हरियाणा में महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत कार्यरत क्रेच कार्यकर्ताओं के लिए दीपावली के बाद एक और बड़ी खुशखबरी सामने आई है। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के कड़े रुख और स्पष्ट आदेशों के बाद, हरियाणा सरकार ने प्रदेश की 74 क्रेच कार्यकर्ताओं के मानदेय में सम्मानजनक बढ़ोतरी करते हुए बजट जारी कर दिया है। अब इन कार्यकर्ताओं को न्यूनतम 19,900 रुपये मासिक मानदेय प्राप्त होगा। विभाग ने इस संबंध में आधिकारिक पत्र जारी कर सभी संबंधित जिला कार्यक्रम अधिकारियों को 10 नवंबर 2026 से पहले भुगतान प्रक्रिया सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
यह निर्णय न केवल महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि उन कार्यकर्ताओं के लिए भी बड़ी राहत है जो लंबे समय से अपने अधिकारों के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रही थीं। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 3 नवंबर 2026 को जारी किए गए निर्देशानुसार, बजट आवंटन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है ताकि वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान कार्यकर्ताओं को किसी भी प्रकार की आर्थिक तंगी का सामना न करना पड़े।
हाई कोर्ट का हस्तक्षेप और विभाग की त्वरित कार्रवाई
इस पूरे मामले की जड़ पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में दायर याचिका (CWP नंबर 18186 ऑफ 2025, सुशीला शर्मा एवं अन्य बनाम हरियाणा राज्य) में छिपी है। न्यायालय ने कार्यकर्ताओं के पक्ष में फैसला सुनाते हुए उन्हें न्यूनतम वेतनमान के समकक्ष मानदेय देने का आदेश दिया था। विभाग ने अदालती आदेशों का सम्मान करते हुए 22 सितंबर 2026 से ही इस बढ़े हुए मानदेय को लागू करने का निर्णय लिया है। विशेष बात यह है कि यह मानदेय बिना किसी महंगाई भत्ते (DA) के फिक्स किया गया है, जो सीधे तौर पर कार्यकर्ताओं के बैंक खातों में जमा होगा।
विभाग के विश्लेषण के अनुसार, पहले क्रेच कार्यकर्ताओं के लिए 15,000 रुपये का बजट निर्धारित था, जिसे अब बढ़ाकर 19,900 रुपये कर दिया गया है। प्रति कार्यकर्ता 4,900 रुपये के इस अंतर को पाटने के लिए सरकार ने अतिरिक्त बजट का प्रावधान किया है। इसमें सितंबर 2026 के अंतिम 9 दिनों का एरियर और अक्टूबर 2026 से फरवरी 2027 तक का अग्रिम बजट शामिल है।
| जिला | लाभार्थी संख्या | कुल आवंटित बजट (फरवरी 2027 तक) |
|---|---|---|
| जींद | 10 | ₹2,59,700 |
| रोहतक | 09 | ₹2,33,730 |
| नूंह | 08 | ₹2,07,760 |
| पानीपत | 07 | ₹1,81,790 |
| सोनीपत | 07 | ₹1,81,790 |
| हिसार | 07 | ₹1,81,790 |
| कर्नाल | 06 | ₹1,55,820 |
| पलवल | 06 | ₹1,55,820 |
| भिवानी | 05 | ₹1,29,850 |
| फतेहाबाद | 03 | ₹77,910 |
| झज्जर | 03 | ₹77,910 |
| पंचकूला | 03 | ₹77,910 |
प्रशासनिक निर्देश और भुगतान की समयसीमा
महिला एवं बाल विकास विभाग ने स्पष्ट किया है कि कुल 74 याचिकाकर्ताओं के लिए 19,21,780 रुपये की कुल राशि आवंटित की गई है। जिला कार्यक्रम अधिकारियों (DPO) को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वे बिना किसी देरी के 10 नवंबर 2026 तक सभी लाभार्थियों के खातों में राशि हस्तांतरित करें। विभाग ने चेतावनी दी है कि न्यायालय के आदेशों की अवहेलना या भुगतान में देरी होने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
"हाई कोर्ट के आदेशों के अनुपालन में विभाग ने बजट जारी कर दिया है। हमारा लक्ष्य है कि 10 नवंबर तक प्रदेश की सभी 74 पात्र क्रेच कार्यकर्ताओं को उनका बढ़ा हुआ मानदेय और बकाया राशि मिल जाए। यह कदम कार्यकर्ताओं के मनोबल को बढ़ाने वाला साबित होगा।" - विभागीय प्रवक्ता, महिला एवं बाल विकास विभाग।
स्थानीय जनजीवन और कार्यकर्ताओं पर प्रभाव
इस फैसले का सबसे बड़ा असर पानीपत और आसपास के जिलों की उन महिलाओं पर पड़ेगा जो कम वेतन में भी अपनी सेवाएं दे रही थीं। पानीपत जिले की 7 क्रेच कार्यकर्ताओं को इस फैसले से सीधा लाभ मिलेगा, जिनके लिए 1.81 लाख रुपये से अधिक का बजट आवंटित हुआ है। आर्थिक सुरक्षा मिलने से इन केंद्रों में बच्चों की देखभाल की गुणवत्ता में भी सुधार आने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से अन्य संविदा और मानदेय आधारित कर्मचारियों में भी एक नई उम्मीद जगी है। सरकार द्वारा बिना DA के 19,900 रुपये का फिक्स मानदेय देना यह दर्शाता है कि प्रशासनिक स्तर पर अब जमीनी कार्यकर्ताओं के आर्थिक हितों को प्राथमिकता दी जा रही है। आगामी दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या विभाग अन्य श्रेणियों के कार्यकर्ताओं के लिए भी इसी तरह के नीतिगत सुधार लागू करता है या नहीं।
भविष्य की रूपरेखा और आगामी कदम
विभाग ने फरवरी 2027 तक का बजट पहले ही जिलावार आवंटित कर दिया है, जिससे यह स्पष्ट है कि आने वाले महीनों में वेतन को लेकर कोई बाधा नहीं आएगी। सरकार अब इस योजना के विस्तार और क्रेच केंद्रों के आधुनिकीकरण पर भी विचार कर रही है। जिन जिलों में कार्यकर्ताओं की संख्या अधिक है, वहां निगरानी तंत्र को मजबूत किया जा रहा है ताकि समय पर भुगतान की रिपोर्ट मुख्यालय तक पहुंच सके।




