पानीपत शहर के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान एसडी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में छात्र-छात्राओं के कानूनी अधिकारों और व्यक्तिगत सुरक्षा को पुख्ता करने के उद्देश्य से एक विशेष विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। पानीपत लाइव ब्यूरो की ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक, इस महत्वपूर्ण सत्र में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) की सचिव एवं मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) वर्षा शर्मा ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। उनके साथ कार्यक्रम में जिला समन्वयक डॉ. हितेश और एडवोकेट नीलम मंडोल भी विशेष रूप से उपस्थित रहे, जिन्होंने बच्चों को बाल संरक्षण कानूनों की बारीकियों से रूबरू कराया।
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ विद्यालय की प्रधानाचार्य डॉ. रेखा शर्मा द्वारा मुख्य अतिथि को पारंपरिक रूप से श्रीमद्भगवद्गीता भेंट करके किया गया। इस दौरान स्कूली विद्यार्थियों में अपने अधिकारों को लेकर भारी उत्साह और उत्सुकता देखने को मिली। आयोजकों का मुख्य ध्येय बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाना और समाज में बच्चों के लिए एक सुरक्षित, भयमुक्त व सकारात्मक शैक्षिक वातावरण सुनिश्चित करना था, ताकि वे बिना किसी मानसिक दबाव के अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें।
पॉक्सो अधिनियम और बाल अधिकारों की विस्तृत जानकारी
सत्र को संबोधित करते हुए सीजेएम वर्षा शर्मा ने छात्र-छात्राओं को अत्यंत सरल और व्यावहारिक भाषा में पॉक्सो (POCSO) कानून के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश का कानून हर बच्चे को पूर्ण सुरक्षा और गरिमा के साथ शिक्षा ग्रहण करने का मौलिक अधिकार देता है। उन्होंने बच्चों को 'गुड टच' और 'बैड टच' के अंतर को समझाते हुए व्यक्तिगत सुरक्षा के प्रति पूरी तरह सतर्क रहने की हिदायत दी।
न्यायिक अधिकारियों ने बच्चों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि यदि किसी भी विद्यार्थी को अपने आस-पास या विद्यालय परिसर में कोई भी परिस्थिति असहज या संदिग्ध लगे, तो उसे बिना किसी डर या झिझक के तुरंत अपने माता-पिता, शिक्षकों अथवा अधिकृत चाइल्ड हेल्पलाइन नंबरों पर अपनी बात रखनी चाहिए। चुप्पी किसी भी समस्या का समाधान नहीं है, बल्कि समय पर उठाया गया एक कदम बड़ी अनहोनी को टाल सकता है।
| विवरण | तथ्य एवं जानकारी |
|---|---|
| आयोजन स्थल | एसडी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, पानीपत |
| मुख्य अतिथि | सुश्री वर्षा शर्मा (सचिव, डीएलएसए एवं सीजेएम) |
| विशेष उपस्थिति | डॉ. हितेश (जिला समन्वयक) एवं एडवोकेट नीलम मंडोल |
| विद्यालय नेतृत्व | डॉ. रेखा शर्मा (प्रधानाचार्य) |
| मुख्य विषय | पॉक्सो अधिनियम, बच्चों के अधिकार और व्यक्तिगत सुरक्षा |
शिक्षा के साथ कानूनी जागरूकता का महत्व
विद्यालय की प्रधानाचार्य डॉ. रेखा शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि केवल किताबी शिक्षा प्राप्त करना ही आधुनिक छात्र जीवन का एकमात्र लक्ष्य नहीं होना चाहिए। विद्यार्थियों का बौद्धिक और सामाजिक विकास तभी संभव है जब उन्हें अपने बुनियादी कानूनी अधिकारों और अपनी सुरक्षा के तौर-तरीकों की पूरी समझ हो। इस प्रकार के जागरूकता अभियानों से बच्चों के भीतर आत्मविश्वास बढ़ता है और वे विपरीत परिस्थितियों का डटकर मुकाबला करने के लिए मानसिक रूप से तैयार होते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि स्कूल प्रबंधन बच्चों की सुरक्षा को लेकर हमेशा से बेहद गंभीर रहा है और भविष्य में भी इस तरह के रचनात्मक सत्र आयोजित किए जाते रहेंगे। अध्यापकों को भी यह निर्देश दिए गए हैं कि वे विद्यार्थियों के व्यवहार में आने वाले बदलावों पर पैनी नजर रखें और उनके साथ एक मित्रवत संवाद स्थापित करें ताकि बच्चे अपनी हर परेशानी बेझिझक साझा कर सकें।
"प्रत्येक बच्चे को भयमुक्त और सुरक्षित माहौल में शिक्षा पाने का पूर्ण अधिकार है। किसी भी असहज परिस्थिति में बच्चों को बिना डरे अपने अभिभावकों, शिक्षकों या विधिक हेल्पलाइन की सहायता लेनी चाहिए। जागरूकता ही बच्चों की सबसे बड़ी ढाल है।" - वर्षा शर्मा, सीजेएम एवं सचिव, डीएलएसए पानीपत
स्थानीय समाज और अभिभावकों पर सकारात्मक प्रभाव
पानीपत के स्थानीय नागरिकों, अभिभावकों और बुद्धिजीवियों ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और स्कूल प्रशासन की इस पहल की भूरी-भूरी प्रशंसा की है। शहर में लगातार हो रहे ऐसे आयोजनों से अभिभावकों में भी यह विश्वास मजबूत हुआ है कि शिक्षण संस्थानों में बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। वर्तमान समय में जब बच्चों को डिजिटल और सामाजिक मोर्चे पर कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, तब ऐसे विधिक सत्र उन्हें सही राह दिखाने का काम करते हैं।
नागरिकों का मानना है कि बच्चों को कम उम्र से ही उनके अधिकारों और कानूनों के प्रति जागरूक करने से समाज में एक स्वस्थ और सुरक्षित संस्कृति का निर्माण होता है। जब छात्र स्वयं अपने अधिकारों के प्रति सजग हो जाते हैं, तो वे न केवल अपनी बल्कि अपने सहपाठियों की रक्षा करने में भी सक्षम बनते हैं।
प्रशासनिक प्रतिबद्धता और आगामी रूपरेखा
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा पानीपत जिले के विभिन्न स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों में इस तरह के जागरूकता अभियानों का सिलसिला निरंतर जारी रहेगा। डीएलएसए की यह पहल दर्शाती है कि न्यायपालिका और प्रशासन धरातल पर पहुंचकर बच्चों के कल्याण के लिए कितनी गंभीरता से कार्य कर रहे हैं। आगामी दिनों में पानीपत के अन्य ग्रामीण और शहरी इलाकों के स्कूलों में भी ऐसे ही शिविर आयोजित करने की योजना है, ताकि जिले का प्रत्येक छात्र कानून की बुनियादी जानकारी से लैस हो सके।




