पानीपत जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में रविवार को नागरिकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो प्रसारण 'मन की बात' के 139वें एपिसोड को बेहद उत्साह के साथ सुना। इसी कड़ी में भारतीय जनता पार्टी के जिला संगठन द्वारा विशेष तैयारियां की गई थीं, जिसके तहत विभिन्न बूथों पर सामूहिक श्रवण कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। स्थानीय स्तर पर जनता ने प्रधानमंत्री के विचारों को आत्मसात करने और राष्ट्र निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का संकल्प लिया।
इसी सिलसिले में काबड़ी मंडल के अंतर्गत आने वाली सैनी कॉलोनी में एक विशेष सामूहिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष दुष्यंत भट्ट मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उनके साथ बड़ी संख्या में स्थानीय पार्टी कार्यकर्ता, गणमान्य नागरिक और युवा भी मौजूद रहे। सभी ने एक साथ रेडियो के माध्यम से प्रधानमंत्री के संबोधन को सुना और देशहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर उनके विचारों से मार्गदर्शन प्राप्त किया।
स्वदेशी और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने का आह्वान
कार्यक्रम के उपरांत उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष दुष्यंत भट्ट ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह मासिक रेडियो कार्यक्रम देश के आम नागरिकों के अथक परिश्रम और उनकी अनूठी प्रतिभा को राष्ट्रीय पहचान दिलाने का एक सशक्त माध्यम बन चुका है। उन्होंने वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करने के लक्ष्य को दोहराते हुए कहा कि इसके लिए प्रत्येक नागरिक को स्वदेशी उत्पादों, स्वावलंबन और अपने देश की शक्ति पर पूर्ण आत्मविश्वास रखना बेहद आवश्यक है।
दुष्यंत भट्ट ने स्थानीय निवासियों से अपील की कि वे अपने दैनिक जीवन और आगामी त्योहारों के दौरान भारत में निर्मित वस्तुओं को ही प्राथमिकता दें। ऐसा करने से हमारे स्थानीय कारीगरों, कुटीर उद्योगों के संचालकों, किसानों और छोटे उद्यमियों को सीधा आर्थिक प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे जमीनी स्तर पर देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उन्होंने प्रधानमंत्री के 'वोकल फॉर लोकल' मंत्र को जीवन का हिस्सा बनाने पर बल दिया।
| विवरण | मुख्य बिंदु |
|---|---|
| कार्यक्रम का नाम | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 'मन की बात' (एपिसोड 139) |
| प्रमुख उपस्थिति | दुष्यंत भट्ट (भाजपा जिलाध्यक्ष), सुमित जागलान, सोनू कुराड़िया |
| स्थान | सैनी कॉलोनी, काबड़ी मंडल, पानीपत |
| मुख्य संदेश | स्वदेशी अपनाएं, आत्मनिर्भर भारत, पर्यावरण संरक्षण और वोकल फॉर लोकल |
पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सहभागिता पर विशेष जोर
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने देश के अलग-अलग हिस्सों में चल रहे सकारात्मक बदलावों और जन-आंदोलनों का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने पंजाब के खेती विरासत मिशन और उत्तराखंड की हेंवल नदी के पुनर्जीवन जैसे अभियानों की सराहना करते हुए यह संदेश दिया कि जब समाज और प्रशासन मिलकर प्रयास करते हैं, तो बड़े से बड़ा पर्यावरणीय संकट भी टाला जा सकता है। प्रधानमंत्री ने जल संरक्षण और पौधारोपण को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की बात कही ताकि आने वाली पीढ़ियों को एक स्वस्थ पर्यावरण मिल सके।
इसके साथ ही, महिला सशक्तिकरण के मुद्दों पर चर्चा करते हुए उन्होंने ग्रामीण महिलाओं द्वारा स्व-सहायता समूहों के माध्यम से लाए जा रहे आर्थिक बदलावों को रेखांकित किया। बिहार के मखाने, खादी के वस्त्र और अन्य पारंपरिक उत्पादों को वैश्विक स्तर पर मिल रही पहचान का जिक्र करते हुए उन्होंने नागरिकों से इन्हें अपनी खरीदारी का हिस्सा बनाने का आग्रह किया। स्वतंत्रता सेनानी भाई परमानंद के महान बलिदानों को याद करते हुए उनके जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान भी किया गया।
"मन की बात कार्यक्रम देश के सामान्य नागरिकों की उपलब्धियों को मंच देता है। विकसित भारत 2047 के सपने को पूरा करने के लिए हमें स्वदेशी उत्पादों को अपनाना होगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन में योगदान देना होगा। त्यौहारों के इस सीजन में वोकल फॉर लोकल का संकल्प हमारी अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयां देगा।" - दुष्यंत भट्ट, भाजपा जिलाध्यक्ष, पानीपत
त्योहारों पर स्वच्छता और सुरक्षा का संदेश
आगामी पर्वों जैसे दीपावली और छठ पूजा के संदर्भ में प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए संदेशों को भी स्थानीय कार्यकर्ताओं ने जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि त्योहारों के इस पावन अवसर पर हमें स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना चाहिए और पर्यावरण अनुकूल उत्पादों का उपयोग करना चाहिए। समाज में आपसी भाईचारा, सामाजिक समरसता और सुरक्षा की भावना को बनाए रखना ही सच्चे अर्थों में इन पर्वों की सार्थकता है।
इस अवसर पर कार्यक्रम में जिला महामंत्री सुमित जागलान, सोनू कुराड़िया, मंडल महामंत्री नीरज पाल, विनीत कुंडू और विजय रोड़ समेत कई प्रमुख पदाधिकारी और स्थानीय निवासी उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में प्रधानमंत्री के विचारों का स्वागत करते हुए पानीपत में इन अभियानों को धरातल पर और अधिक प्रभावी ढंग से चलाने का संकल्प लिया।




