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पानीपत के एसडी विद्या मंदिर में गूंजी रामायण की गाथा, बच्चों के सांस्कृतिक प्रदर्शन ने मोहा मन

एसडी विद्या मंदिर हुडा में हर्षोल्लास के साथ दीपावली उत्सव मनाया गया, जहां बच्चों ने रामायण के पात्रों का रूप धरकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।

पानीपत लाइव ब्यूरो✓ वेरिफाइड ग्राउंड रिपोर्टर
पानीपत लाइव डिजिटल नेटवर्क
6 नवंबर 2026 को 01:17 pm बजे2 मिनट पठन0 व्यूज
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पानीपत के एसडी विद्या मंदिर में गूंजी रामायण की गाथा, बच्चों के सांस्कृतिक प्रदर्शन ने मोहा मन
फोटो: पानीपत लाइव ग्राउंड रिपोर्टिंग ब्यूरोpanipatlive.com

खबर की मुख्य बातें (Key Highlights)

  • •एसडी विद्या मंदिर हुडा परिसर में पारंपरिक और सांस्कृतिक अंदाज में मनाया गया दीपोत्सव।
  • •नन्हे विद्यार्थियों ने रामायण के प्रमुख पात्रों की वेशभूषा पहनकर सबका मन मोह लिया।
  • •दीपक सजावट, रंगोली, तोरण निर्माण और बिना आग के व्यंजन बनाने की प्रतियोगिताओं का आयोजन।
  • •प्रधानाचार्या डॉ. अनु गुप्ता ने विद्यार्थियों की रचनात्मकता को सराहा और पर्यावरण अनुकूल दीवाली का संदेश दिया।

पानीपत लाइव ब्यूरो की धरातल रिपोर्ट के अनुसार, शहर के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान एसडी विद्या मंदिर हुडा में दीपावली का पावन पर्व अत्यंत हर्षोल्लास और सांस्कृतिक धूमधाम के साथ मनाया गया। इस विशेष अवसर पर पूरे विद्यालय परिसर को पारंपरिक दीयों, आकर्षक प्रकाश व्यवस्था और मनमोहक रंग-बिरंगी सजावट से संवारा गया था। उत्सव का मुख्य आकर्षण विद्यार्थियों की वह कलात्मक प्रस्तुतियां रहीं, जिन्होंने सनातन संस्कृति की गहरी छाप छोड़ी। नन्हे-मुन्ने बच्चों ने रामायण महाकाव्य के विभिन्न ऐतिहासिक पात्रों का जीवंत रूप धारण कर उपस्थित सभी शिक्षकों और अभिभावकों का मन मोह लिया।

सांस्कृतिक उल्लास और रचनात्मकता से परिपूर्ण इस आयोजन की शुरुआत विद्यालय प्रांगण में विशेष प्रार्थना सभा और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके उपरांत विभिन्न कक्षाओं के छात्र-छात्राओं ने दीपावली क्राफ्ट, मोमबत्ती एवं दीया अलंकरण, पारंपरिक तोरण निर्माण, मनमोहक रंगोली और कक्षा सजावट जैसी विविध प्रतियोगिताओं में भारी उत्साह के साथ भागीदारी की। इसके अलावा, बिना आग के स्वादिष्ट मिठाइयां (फायरलेस कुकिंग) तैयार करने की गतिविधि में विद्यार्थियों ने अपनी पाक कला का शानदार प्रदर्शन किया। समूह रंगोली और कलात्मक थाली सजावट प्रतियोगिताओं ने इस दीपोत्सव के आकर्षण को और अधिक बढ़ा दिया।

सांस्कृतिक धरोहर से जुड़ाव और रचनात्मकता का अद्भुत संगम

इस प्रकार के आयोजनों का मुख्य उद्देश्य आधुनिक पीढ़ी को अपनी समृद्ध प्राचीन संस्कृति और नैतिक मूल्यों से परिचित कराना होता है। एसडी विद्या मंदिर में आयोजित इस उत्सव के दौरान बच्चों द्वारा रामायण के प्रसंगों और किरदारों को मंचित करना इस बात का प्रमाण था कि युवा पीढ़ी आज भी अपनी जड़ों से गहराई से जुड़ी हुई है। भगवान श्रीराम, माता सीता और हनुमान जैसे पात्रों की वेशभूषा में सजे बच्चों की मासूमियत और अभिनय ने हर किसी को अचंभित कर दिया। विद्यालय के शिक्षकों ने भी इस आयोजन को सफल बनाने में पूरी तन्मयता से सहयोग दिया, जिससे छात्रों का आत्मविश्वास भी सुदृढ़ हुआ।

प्रतियोगिता का नामप्रतिभागियों का वर्गप्रमुख आकर्षण
रामायण पात्र रूप सज्जानन्हे विद्यार्थीभगवान राम, सीता व हनुमान के रूप में जीवंत प्रस्तुतियां
रंगोली एवं तोरण निर्माणमध्य और वरिष्ठ वर्गपारंपरिक भारतीय कला व रंगों का अनूठा समन्वय
दीया व थाली सजावटसमस्त छात्र-वर्गहस्तनिर्मित और पर्यावरण अनुकूल सजावटी सामग्रियां
फायरलेस कुकिंगखाद्य कला प्रेमी छात्रबिना आग के स्वास्थ्यवर्धक और स्वादिष्ट मिठाइयां

प्रधानाचार्या और प्रबंधन समिति के प्रेरक संदेश

कार्यक्रम के समापन अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. अनु गुप्ता और प्रबंधक समिति के सदस्यों ने सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों तथा कर्मचारियों को दीपावली की अग्रिम शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों की पीठ थपथपाई और शिक्षण स्टाफ को पर्वतीय उपहार वितरित किए। अपने संबोधन में डॉ. अनु गुप्ता ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि बच्चों के भीतर छिपी हुई सृजनात्मक प्रतिभा को बाहर लाना भी है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे इस दीपावली पर पटाखों से दूर रहें और प्रेम, आपसी सौहार्द, स्वच्छता तथा पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ इस प्रकाश पर्व को मनाएं।

"दीपावली केवल दीप जलाने का पर्व नहीं है, बल्कि यह हमारे भीतर के अंधकार को मिटाकर ज्ञान और मानवता का प्रकाश फैलाने का संदेश देता है। बच्चों की रचनात्मकता ने आज इस उत्सव को जीवंत बना दिया है।" - डॉ. अनु गुप्ता, प्रधानाचार्या, एसडी विद्या मंदिर हुडा

पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सौहार्द का संदेश

पानीपत के इस प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान में हुए इस आयोजन ने शहरवासियों के बीच भी एक सकारात्मक संदेश पहुंचाया है। वर्तमान समय में जब पर्यावरण प्रदूषण एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है, ऐसे में स्कूलों द्वारा बच्चों को प्रकृति के अनुकूल और सादगीपूर्ण त्योहार मनाने के लिए प्रेरित करना सराहनीय कदम है। इस उत्सव के माध्यम से छात्रों ने पॉलीथीन मुक्त सजावट और हर्बल रंगों से रंगोली बनाकर समाज को स्वच्छता का संदेश दिया। विद्यालय के इस प्रयास ने साबित कर दिया कि पारंपरिक संस्कृति और आधुनिक शिक्षा का सही तालमेल ही एक सशक्त समाज की नींव रखता है।

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पानीपत लाइव ग्राउंड न्यूज़रूम ब्यूरोPanipatLive.com

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