पानीपत जिले के समालखा क्षेत्र में आयोजित हुए 79वें वार्षिक निरंकारी संत समागम के दौरान शनिवार को एक विशेष और आध्यात्मिक क्षण देखने को मिला। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भोड़वाल माजरी स्थित संत निरंकारी आध्यात्मिक स्थल पर पहुंचकर न केवल कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई, बल्कि यहां मौजूद श्रद्धालुओं के बीच बैठकर शांति और भाईचारे का संदेश भी ग्रहण किया। इस उच्च स्तरीय यात्रा के दौरान प्रदेश की कई प्रमुख राजनीतिक हस्तियां भी उनके साथ मौजूद रहीं, जिससे इस आयोजन का महत्व और अधिक बढ़ गया।
संत निरंकारी मिशन द्वारा आयोजित यह वार्षिक समागम न केवल हरियाणा बल्कि पूरे देश के आध्यात्मिक प्रेमियों के लिए आस्था का बड़ा केंद्र रहता है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कार्यक्रम स्थल पर पहुंचते ही सबसे पहले सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज और निरंकारी राजपिता रमित जी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने दोनों संतों का विधिवत आशीर्वाद प्राप्त किया और उन्हें शॉल भेंट कर अपनी ओर से गहरा सम्मान प्रकट किया। मुख्यमंत्री की इस यात्रा से पूरे पंडाल में एक ऊर्जावान और श्रद्धा से परिपूर्ण माहौल बन गया।
सत्संग में तल्लीन नजर आए मुख्यमंत्री, सुने मानवता के संदेश
आशीर्वाद प्राप्त करने के उपरांत मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किसी वीआईपी प्रोटोकॉल से दूर साधारण श्रद्धालुओं की भांति पंडाल में काफी समय बिताया। उन्होंने वहां चल रहे सत्संग और आध्यात्मिक प्रवचनों को बहुत ही तल्लीनता के साथ सुना। वक्ताओं द्वारा प्रस्तुत किए गए प्रेम, करुणा, सेवा, समानता और विश्वबंधुत्व जैसे जीवन मूल्यों से जुड़े संदेशों को उन्होंने बहुत ध्यान से आत्मसात किया। आयोजकों का मुख्य उद्देश्य समाज से हर प्रकार के भेदभाव को मिटाकर आपसी भाईचारे की नींव को मजबूत करना रहा, जिसे मुख्यमंत्री ने भी सराहा।
इस चार दिवसीय आध्यात्मिक महाकुंभ का आयोजन 23 से 26 अक्टूबर के बीच किया गया, जिसमें देश-विदेश से पहुंचे लाखों अनुयायियों ने भाग लिया। इस भव्य आयोजन के दौरान क्षेत्र में यातायात और सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए थे ताकि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री की उपस्थिति ने इस पूरे आयोजन में सामाजिक समरसता और प्रशासनिक सहयोग का एक बेहतरीन उदाहरण प्रस्तुत किया।
| विवरण | तथ्य एवं जानकारी |
|---|---|
| आयोजन स्थल | संत निरंकारी आध्यात्मिक स्थल, भोड़वाल माजरी, समालखा |
| कार्यक्रम | 79वां वार्षिक निरंकारी संत समागम |
| मुख्य अतिथि | नायब सिंह सैनी (मुख्यमंत्री, हरियाणा) |
| प्रमुख उपस्थिति | सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं निरंकारी राजपिता रमित जी |
राजनीतिक दिग्गजों और जनप्रतिनिधियों की रही विशेष मौजूदगी
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के इस दौरे के दौरान उनके साथ हरियाणा की राजनीति के कई दिग्गज और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी पूरी तरह सक्रिय नजर आए। इस आध्यात्मिक समागम में हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण, विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार, पानीपत शहरी विधायक प्रमोद विज, समालखा विधायक मनमोहन भड़ाना, सोनीपत विधायक निखिल मदान, गन्नौर विधायक देवेंद्र कादियान और भाजपा जिला अध्यक्ष दुष्यंत भट्ट ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इन सभी नेताओं ने भी समागम में पहुंचकर संतों का आशीर्वाद लिया और मानवता के कल्याण की कामना की।
स्थानीय स्तर पर इस प्रकार के आयोजनों से न केवल सांस्कृतिक और धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है, बल्कि क्षेत्र की आर्थिकी और सामाजिक ताने-बाने पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। प्रशासन और पुलिस विभाग ने आपसी तालमेल से यह सुनिश्चित किया कि इतने बड़े जनसमूह के बीच किसी भी प्रकार की व्यवस्था बाधित न हो। संतों के सान्निध्य में हुए इस आयोजन ने पानीपत जिले को एक बार फिर से शांति और प्रेम की वैश्विक पहचान दिलाई है।
"संत निरंकारी मिशन द्वारा आयोजित ऐसे पावन समागम समाज में प्रेम, सेवा और भाईचारे की भावना को मजबूत करते हैं। आज यहां आकर जो आत्मिक शांति और मानवता का संदेश मिला है, वह हम सभी के जीवन को सकारात्मक दिशा देने का कार्य करता है।" - नायब सिंह सैनी, मुख्यमंत्री, हरियाणा
जनमानस पर पड़ा गहरा प्रभाव, आपसी सद्भाव को मिला बल
समालखा के इस संत समागम में मुख्यमंत्री की सक्रिय सहभागिता से स्थानीय निवासियों और निरंकारी अनुयाעियों में भारी उत्साह देखने को मिला। इस प्रकार के धार्मिक आयोजनों से समाज में व्याप्त कटुता समाप्त होती है और लोग एक-दूसरे के प्रति सहनशीलता व आदर की भावना विकसित करते हैं। पानीपत लाइव की ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, समागम स्थल पर उमड़ी भारी भीड़ के बावजूद अनुशासन का जो परिचय श्रद्धालुओं ने दिया, वह अपने आप में एक मिसाल था।
आगामी समय में भी इस प्रकार के विशाल आध्यात्मिक सम्मेलनों के जरिए प्रदेश में शांति और आपसी सौहार्द का संदेश जन-जन तक पहुंचाने की योजना है। पानीपत जिले के लिए यह सप्ताह धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण रहा है, जहां देश भर से आए संतों ने इंसानी जीवन को बेहतर बनाने के मूल मंत्र साझा किए।




