ऐतिहासिक नगरी पानीपत शनिवार को प्रदेशभर से जुटे नन्हे खिलाड़ियों के अदम्य साहस और खेल भावना के नारों से गूंज उठी। अवसर था आठवीं हरियाणा राज्यस्तरीय अंडर-11 स्कूली खेल प्रतियोगिता का, जिसका 'पानीपत लाइव' की टीम ने धरातल पर पहुंचकर सीधा अवलोकन किया। तीन दिनों तक चलने वाली इस खेल महाकुंभ के पहले दिन प्रदेश के विभिन्न जिलों से आई बेटियों ने कुल 10 खेल स्पर्धाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। मेजबान पानीपत के लिए पहला दिन बेहद गौरवशाली रहा, जहाँ कबड्डी के फाइनल मुकाबले में पानीपत की बेटियों ने प्रथम स्थान हासिल कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
प्रतियोगिता का औपचारिक उद्घाटन जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी नीलम कुंडू, उप जिला शिक्षा अधिकारी सुनीता कादियान और विजेंद्र नरवाल ने संयुक्त रूप से किया। इस दौरान खंड शिक्षा अधिकारी जयपाल सरोहा और एईओ रविंद्र सिंह अंतिल भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने दीप प्रज्वलित कर खेलों का शुभारंभ किया और खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल न केवल शारीरिक विकास के लिए आवश्यक हैं, बल्कि ये अनुशासन और टीम भावना की सीख भी देते हैं। उन्होंने नन्ही खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें भविष्य के ओलंपिक सितारे बताया।
मैदान पर पानीपत का दबदबा: कबड्डी और एथलेटिक्स में स्वर्णिम सफलता
खेल मैदान पर पहले दिन सबसे रोमांचक मुकाबला कबड्डी का रहा। बालिकाओं की कबड्डी स्पर्धा में पानीपत की टीम ने अपने बेहतरीन रेडिंग और डिफेंस के दम पर सोनीपत को पछाड़ते हुए पहला स्थान प्राप्त किया। वहीं, फतेहाबाद की टीम को तीसरे स्थान से संतोष करना पड़ा। एथलेटिक्स ट्रैक पर भी पानीपत की बेटियों ने अपनी गति का प्रदर्शन किया। 400 मीटर की दौड़ में इशिता ने अपनी प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़ते हुए स्वर्ण पदक जीता, जबकि लंबी कूद में अवनी ने सबसे लंबी छलांग लगाकर प्रथम स्थान हासिल किया।
वहीं, सोनीपत की खिलाड़ी दीक्षा पहले दिन की 'स्टार परफॉर्मर' बनकर उभरीं। उन्होंने 100 मीटर और 200 मीटर की दोनों फर्राटा दौड़ में स्वर्ण पदक जीतकर 'डबल गोल्ड' अपने नाम किया। खो-खो स्पर्धा में हिसार की टीम ने बाजी मारी, जबकि कैथल दूसरे और मेजबान पानीपत की टीम तीसरे स्थान पर रही। शतरंज और कैरम जैसे दिमागी खेलों में भी कड़ा मुकाबला देखने को मिला, जहाँ गुरुग्राम और हिसार की टीमों ने अपना वर्चस्व स्थापित किया।
| खेल स्पर्धा | प्रथम स्थान (स्वर्ण) | द्वितीय स्थान (रजत) | तृतीय स्थान (कांस्य) |
|---|---|---|---|
| कबड्डी (बालिका) | पानीपत | सोनीपत | फतेहाबाद |
| खो-खो | हिसार | कैथल | पानीपत |
| 100 मीटर दौड़ | दीक्षा (सोनीपत) | अर्पिता (रोहतक) | श्रेया (पानीपत) |
| 400 मीटर दौड़ | इशिता (पानीपत) | पीहू (जींद) | संध्या (झज्जर) |
| लंबी कूद | अवनी (पानीपत) | महक (भिवानी) | रूपाली (फतेहाबाद) |
| शतरंज | गुरुग्राम | फरीदाबाद | रेवाड़ी |
| रस्साकशी | पंचकूला | सिरसा | फरीदाबाद |
कुश्ती और अन्य खेलों में कड़ा संघर्ष
कुश्ती के अखाड़े में भी बेटियों ने अपनी तकनीक और ताकत का परिचय दिया। कुल नौ भार वर्गों में आयोजित मुकाबलों में रोहतक, हिसार और सोनीपत की पहलवानों का दबदबा रहा। 20 किलोग्राम भार वर्ग में रोहतक की खिलाड़ी ने बाजी मारी, वहीं 34 किलोग्राम से अधिक भार वर्ग में सोनीपत की बेटी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। पानीपत की खिलाड़ियों ने भी कुश्ती के विभिन्न भार वर्गों में पदक जीतकर जिले की झोली भरी।
"यह प्रतियोगिता छोटे बच्चों के लिए एक बड़ा मंच है। अंडर-11 स्तर पर इस तरह का आयोजन बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाता है। पानीपत की बेटियों ने जिस तरह से कबड्डी और एथलेटिक्स में प्रदर्शन किया है, वह सराहनीय है। हमारा उद्देश्य खेलों को जमीनी स्तर पर बढ़ावा देना है।" - नीलम कुंडू, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, पानीपत।
स्थानीय खेल संस्कृति पर प्रभाव और आगामी कार्यक्रम
इस राज्यस्तरीय प्रतियोगिता के आयोजन से पानीपत के स्थानीय खेल प्रेमियों और उभरते खिलाड़ियों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। शिवाजी स्टेडियम और अन्य खेल परिसरों में मूलभूत सुविधाओं के साथ-साथ खिलाड़ियों के रुकने और खान-पान के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। खेल सचिव सुरेश कादियान और उनकी टीम लगातार मैदान पर व्यवस्थाओं का जायजा ले रही है। स्थानीय नागरिकों का मानना है कि ऐसे आयोजनों से जिले के ग्रामीण अंचलों की प्रतिभाओं को आगे आने का मौका मिलता है।
प्रतियोगिता के दूसरे दिन यानी रविवार को लड़कों के विभिन्न खेल मुकाबले आयोजित किए जाएंगे। खेल विभाग और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, प्रतियोगिता का समापन 2 नवंबर को होगा, जिसमें सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबलों के बाद विजयी खिलाड़ियों को पुरस्कृत किया जाएगा। इस दौरान सतेंद्र मलिक, प्रदीप मलिक, दिव्या राणा और अन्य खेल प्रशिक्षक निर्णायक की भूमिका निभाते हुए पारदर्शिता सुनिश्चित कर रहे हैं।




