हरियाणा के ऐतिहासिक एवं औद्योगिक नगर पानीपत के प्रसिद्ध एसडी पीजी कॉलेज परिसर में दीपावली पर्व के पावन अवसर पर एक विशेष सांस्कृतिक एवं सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कॉलेज के प्रांगण में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भारतीय परंपराओं का सम्मान करने के साथ-साथ समाज को स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल त्यौहार मनाने के लिए प्रेरित करना था। इस गरिमामयी समारोह में संस्था की नवनिर्वाचित प्रबंधकारिणी का कॉलेज परिवार द्वारा ढोल-नगाड़ों और पुष्पगुच्छ भेंट कर अभूतपूर्व स्वागत किया गया।
समारोह के दौरान परिसर की छटा देखते ही बन रही थी। पूरे कॉलेज भवन को खूबसूरत मोमबत्तियों, जगमगाते दीयों, सुगंधित ताजे फूलों और छात्र-छात्राओं द्वारा बनाई गई रंग-बिरंगी कलात्मक रंगोलियों से दुल्हन की तरह सजाया गया था। इस अवसर पर संस्था के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने भी अपने सामाजिक दायित्व को समझते हुए कॉलेज के प्रत्येक शिक्षक और गैर-शिक्षण कर्मचारी को दीपावली के उपलक्ष्य में विशेष उपहार भेंट किए और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
एसडी पीजी कॉलेज परिसर में दीपावली उत्सव और सम्मान समारोह का भव्य आयोजन
कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक रीति-रिवाज और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। कॉलेज के समस्त स्टाफ सदस्यों ने नव-नियुक्त प्रबंध समिति का अभिनंदन करते हुए उनके प्रति अपनी निष्ठा और संस्थान को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प दोहराया। इस दौरान नवनिर्वाचित प्रधान दिनेश गोयल, उपप्रधान महेंद्र अग्रवाल, जनरल सेक्रेटरी राजेश गर्ग और कोषाध्यक्ष विशाल गोयल का गर्मजोशी के साथ अभिनंदन किया गया। कॉलेज प्रशासन ने नए नेतृत्व के मार्गदर्शन में शैक्षणिक व सह-शैक्षणिक गतिविधियों को अधिक सशक्त बनाने पर विचार साझा किए।
उत्सव के दौरान न केवल कॉलेज के प्रशासनिक तालमेल की झलक दिखी, बल्कि पूरी तरह से एक पारिवारिक और सौहार्दपूर्ण वातावरण निर्मित हुआ। कॉलेज परिसर में शिक्षण एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों की मेहनत और समर्पण की सराहना की गई, जिसके बिना संस्थान की प्रगति संभव नहीं है। नवनिर्वाचित पदाधिकारियों द्वारा वितरित किए गए उपहारों ने कर्मचारियों के चेहरे पर खुशी बिखेर दी और संपूर्ण माहौल उत्सव के रंग में रंग गया।
| कार्यक्रम का विवरण | प्रमुख बिंदु / अतिथि | स्थान / केंद्र |
|---|---|---|
| आयोजन का नाम | दीपावली उत्सव एवं अभिनंदन समारोह | एसडी पीजी कॉलेज, पानीपत |
| प्रमुख मुख्य अतिथि | दिनेश गोयल (नवनिर्वाचित प्रधान) | प्रबंधकारिणी समिति |
| विशिष्ट उपस्थिति | महेंद्र अग्रवाल, राजेश गर्ग, विशाल गोयल | प्रबंध समिति पदाधिकारी |
| कार्यक्रम की अध्यक्षता | डॉ. अनुपम अरोड़ा (प्राचार्य) | एसडी पीजी कॉलेज प्रशासन |
| मुख्य संदेश | ग्रीन दिवाली, नो-क्रैकर्स व पर्यावरण संरक्षण | जनहित व समाज सुधार |
पर्यावरण सुरक्षा और सामाजिक अनुशासन पर नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का जोर
समारोह को संबोधित करते हुए नवनिर्वाचित प्रधान दिनेश गोयल ने अत्यंत स्पष्ट शब्दों में कहा कि दीपावली केवल आतिशबाजी और रोशनी का पर्व नहीं है, बल्कि यह हमारे भीतर की बुराइयों को समाप्त कर स्वच्छता और सादगी को अपनाने का अवसर है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ता वायु और ध्वनि प्रदूषण संपूर्ण मानव जाति के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन चुका है। ऐसे में हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि हम आतिशबाजी से पूरी तरह दूरी बनाएं और अधिक से अधिक पौधे लगाकर प्रकृति का संरक्षण करें।
इसी क्रम में संस्था के उपप्रधान महेंद्र अग्रवाल ने मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जीवन से प्रेरणा लेने का संदेश दिया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि 14 वर्षों के कठिन बनवास के पश्चात जब प्रभु श्रीराम अयोध्या लौटे थे, तब पूरी अयोध्या नगरी ने दीप जलाकर धर्म और सत्य की विजय का उत्सव मनाया था। हमें भी इस पर्व के मूल आध्यात्मिक भाव को समझना चाहिए और समाज में भाईचारा, अनुशासन तथा कानून-व्यवस्था को बनाए रखने का संकल्प लेना चाहिए।
"दीपावली स्वच्छता, प्रकाश और आंतरिक ऊर्जा का प्रतीक पर्व है। इसे पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना सादगी से मनाया जाना चाहिए। युवा पीढ़ी को पटाखों से दूरी बनाकर अनुशासनप्रिय जीवन शैली अपनानी चाहिए और गलत प्रवृत्तियों से दूर रहकर समाज निर्माण में योगदान देना चाहिए।"
- दिनेश गोयल, प्रधान, एसडी पीजी कॉलेज पानीपत
सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और परिसर में दिखा पर्व का उल्लास
समारोह का मुख्य आकर्षण कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अनुपम अरोड़ा द्वारा प्रस्तुत की गई संगीतमय रचनाएं रहीं। प्राचार्य डॉ. अरोड़ा ने अपनी सुरीली आवाज में हनुमान चालीसा का सस्वर पाठ किया और कई प्रेरणादायक राष्ट्रभक्ति व धार्मिक गीत गाकर उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने अपने अध्यक्षीय भाषण में युवाओं से ग्रीन दिवाली अभियान का हिस्सा बनने की पुरजोर अपील की। उन्होंने कहा कि त्यौहारों की आड़ में पर्यावरण को होने वाली क्षति को रोकना आज की सबसे बड़ी जरूरत है।
कार्यक्रम का कुशल और प्रभावशाली मंच संचालन डॉ. संगीता गुप्ता ने अपनी ओजस्वी शैली में संपन्न किया। उन्होंने दीपावली के पौराणिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए वक्ताओं को मंच पर आमंत्रित किया। इस पूरे आयोजन में कॉलेज के वरिष्ठ संकाय सदस्य डॉ. इंदु बाला, डॉ. सुरेंद्र मोहन गुप्ता और डॉ. मुकेश पुनिया सहित कई अन्य प्राध्यापक व कर्मचारी प्रमुख रूप से मौजूद रहे और कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना योगदान दिया।
कॉलेज प्रशासन की भावी योजनाएं और सामाजिक जिम्मेदारी
एसडी पीजी कॉलेज पानीपत शहर का एक ऐतिहासिक शैक्षणिक केंद्र रहा है, जो समय-समय पर सामाजिक जागरूकता के अभियानों में अग्रसर रहता है। इस दीपावली समारोह के माध्यम से कॉलेज ने एक बार फिर यह साबित किया है कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों और समाज में नैतिक व पर्यावरणीय मूल्यों का बीजारोपण करना भी है। कॉलेज प्रबंधन ने संकल्प लिया है कि आने वाले दिनों में परिसर में बड़े पैमाने पर पौधारोपण अभियान चलाया जाएगा।
संस्थान द्वारा शुरू की गई इस ग्रीन दिवाली पहल की पूरे पानीपत शहर में सराहना हो रही है। शहर के प्रबुद्ध नागरिकों और अभिभावकों का मानना है कि शैक्षणिक संस्थानों से उठने वाली पर्यावरण संरक्षण की आवाज निश्चित रूप से समाज के युवाओं को सकारात्मक दिशा में प्रेरित करेगी और प्रदूषण मुक्त त्योहारी सीजन की नींव रखेगी।




