पानीपत जिले की शैक्षणिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में एक नया मील का पत्थर जुड़ गया है। राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जीटी रोड के प्रांगण में शुक्रवार को जिला स्तरीय निपुण बाल रामायण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें जिलेभर के नन्हे कलाकारों ने अपनी अद्भुत प्रतिभा का प्रदर्शन किया। रामायण के विभिन्न प्रसंगों को मंच पर जीवंत करते हुए इन प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और बड़े जीवन मूल्यों का संदेश दिया। इस भव्य आयोजन का मुख्य उद्देश्य बच्चों में नैतिक मूल्यों, सांस्कृतिक धरोहर और संवाद कला का विकास करना था।
जिला मौलिक शिक्षा विभाग के तत्वावधान में आयोजित इस प्रतियोगिता में पानीपत जिले के पांचों ब्लॉकों—पानीपत, समालखा, इसराना, मतलौडा और बापौली—के राजकीय प्राथमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों ने पूरी ऊर्जा के साथ हिस्सा लिया। बच्चों द्वारा प्रस्तुत किए गए संवाद, उनकी आकर्षक वेशभूषा, सुंदर मंच सज्जा और भावपूर्ण अभिनय ने वहां मौजूद हर एक व्यक्ति की वाहवाही लूटी। प्रतियोगिता के दौरान बच्चों की प्रस्तुतियों में उनके शिक्षकों की कड़ी मेहनत और अभिभावकों का सहयोग साफ तौर पर दिखाई दे रहा था, जिससे यह आयोजन और भी अधिक गरिमापूर्ण बन गया।
प्रतियोगिता का विस्तृत परिणाम और रोमांचक मुकाबला
कड़े मुकाबले और बेहतरीन प्रस्तुतियों के बीच निर्णायकों के लिए विजेताओं का चयन करना काफी चुनौतीपूर्ण रहा। सभी विद्यालयों के नन्हे कलाकारों ने रामायण के पात्रों जैसे मर्यादा पुरुषोत्तम राम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान के चरित्रों को मंच पर उतारकर सभी की आंखें नम और चेहरे पर मुस्कान ला दी। बच्चों के आत्मविश्वास और मंच पर उनकी बेबाक प्रस्तुति ने यह साबित कर दिया कि सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी भी किसी से कम नहीं हैं।
विस्तृत मूल्यांकन के बाद जारी किए गए परिणामों के अनुसार, आसन कलां के राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक विद्यालय ने अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुति के दम पर प्रथम स्थान हासिल किया। वहीं, डाहर के राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक विद्यालय ने दूसरा और समालखा क्षेत्र के छदिया स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। कार्यक्रम के अंत में सभी विजेता विद्यालयों और प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया ताकि उनका हौसला और अधिक बुलंद हो सके।
| स्थान | विद्यालय का नाम | ब्लॉक / क्षेत्र |
|---|---|---|
| प्रथम | राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक विद्यालय, आसन कलां | पानीपत |
| द्वितीय | राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक विद्यालय, डाहर | समालखा / पानीपत |
| तृतीय | राजकीय प्राथमिक विद्यालय, छदिया | समालखा / पानीपत |
अधिकारियों और शिक्षाविदों के विचार
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे अतिरिक्त उपायुक्त अंकित कुमार चौकसे ने बच्चों की कला और उनके आत्मविश्वास की भूरी-भूरी प्रशंसा की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि इस तरह के सांस्कृतिक और नैतिक आयोजनों से बच्चों के व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास होता है। रामायण के पात्रों से मिलने वाली प्रेरणाएं जैसे सत्य, मर्यादा, त्याग, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा बच्चों के जीवन की मजबूत नींव तैयार करती हैं।
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी नीलम कुंडू ने निपुण हरियाणा मिशन के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस मिशन का मुख्य लक्ष्य प्रत्येक बच्चे को बुनियादी शिक्षा में दक्ष बनाने के साथ-साथ उसकी कलात्मक और भाषाई क्षमताओं को उभारना है। इस अवसर पर खंड शिक्षा अधिकारी जयपाल सरोहा, डीओसी हरिओम, मोक्षित जैन, पवन जांगड़ा, संपर्क फाउंडेशन से सौरभ शर्मा और मुख्य शिक्षक राजेश कुमार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे जिन्होंने बच्चों का उत्साहवर्धन किया।
"नन्हे कलाकारों ने जिस परिपक्वता के साथ रामायण के पात्रों को जिया है, वह अद्वितीय है। ऐसे आयोजन बच्चों के भीतर नैतिक मूल्यों की गहरी जड़ें स्थापित करते हैं जो उन्हें आगे चलकर एक बेहतर इंसान बनाते हैं।" - अंकित कुमार चौकसे, अतिरिक्त उपायुक्त
सांस्कृतिक चेतना और आगामी दिशा
पानीपत लाइव ब्यूरो की ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रतियोगिता ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यदि प्राथमिक स्तर पर ही बच्चों को सही मंच और मार्गदर्शन मिले, तो वे अपनी लोक संस्कृति और इतिहास से गहराई से जुड़ सकते हैं। इस प्रकार के आयोजन न केवल स्कूली बच्चों में प्रतिस्पर्धा की भावना पैदा करते हैं, बल्कि उन्हें सामूहिक रूप से कार्य करने और अपनी प्राचीन सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करना भी सिखाते हैं। जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग की इस पहल की स्थानीय अभिभावकों और शिक्षकों द्वारा भी जमकर सराहना की जा रही है।




