पानीपत शहर के वार्ड क्रमांक-7 में स्थित प्रसिद्ध श्री सनातन धर्म राम मंदिर में कार्तिक मास के पावन पर्व के उपलक्ष्य में विशेष धार्मिक अनुष्ठान एवं कथा ज्ञान यज्ञ का भव्य शुभारंभ हुआ है। श्री सनातन धर्म राम मंदिर सभा के तत्त्वावधान में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में क्षेत्र भर के श्रद्धालु बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। मंगलवार तड़के से ही मंदिर प्रांगण में श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो गया, जहाँ पूरा परिसर वैदिक मंत्रों की गूंज और धार्मिक जयकारों से भक्तिमय हो उठा।
अनुष्ठान के पहले दिन मंदिर परिसर में विधिवत पूजा-अर्चना के बाद सामूहिक हवन-यज्ञ का आयोजन किया गया। स्थानीय नागरिकों और सनातन धर्म राम मंदिर सभा के पदाधिकारियों ने यज्ञवेदी में आहुतियाँ अर्पित कर क्षेत्र की खुशहाली, आरोग्य और विश्व शांति की कामना की। सुबह के समय आयोजित होने वाले इस नियमित कार्यक्रम में प्रतिदिन हवन के उपरांत कार्तिक महात्म्य कथा का श्रवण कराया जा रहा है, जिससे पूरा आसपास का इलाका अध्यात्म के माहौल में सराबोर है।
कार्तिक मास अनुष्ठान का भव्य शुभारंभ और वैदिक परंपराएँ
धार्मिक परंपराओं के अनुसार सनातन धर्म में कार्तिक मास का अत्यंत विशिष्ट और पावन स्थान माना गया है। वार्ड-7 स्थित श्री राम मंदिर में आयोजित इस महा-अनुष्ठान में कथा व्यास हिमांशु शर्मा अपनी वाणी से श्रद्धालुओं को कार्तिक महात्म्य के गूढ़ रहस्यों और इसके आध्यात्मिक महत्त्व से अवगत करा रहे हैं। प्रथम दिवस की कथा के दौरान उन्होंने बताया कि कार्तिक का महीना भगवान श्री हरि विष्णु को अत्यंत प्रिय है। इस दौरान किए जाने वाले जप, तप, दान और स्नान का फल अक्षय होता है।
कथा व्यास ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि इस पवित्र महीने में प्रातःकाल सूर्योदय से पूर्व स्नान, प्रभु का ध्यान, नियमित हवन और कथा श्रवण करने से मनुष्य के जन्म-जन्मांतर के पाप मिट जाते हैं। सांसारिक कष्टों से मुक्ति मिलने के साथ-साथ जीवात्मा को मोक्ष की प्राप्ति होती है। कथा के दौरान मंदिर में मौजूद महिला एवं पुरुष श्रद्धालु भावविभोर होकर भजनों और कथा प्रसंगों का आनंद लेते नजर आए।
| प्रमुख पहलू | विवरण व जानकारी |
|---|---|
| आयोजन स्थल | श्री सनातन धर्म राम मंदिर, वार्ड-7, पानीपत |
| मुख्य आयोजक | श्री सनातन धर्म राम मंदिर सभा, पानीपत |
| कथा व्यास | हिमांशु शर्मा जी |
| अनुष्ठान अवधि | मंगलवार से शुरू होकर 24 नवंबर तक निरंतर |
| नियमित समय व कार्यक्रम | प्रातःकाल हवन-यज्ञ, तत्पश्चात कार्तिक महात्म्य कथा |
| मुख्य उद्देश्य | क्षेत्र की सुख-शांति, समृद्धि एवं आध्यात्मिक चेतना का प्रसार |
कथा व्यास हिमांशु शर्मा का आध्यात्मिक संदेश एवं श्रद्धालुओं का उत्साह
प्रवचन श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए कथा व्यास हिमांशु शर्मा ने कार्तिक मास में नियमों के पालन पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि सात्विक दिनचर्या और प्रात:काल भगवान विष्णु व माता लक्ष्मी की आराधना करने से परिवार में सुख-समृद्धि का वास होता है। इस अवसर पर मंदिर सभा के सदस्यों ने श्रद्धालुओं के बैठने, पूजा-सामग्री और स्वच्छता की समुचित व्यवस्था की है ताकि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा का सामना न करना पड़े।
"भगवान विष्णु को समर्पित कार्तिक मास आत्मशुद्धि और प्रभु भक्ति का सबसे उत्तम अवसर है। प्रातःकाल स्नान, ध्यान और यज्ञ की अग्नि में दी गई आहुति से वातावरण शुद्ध होता है और मन को असीम शांति मिलती है।" - हिमांशु शर्मा, कथा व्यास
मंदिर प्रांगण में कथा श्रवण के लिए आसपास के मोहल्लों से बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिक, महिलाएँ और युवा पहुँच रहे हैं। हवन कुण्ड से उठने वाली सुगंधित आहुतियों के धुएँ और वेद ऋचाओं के उच्चारण ने पूरे क्षेत्र के वातावरण को पूरी तरह से पवित्र और सकारात्मक बना दिया है।
स्थानीय जनजीवन और धार्मिक माहौल पर पड़ा सकारात्मक प्रभाव
पानीपत के वार्ड-7 और निकटवर्ती क्षेत्रों में इस अनुष्ठान को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। सुबह तड़के ही श्रद्धालु मंदिर में एकत्र होकर ईश्वर भक्ति में लीन हो रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि व्यस्त और तनावपूर्ण दिनचर्या के बीच प्रातःकाल मंदिर में हवन और कथा सुनने से न केवल मानसिक शांति मिलती है बल्कि सामाजिक सद्भाव और भाईचारे को भी बढ़ावा मिलता है।
श्री सनातन धर्म राम मंदिर सभा के प्रबंधकों ने बताया कि यह अनुष्ठान आगामी 24 नवंबर तक इसी प्रकार नियमित रूप से संचालित रहेगा। प्रतिदिन प्रात:काल तय समय पर पहले हवन संपन्न कराया जाएगा और उसके पश्चात हिमांशु शर्मा द्वारा कार्तिक महात्म्य के विभिन्न अध्यायों का वाचन होगा। आयोजन समिति ने शहर के सभी धर्मप्रेमी सज्जनों से अधिक से अधिक संख्या में पहुँचकर कथा का लाभ उठाने का आह्वान किया है।
आगे की रूपरेखा और समापन दिवस का खाका
अनुष्ठान के अंतिम दिन यानी 24 नवंबर को विशेष पूर्णाहुति एवं विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। आयोजन समिति के अनुसार समापन दिवस पर हवन की विशेष आहुतियों के बाद महाप्रसाद का वितरण होगा। मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था के दृष्टिगत स्वयंसेवकों की टीम भी तैनात की है ताकि प्रतिदिन सुबह आने वाले भक्तों की कतारों और गाड़ियों की पार्किंग व्यवस्था को सुचारू रखा जा सके।




