पानीपत जिले के समालखा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पावटी गांव में ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। कॉरपोरेट सामाजिक जिम्मेदारी यानी सीएसआर के तहत बुधवार को स्थानीय विकास कार्यों का विधिवत श्रीगणेश किया गया। इस पूरी पहल को धरातल पर उतारने में प्रसिद्ध बहुराष्ट्रीय कंपनी नेस्ले और सहगल फाउंडेशन की संयुक्त भागीदारी रही है, जिसके तहत ग्रामीण आंचल में जनसुविधाओं का विस्तार किया जाना तय हुआ है। अभियान के इस शुरुआती दौर में गांव की मुख्य सामान्य चौपाल को आधुनिक और उपयोगी स्वरूप देने का बीड़ा उठाया गया है, जिससे स्थानीय निवासियों को दीर्घकालिक लाभ मिल सके।
बुधवार को आयोजित हुए इस शुभारंभ समारोह में गांव के गणमान्य लोगों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम के दौरान सरपंच प्रतिनिधि दीपक नंबरदार ने परंपरा के अनुसार नारियल फोड़कर और शुभ शुरुआत करते हुए चौपाल के जीर्णोद्धार कार्यों का आगाज किया। इस मौके पर पंचायत सदस्यों के साथ-साथ क्षेत्र के कई प्रबुद्ध नागरिक भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। स्थानीय प्रशासन और ग्रामीणों के बीच इस सहयोगात्मक प्रयास को लेकर काफी उत्साह देखा जा रहा है, क्योंकि लंबे समय से इस सामान्य चौपाल को मरम्मत और बेहतर रखरखाव की आवश्यकता महसूस हो रही थी।
चौपाल का कायाकल्प और त्रि-वर्षीय विकास योजना का खाका
सहगल फाउंडेशन के प्राधिकृत अधिकारियों ने मीडिया और ग्रामीणों के साथ साझा की गई जानकारी में बताया कि इस व्यापक विकास योजना की अवधि तीन वर्षों की होगी। इन तीन सालों के दौरान गांव में विभिन्न चरणों के तहत चरणबद्ध तरीके से विकास कार्य संपन्न कराए जाएंगे। पहले चरण के तहत चुनी गई सामान्य चौपाल की मौजूदा जर्जर स्थिति को सुधारने का काम हाथ में लिया गया है। इसमें चौपाल की पुरानी और टपकती छत की विशेष मरम्मत, दीवारों व कमरों पर नया पेंट, लकड़ी व लोहे के पुराने तथा टूटे हुए दरवाजों की सुदृढ़ मरम्मत के साथ-साथ अन्य आवश्यक सिविल कार्य शामिल हैं।
योजना के अगले चरणों की रूपरेखा भी अभी से तैयार कर ली गई है। अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना के आगामी वर्ष में स्थानीय राजकीय विद्यालय में अवस्थापना सुधार और अन्य विकास कार्य कराए जाने का प्रस्ताव है। इस प्रकार, शिक्षा और सामाजिक मेलजोल के मुख्य केंद्रों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि ग्रामीण परिवेश के बच्चों और आम जनमानस को उच्च स्तर की बुनियादी सुविधाएं मिल सकें।
| विकास चरण | प्रस्तावित कार्य | संबंधित स्थान |
|---|---|---|
| प्रथम चरण | सामान्य चौपाल की मरम्मत, पेंटिंग व दरवाजे ठीक करना | पावटी गांव, समालखा |
| द्वितीय चरण | राजकीय विद्यालय में अवस्थापना विकास कार्य | पावटी गांव, समालखा |
| तृतीय चरण | अन्य सार्वजनिक स्थलों व जनसुविधाओं का विस्तार | पावटी गांव, समालखा |
सामाजिक सहभागिता और ग्रामीणों की प्रतिक्रिया
क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ताओं और प्रबुद्धजनों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे गांव के समग्र विकास के लिए मील का पत्थर बताया है। स्थानीय समाजसेवी धर्मेंद्र पावटी ने अपने संबोधन में कहा कि पावटी गांव को स्वच्छ, सुंदर और सभी आधुनिक सुविधाओं से परिपूर्ण बनाने के लिए लगातार ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बल देते हुए कहा कि चौपाल और सरकारी स्कूलों जैसे सार्वजनिक स्थल पूरे गांव की सामूहिक संपत्ति होते हैं और इनका विकास सीधे तौर पर हर ग्रामीण के जीवन स्तर को प्रभावित करता है। इन स्थानों पर आधारभूत सुविधाओं के बेहतर होने से न केवल ग्रामीणों को राहत मिलती है, बल्कि बच्चों के शैक्षणिक और सामाजिक विकास का मार्ग भी प्रशस्त होता है।
चौपाल जीर्णोद्धार के इस शुभारंभ अवसर पर गांव के कई प्रमुख चेहरे और पंचायती प्रतिनिधि मौजूद रहे। इस दौरान अमित, पंचायत सदस्य प्रदीप, महावीर, नवीन चौकीदार, रमेश मित्तल, अशोक, राज सिंह, शमशेर फौजी, मुकेश, बबीता, पूजा और मनीषा समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में इस विकास कार्य को पूरी पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ पूरा कराने में अपना सहयोग देने का संकल्प लिया।
"गांव को स्वच्छ, सुंदर और सुविधाजनक बनाना हमारी प्राथमिकता है। चौपाल और सरकारी स्कूलों जैसे सार्वजनिक स्थलों का विकास होने से संपूर्ण ग्रामीण समुदाय को सीधा लाभ मिलता है और गांव की सुंदरता में भी वृद्धि होती है।" - धर्मेंद्र पावटी, स्थानीय समाजसेवी
आगे की प्रशासनिक दिशा और स्थानीय व्यवस्था पर प्रभाव
इस प्रकार की सीएसआर पहल ग्रामीण हरियाणा की तस्वीर बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। जब निजी क्षेत्र के संस्थान और फाउंडेशन प्रशासनिक व पंचायत निकायों के साथ मिलकर काम करते हैं, तो सरकारी अनुदानों पर निर्भरता कम होती है और विकास कार्यों में गति आती है। पावटी गांव में शुरू हुए इन कार्यों से न केवल एक पुरानी चौपाल को नया जीवन मिलेगा, बल्कि आने वाले दिनों में शिक्षा और अन्य सार्वजनिक क्षेत्रों में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे। 'पानीपत लाइव' की ग्राउंड टीम इस पूरी परियोजना के हर चरण की निष्पक्ष कवरेज करती रहेगी, ताकि जनता तक हर तथ्यात्मक जानकारी पारदर्शी तरीके से पहुंचती रहे।




