जिले के मतलौडा क्षेत्र में स्थित पीकेजी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में शुक्रवार को कुछ ऐसा ही अनूठा नजारा देखने को मिला, जहां संस्थान परिसर में एक भव्य दिवाली मेले और 'कुक विदाउट फायर' (बिना आग के भोजन पकाने की कला) प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को सैद्धांतिक शिक्षा के दायरे से बाहर निकालकर सीधे बाजार की कार्यप्रणाली, प्रबंधन और उद्यमिता के व्यावहारिक पहलुओं से रूबरू कराना था, ताकि वे आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा सकें।
मेले के दौरान पूरे परिसर में उत्सव जैसा माहौल था और छात्र-छात्राओं में गजब का उत्साह नजर आ रहा था। युवाओं ने अपनी रचनात्मकता का परिचय देते हुए विभिन्न प्रकार के स्टॉल लगाए। किसी ने लजीज व्यंजनों की महक से आगंतुकों को आकर्षित किया, तो किसी ने अपनी हस्तकला से तैयार सजावटी सामानों की प्रदर्शनी लगाई। सुबह से शुरू हुई इस गतिविधि में विद्यार्थियों ने न केवल अपनी कला का प्रदर्शन किया, बल्कि अपने उत्पादों की खुद मार्केटिंग कर उन्हें बेचा और मुनाफा कमाने के गुर भी सीखे। इस दौरान पूरा प्रांगण युवा ऊर्जा और व्यावसायिक सूझबूझ की अनूठी मिसाल पेश कर रहा था।
पाक कला और उद्यमशीलता का बेहतरीन संगम
कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित 'कुक विदाउट फायर' प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने अपनी पाक कला का शानदार प्रदर्शन किया। बिना चूल्हा या आग जलाए स्वादिष्ट व्यंजन तैयार करना किसी चुनौती से कम नहीं था, लेकिन युवाओं ने अपनी सूझबूझ से इसे बेहद आसान और लजीज बना दिया। मेले की स्टॉल व्यवस्था में लुकेश और वंशिका ने चटपटे गोलगप्पे और भेलपुरी का स्टॉल सजाकर सबको आकर्षित किया, वहीं आदित्य ने अपने हाथों से बनाए गए सुंदर दीये प्रदर्शित किए। इसके अलावा विनीत ने सैंडविच और ओरियो शेक का स्टॉल लगाकर अपनी सर्विस स्किल दिखाई, जबकि विशाल ने दीपावली के मद्देनजर विशेष सजावटी सामानों की बिक्री कर सभी का ध्यान खींचा। इन गतिविधियों ने विद्यार्थियों को यह सिखाया कि किस प्रकार सीमित संसाधनों में भी बेहतरीन उत्पाद तैयार कर ग्राहकों को लुभाया जा सकता है।
| विद्यार्थी का नाम | प्रस्तुत स्टॉल / गतिविधि | विशेषता |
|---|---|---|
| लुकेश व वंशिका | गोलगप्पे व भेलपुरी स्टॉल | पारंपरिक स्ट्रीट फूड का शानदार स्वाद व प्रबंधन |
| आदित्य | दीये सजावट व बिक्री | दीपावली के लिए हस्तनिर्मित और कलात्मक दीये |
| विनीत | सैंडविच और ओरियो शेक | फास्ट फूड व बेवरेज की बेहतरीन प्रस्तुति |
| विशाल | सजावटी सामान | उत्सव के लिए आकर्षक डेकोरेशन आइटम्स |
प्रबंधन और शिक्षाविदों ने की सराहना
इस तरह के आयोजनों का युवाओं के मानसिक और व्यावहारिक विकास पर गहरा प्रभाव पड़ता है। कॉलेज के चेयरमैन सीए गौरव जैन और निदेशक डॉ. राजेश गर्ग ने इस सफल आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि किताबी शिक्षा विद्यार्थियों को केवल डिग्रियां देती है, लेकिन इस तरह के मेले उन्हें जीवन की वास्तविक चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से युवाओं में आत्मविश्वास बढ़ता है, टीम भावना मजबूत होती है और उनके भीतर एक सफल उद्यमी बनने की चिंगारी प्रज्वलित होती है। प्रबंधन का मानना है कि भविष्य में भी इस प्रकार की व्यावहारिक गतिविधियों को लगातार आयोजित किया जाएगा ताकि छात्र हर क्षेत्र में दक्ष बन सकें।
"शिक्षा केवल कक्षा की चार दीवारों तक सीमित नहीं है। जब युवा खुद स्टॉल लगाकर अपने उत्पादों की मार्केटिंग और बिक्री करते हैं, तो वे वास्तविक बाजार की नब्ज को समझते हैं। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों के आत्मविश्वास और उद्यमशीलता को नई ऊंचाइयां देते हैं।" - कॉलेज प्रबंधन
स्थानीय स्तर पर युवाओं के लिए नए रास्ते
इस आयोजन में संस्थान के अन्य गणमान्य शिक्षक और अधिकारी भी पूरी सक्रियता के साथ मौजूद रहे। एमबीए विभागाध्यक्ष डॉ. अमित शर्मा, प्रोफेसर मेहक संधू, पूजा झा, गुरमीन कौर, मुस्कान और रमन ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया और हर स्टॉल पर जाकर उनका उत्साहवर्धन किया। शिक्षकों का यह सहयोग युवाओं के लिए एक बड़े टॉनिक का काम कर रहा था। पानीपत लाइव की ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, मतलौडा क्षेत्र के इस प्रतिष्ठित संस्थान में हुए इस मेले ने यह साबित कर दिया है कि आज का युवा केवल नौकरी की तलाश करने वाला नहीं, बल्कि भविष्य में रोजगार सृजन करने वाला उद्यमी बनने की क्षमता रखता है।




