पानीपत रिफाइनरी एवं पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स (पीआरपीसी) के प्रशासनिक प्रांगण में बुधवार को सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2026 का औपचारिक रूप से आगाज कर दिया गया। यह विशेष अभियान आगामी एक नवंबर तक अनवरत चलेगा, जिसके दौरान संस्था के भीतर और आसपास के इलाकों में विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों, कार्यशालाओं और प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। इस वृहद आयोजन का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक जीवन और कार्यस्थलों पर शुचिता, जवाबदेही और उच्च नैतिक मूल्यों की स्थापना करना है, जो एक सशक्त राष्ट्र के निर्माण के लिए अनिवार्य शर्त माने जाते हैं।
उद्घाटन सत्र का आयोजन स्थानीय ईडी एंड आरएच कॉन्फ्रेंस रूम में बेहद गरिमामयी माहौल में संपन्न हुआ। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम की अध्यक्षता रिफाइनरी प्रमुख एवं कार्यकारी निदेशक एमएल डहरिया ने की। समारोह के दौरान देश के महामहिम राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के उच्च संदेशों के साथ-साथ इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के चेयरमैन और मुख्य सतर्कता अधिकारी के प्रेरणादायक संदेश भी उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच साझा किए गए, जिससे सभी को पूरी ईमानदारी के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने का संदेश मिला।
सत्यनिष्ठा और पारदर्शिता को बढ़ावा देने की दिशा में ठोस कदम
कार्यक्रम के दौरान मुख्य प्रबंधक सतर्कता गौतम प्रिया ने सभी आगुंतकों और वरिष्ठ अधिकारियों का स्वागत करते हुए इस वर्ष के अभियान की रूपरेखा सबके सामने रखी। उनके साथ उप महाप्रबंधक विषक मित्तल और वरिष्ठ प्रबंधक संजीव ठाकुर की भी विशेष उपस्थिति रही। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं में जितना अधिक पारदर्शी तंत्र होगा, व्यवस्था उतनी ही अधिक मजबूत और जनहितैषी बनेगी।
समारोह के मुख्य आकर्षण के रूप में रिफाइनरी प्रमुख एमएल डहरिया ने इस वर्ष की निर्धारित सतर्कता थीम पर आधारित आकर्षक द्विभाषी पोस्टरों का विमोचन किया। इसके साथ ही उन्होंने जनसामान्य और कर्मचारियों के बीच जागरूकता का संदेश प्रसारित करने वाले 'सतर्कता रथ' को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रथ रिफाइनरी टाउनशिप और आसपास के क्षेत्रों में घूमकर लोगों को नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूक करेगा।
| विशेष विवरण | मुख्य बिंदु व जानकारी |
|---|---|
| आयोजन स्थल | ईडी एंड आरएच कॉन्फ्रेंस रूम, पानीपत रिफाइनरी (पीआरपीसी) |
| अभियान की अवधि | बुधवार से 1 नवंबर 2026 तक |
| मुख्य थीम | सत्यनिष्ठा से समृद्धि |
| अध्यक्षता | एमएल डहरिया (कार्यकारी निदेशक एवं रिफाइनरी प्रमुख) |
| प्रमुख गतिविधियां | पोस्टर विमोचन, सतर्कता रथ रवाना करना, संदेश पठन |
अधिकारियों के विचार और सामूहिक संकल्प
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रिफाइनरी प्रमुख एमएल डहरिया ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भ्रष्टाचार का दीमक समाज और देश की जड़ों को खोखला करता है, जिसके खात्मा के लिए हर नागरिक को अपनी व्यक्तिगत स्तर पर पहल करनी होगी। उन्होंने कहा कि सत्यनिष्ठा केवल प्रशासनिक कागजों या नियमों के पालन तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि यह प्रत्येक व्यक्ति के स्वभाव और जीवनशैली का अभिन्न अंग बननी चाहिए। आत्म-अनुशासन ही भ्रष्टाचार के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार है।
उन्होंने कहा कि इंडियन ऑयल हमेशा से अपने व्यावसायिक और सामाजिक दायित्वों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध रहा है। पानीपत रिफाइनरी न केवल ऊर्जा की जरूरतें पूरी कर रही है, बल्कि नैतिक मूल्यों के मामले में भी पूरे उद्योग जगत के लिए एक उच्च मानक स्थापित कर रही है। इस तरह के जागरूकता अभियान कर्मचारियों को उनके कर्तव्यों के प्रति और अधिक संवेदनशील बनाते हैं।
"भ्रष्टाचार का उन्मूलन किसी एक व्यक्ति या विभाग का काम नहीं, बल्कि यह एक साझा राष्ट्रीय मिशन है। इसके लिए प्रत्येक नागरिक में ईमानदारी, गहरी प्रतिबद्धता और कार्यप्रणाली में पूर्ण पारदर्शिता होना सबसे अधिक आवश्यक है। सतर्कता कोई मजबूरी नहीं, बल्कि जीवनशैली है।" - एमएल डहरिया, कार्यकारी निदेशक एवं रिफाइनरी प्रमुख
स्थानीय उद्योग और समुदाय पर सकारात्मक प्रभाव
इस तरह के वृहद जागरूकता अभियानों का असर केवल कार्यालय की चारदीवारी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह पूरे औद्योगिक क्षेत्र और स्थानीय जनजीवन पर गहरा प्रभाव डालता है। पानीपत रिफाइनरी जैसे प्रतिष्ठित संस्थान जब अपने यहां शुचिता और पारदर्शिता को प्राथमिकता देते हैं, तो इससे स्थानीय वेंडर, ठेकेदार और आम नागरिकों में भी एक बहुत ही सकारात्मक संदेश जाता है।
पानीपत लाइव की ग्राउंड टीम मानती है कि इस प्रकार के आयोजनों से औद्योगिक इकाइयों में कार्य संस्कृति में सुधार होता है और लालफीताशाही पर लगाम लगती है। स्थानीय युवा वर्ग और प्रशिक्षु भी इन आयोजनों से प्रेरणा लेकर अपने पेशेवर जीवन में ईमानदारी और निष्पक्षता को अपनाते हैं।
प्रशासनिक और जनहित से जुड़े आगामी कदम
सतर्कता जागरूकता सप्ताह के तहत आने वाले दिनों में पानीपत रिफाइनरी परिसर में निबंध लेखन, वाद-विवाद प्रतियोगिता, नुक्कड़ नाटक और कर्मचारियों के लिए विशेष कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा। इन गतिविधियों के माध्यम से कर्मचारियों और उनके परिवारों को भी नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूक किया जाएगा। प्रबंधन का उद्देश्य एक ऐसा मजबूत और पारदर्शी सिस्टम तैयार करना है जहां हर कार्य पूरी निष्पक्षता और जवाबदेही के साथ संपादित हो सके।




