पानीपत के जिला सचिवालय सभागार में आयोजित जिला कष्ट निवारण समिति की मासिक बैठक में जनसमस्याओं की अनदेखी और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कड़ा प्रशासनिक चाबुक चला। लोक निर्माण एवं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में शहर के कई गंभीर मुद्दों पर तीखी बहस हुई। खासकर जीटी रोड स्थित टीडीआई सिटी में प्रशासनिक पाबंदी के बावजूद अवैध तरीके से 522 रजिस्ट्रियां किए जाने और रेजिडेंट्स को मूलभूत सुविधाएं न मिलने के मामले में मंत्री ने अत्यंत सख्त तेवर दिखाए।
बैठक में अनुपस्थित रहने और बार-बार दिए गए निर्देशों के बावजूद जमीनी स्तर पर समाधान न कराने को लेकर कैबिनेट मंत्री ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के कार्यकारी अभियंता (एक्सईएन) और उपमंडल अधिकारी (एसडीओ) के खिलाफ विभागीय कार्रवाई अमल में लाने के स्पष्ट आदेश जारी किए। इसके साथ ही प्रतिबंध के बावजूद बड़े पैमाने पर जमीनों के बैनामे करने के गंभीर आरोप में तहसीलदार पानीपत को नोटिस जारी कर जवाब तलब करने के निर्देश दिए गए।
घटना का पूरा विवरण और सिलसिलेवार घटनाक्रम
जिला सचिवालय में सुबह करीब साढ़े दस बजे शुरू हुई इस समीक्षा बैठक में कुल 13 परिवाद कैबिनेट मंत्री के समक्ष रखे गए थे। इनमें से छह शिकायतों का दोनों पक्षों को सुनकर मौके पर ही प्रशासनिक स्तर पर निपटारा करवा दिया गया, जबकि सात मामलों की जटिलता को देखते हुए उन्हें आगामी बैठक तक गहन जांच के लिए लंबित रखा गया। बैठक के दौरान टीडीआई सिटी का विवाद सबसे प्रमुखता से उभरा। कॉलोनी निवासी विनोद टंडन द्वारा बिल्डर की मनमानी और धोखाधड़ी को लेकर दाखिल शिकायत पर नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त ने अपनी जांच रिपोर्ट पेश की।
नगर निगम की रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि टीडीआई सिटी का लाइसेंस वर्ष 2018 में ही समाप्त हो चुका है। इसके बावजूद टाउनशिप में न तो सीवरेज, सड़क व स्ट्रीट लाइट जैसी बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं और न ही मेंटेनेंस का कार्य किया जा रहा है। यही नहीं, 40 प्रतिशत भूखंडों का ट्रांसफर भी बिल्डर प्रबंधन द्वारा अटका कर रखा गया है। सुनवाई के दौरान जब एचएसवीपी के एक्सईएन और एसडीओ दोनों ही बैठक से नदारद पाए गए, तो मंत्री ने नाराजगी जताते हुए उन पर एक्शन लेने के साथ ही डीएसपी को अगली बैठक में टीडीआई प्रबंधन को व्यक्तिगत रूप से तलब करने की हिदायत दी।
| परिवाद का विषय / क्षेत्र | शिकायतकर्ता | प्रशासनिक आदेश / कार्रवाई |
|---|---|---|
| टीडीआई सिटी में अवैध 522 रजिस्ट्रियां व बदहाली | विनोद टंडन व अन्य | एचएसवीपी एक्सईएन-एसडीओ पर कार्रवाई, तहसीलदार को नोटिस |
| राधा/परशुराम कॉलोनी में प्लॉटों की धोखाधड़ी | रामफुल व 60 पीड़ित | आरोपी कॉलोनाइजर मनोज चुघ को तुरंत गिरफ्तार करने के आदेश |
| फर्जी दस्तावेज बनाकर 25 लाख की ठगी व धमकी | कोमल कोचर (वार्ड-11) | पुलिस को आरोपियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने के निर्देश |
| सेक्टर-18 जमीन मलकियत व प्लॉट विवाद | महेंद्र सिंह व मोहिंद्र सिंह | मौके पर निपटारा, एचएसवीपी को निर्माण कराने का निर्देश |
| दिवंगत कर्मी का बकाया वेतन व भत्ते | मांगे राम (चुलकाना) | संबंधित विभाग को तत्काल सेवा लाभ जारी करने के निर्देश |
| एनएच-709 मुआवजा विवाद (इसराना) | हेमराज | एनएचएआई प्रोजेक्ट डायरेक्टर को अगली बैठक में तलब किया |
अधिकारियों, पुलिस व जांच दल की भूमिका व कड़े निर्देश
बैठक में राधा कॉलोनी और परशुराम कॉलोनी में करीब 60 गरीब परिवारों के साथ हुई प्लॉट फर्जीवाड़े का मामला भी जोर-शोर से उठा। पीड़ित रामफुल व अन्य की शिकायत पर अधिकारियों ने अवगत कराया कि मुख्य आरोपी मनोज चुघ लगातार बैठकों से गायब चल रहा है और प्रशासन के फोन भी नहीं उठा रहा है। इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए मंत्री रणबीर गंगवा ने पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया कि तहसील कैंप थाने में दर्ज एफआईआर के तहत आरोपी को अविलंब सलाखों के पीछे भेजा जाए।
इसके अलावा वार्ड-11 की निवासी कोमल कोचर द्वारा जालसाजी कर करीब 25 लाख रुपये हड़पने और जान से मारने की धमकी देने के परिवाद पर पुलिस विभाग को फौरन प्राथमिकी दर्ज कर विधिक कार्रवाई करने को कहा गया। वहीं विकास नगर निवासी विजय कुमार द्वारा चार वर्ष पूर्व दर्ज धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तारी न होने की शिकायत पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हर्षित गोयल को निष्पक्ष जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई। सेक्टर-23 स्थित 'द एड्रेस' हाउसिंग सोसायटी में बुनियादी सुविधाओं और सुरक्षा खामियों की जांच के लिए एसडीएम पानीपत को मौके पर जाकर निरीक्षण करने का दायित्व दिया गया।
"आम नागरिकों की समस्याओं का पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध समाधान करना प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जनता के टैक्स से वेतन लेने वाले अधिकारियों की कार्यशैली में कोई भी लापरवाही, फाइलें दबाने की प्रवृत्ति या बैठकों से गैरहाजिरी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगी। जो अधिकारी जनता के काम में रोड़ा अटकाएंगे, उन पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित होगी।"
— रणबीर गंगवा, कैबिनेट मंत्री, हरियाणा सरकार
स्थानीय जनजीवन, नागरिकों व व्यवस्था पर प्रभाव
जिला कष्ट निवारण समिति में लिए गए इन कड़े फैसलों से पानीपत के विभिन्न आवासीय क्षेत्रों में रह रहे सैकड़ों परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जगी है। टीडीआई सिटी में वर्षों से बुनियादी सुविधाओं के अभाव में नारकीय जीवन जी रहे बाशिंदों के लिए प्रशासनिक दखल एक नई उम्मीद लेकर आया है। वहीं जिन 522 लोगों की रजिस्ट्रियां प्रशासनिक रोक के बावजूद करा दी गई थीं, उनके भविष्य पर मंडरा रहे कानूनी संकट को लेकर भी अब राजस्व महकमे की जवाबदेही तय होगी।
दूसरी ओर, कॉलोनाइजरों के झांसे में आकर अपनी गाढ़ी कमाई गंवाने वाले परशुराम और राधा कॉलोनी के 60 परिवारों में भी आरोपी की गिरफ्तारी के आदेश के बाद न्याय की आस जगी है। उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने बैठक में मौजूद सभी प्रशासनिक अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि मंत्री द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों की अनुपालना रिपोर्ट अगली मासिक बैठक से पूर्व हर हाल में प्रस्तुत की जाए। बैठक में पानीपत शहरी विधायक प्रमोद विज, भाजपा जिलाध्यक्ष दुष्यंत भट्ट, नगर निगम आयुक्त डॉ. पंकज और पुलिस अधीक्षक मेधा भूषण सहित सभी प्रमुख विभागों के विभागाध्यक्ष मौजूद रहे।
आगे की कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई और आगामी कदम
प्रशासनिक स्तर पर अब तहसीलदार पानीपत को जारी होने वाले स्पष्टीकरण नोटिस और एचएसवीपी के अधिकारियों पर शुरू होने वाली अनुशासनात्मक कार्रवाई पर पूरे जिले की नजरें टिकी हैं। तहसील कैंप थाना पुलिस की टीमों को फरार आरोपी कॉलोनाइजर की गिरफ्तारी के लिए दबिश देने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। साथ ही एनएचएआई के रोहतक-पानीपत खंड पर छूटी भूमि के मुआवजे को लेकर नेशनल हाईवे अथॉरिटी के प्रोजेक्ट डायरेक्टर को अगली बैठक में व्यक्तिगत रूप से समस्त रिकॉर्ड के साथ तलब किया गया है, जिससे इसराना क्षेत्र के किसानों के लंबित मुआवजे का स्थायी समाधान निकल सके।




