हरियाणा के यमुनानगर और जगाधरी क्षेत्रों के नागरिकों के लिए आवागमन को सुगम और सुरक्षित बनाने की दिशा में नगर निगम प्रशासन ने एक बड़ा और दूरदर्शी कदम उठाया है। क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से लगभग 45 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि खर्च करके 22 प्रमुख सड़कों का कायापलट किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) मॉडल को अपनाया जा रहा है, जिससे शहरी यातायात व्यवस्था में क्रांतिकारी सुधार देखने को मिलेगा। स्थानीय नागरिकों को लंबे समय से बेहतर सड़कों और पैदल चलने के लिए सुरक्षित रास्तों की दरकार थी, जिसे अब अमलीजामा पहनाया जा रहा है।
इस विकास योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें मोटर वाहनों के साथ-साथ पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया है। शहरी क्षेत्रों में अक्सर यह देखा जाता है कि मुख्य मार्गों पर फुटपाथ या तो नदारद होते हैं या फिर उन पर अतिक्रमण का कब्जा होता है। इस समस्या के स्थायी समाधान के रूप में नगर निगम प्रशासन ने इन 22 नई सड़कों के दोनों छोर पर आधुनिक फुटपाथ और अलग से साइकिल ट्रैक विकसित करने का प्रावधान किया है। इसके अलावा, जलभराव की समस्या से सड़कों को बचाने के लिए उत्कृष्ट ड्रेनेज सिस्टम भी स्थापित किया जाएगा, ताकि सड़कों की उम्र लंबी हो सके।
पहले चरण में 50 किलोमीटर से अधिक लंबाई के मार्ग होंगे विकसित
योजना के प्रथम चरण के अंतर्गत कुल 50.47 किलोमीटर लंबाई के विभिन्न मार्गों को चुना गया है, जिन पर जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होगा। निगम के आधिकारिक दिशा-निर्देशों के अनुसार, इन चयनित मार्गों में नेहरू पार्क से रवि अस्पताल, संतपुरा गुरुद्वारा से कन्हैया साहिब चौक, और मॉडल टाउन स्थित बर्शिष्टा कैफे तक की कारपेटेड सड़क मुख्य रूप से शामिल हैं। इसके अलावा संतपुरा गुरुद्वारा से मधु होटल रोड, पीएचईडी ट्यूबवेल से माया राम फ्रूट शॉप, परसराम चौक से सरनी चौक, रवि अस्पताल से शास्त्री पार्क, तथा संगम स्पोर्ट्स से हुड्डा टर्न तक के मार्ग भी इस सूची का हिस्सा हैं।
इसके अतिरिक्त, महावीर चौक से मुंडा माजरा चौक, एसपी निवास से जोली क्रॉकरी, हैफेड गोदाम से रिक्शा चौक, स्वामी रामतीर्थ पार्क से ठकराल गारमेंट्स, प्यारा चौक से जैन चक्की, गुलाटी टाइल्स से जैन चक्की और मधु होटल से मधु पार्क तक के रास्तों को भी इस उच्चस्तरीय सड़क विकास योजना में सम्मिलित किया गया है। इन सभी मार्गों के निर्माण से न केवल शहर के भीतर का यातायात सुगम होगा, बल्कि जाम की समस्या से भी काफी हद तक निजात मिलेगी।
| परियोजना का विवरण | मुख्य तथ्य / आंकड़े |
|---|---|
| कुल अनुमानित लागत | 45 करोड़ रुपये |
| चयनित मार्ग | 22 प्रमुख सड़कें (प्रथम चरण) |
| कुल लंबाई | 50.47 किलोमीटर |
| विशेष सुविधाएं | फुटपाथ, साइकिल ट्रैक और जल निकासी व्यवस्था |
प्रशासनिक अधिकारियों और योजनाकारों का मानना है कि इस परियोजना के पूर्ण होने से शहरी परिवहन का परिदृश्य पूरी तरह बदल जाएगा। वर्तमान समय में पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित गलियारे उपलब्ध न होने के कारण दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है, लेकिन नए मॉडल के तहत बनने वाले फुटपाथों और साइकिल ट्रैक से हर वर्ग के लोगों को राहत मिलेगी। अतिक्रमण मुक्त पैदल मार्ग बनने से स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और दैनिक यात्रियों का सफर बेहद सुरक्षित और आरामदायक हो जाएगा।
"नगर निगम क्षेत्र में सड़कों के निर्माण के साथ-साथ पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों की सुविधा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस परियोजना से न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि शहर की तस्वीर भी बदलेगी और नागरिकों को विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा प्राप्त होगा।" - महाबीर प्रसाद, नगर निगम कमिश्नर
अधिकारियों की निगरानी और भविष्य की कार्ययोजना
परियोजना की गुणवत्ता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए नगर निगम कमिश्नर महाबीर प्रसाद के नेतृत्व में तकनीकी विशेषज्ञों की टीम लगातार निगरानी कर रही है। टेंडर प्रक्रिया को नियमानुसार अंतिम रूप दिया जा रहा है ताकि तय समयसीमा के भीतर निर्माण कार्य शुरू हो सके। अधिकारियों का कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान नागरिकों को कम से कम असुविधा हो, इसके लिए चरणबद्ध तरीके से काम को अंजाम दिया जाएगा।
इस व्यापक सड़क विकास योजना के धरातल पर उतरने से हरियाणा के इन प्रमुख शहरी क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। बेहतर संपर्क मार्ग व्यापारिक प्रतिष्ठानों, बाजारों और आवासीय क्षेत्रों को आपस में मजबूती से जोड़ेंगे। आने वाले दिनों में प्रशासन इस प्रकार की अन्य विकास परियोजनाओं को भी शहर के शेष हिस्सों में लागू करने की योजना पर विचार कर रहा है, जिससे संपूर्ण क्षेत्र का समान और संतुलित विकास सुनिश्चित हो सके।




