हरियाणा के कैथल जिले अंतर्गत अमरगढ़ गामड़ी इलाके से एक बेहद दुखद और नुकसानदायक अग्निकांड की खबर सामने आई है। शनिवार की अल सुबह एक बंद पड़ी फल की दुकान में अचानक शार्ट सर्किट होने के कारण भयंकर आग लग गई। देखते ही देखते आग की लपटों ने पूरी दुकान को अपनी आगोश में ले लिया, जिससे दुकान के भीतर रखा लाखों रुपये का माल और व्यावसायिक सामान जलकर पूरी तरह खाक हो गया। इस अग्निकांड से पीड़ित व्यापारी को भारी आर्थिक चपत लगी है।
घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के राहगीरों और पड़ोसी दुकानदारों में हड़कंप मच गया। आग की भयावहता को देखते हुए तुरंत अग्निशमन विभाग को सूचित किया गया। कड़ी मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाया, लेकिन तब तक दुकान के अंदर रखी सेब की कीमती पेटियां, एक ई-रिक्शा, फल बेचने वाली तीन रेहड़ियां, बारदाना और अन्य बिजली के उपकरण पूरी तरह नष्ट हो चुके थे। प्रारंभिक आंकलन के मुताबिक इस हादसे में करीब 5 लाख रुपये से अधिक का सीधा नुकसान हुआ है।
अमरगढ़ गामड़ी अग्निकांड: तड़के उठा धुआं और मच गई अफरा-तफरी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अमरगढ़ गामड़ी में स्थित यह दुकान नंदकरण माजरा गांव के निवासी रणधीर सिंह की है। रणधीर सिंह लंबे समय से कैथल में फल विक्रेता के रूप में अपना कारोबार चला रहे हैं। प्रतिदिन की तरह वह शुक्रवार शाम को अपनी दुकान बंद करके घर लौटे थे। शनिवार सुबह अचानक दुकान के अंदरूनी हिस्से में लगे इलेक्ट्रिकल बोर्ड में शॉर्ट सर्किट हुआ और चिंगारियां से आग सुलग उठी। दुकान बंद होने के कारण अंदर ऑक्सीजन और ज्वलनशील सामान जैसे लकड़ी की पेटियां और प्लास्टिक के कंडे होने से आग ने विकराल रूप धारण कर लिया।
सुबह के समय जब आसपास के राहगीर और अन्य दुकानदार वहां से गुजर रहे थे, तो उन्होंने बंद शटर के दरारों से भारी धुआं और आग की लपटें निकलती देखीं। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए स्थानीय नागरिकों ने तुरंत दुकान मालिक रणधीर सिंह को दूरभाष पर घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही बदहवास हालत में मौके पर पहुंचे मालिक ने स्थिति को देखते हुए पड़ोसियों से तुरंत शटर का ताला तोड़ने का अनुरोध किया ताकि भीतर पानी डालकर आग को फैलने से रोका जा सके।
| क्षतिग्रस्त सामग्री/वस्तु | अनुमानित संख्या/मात्रा | प्रभाव एवं क्षति का विवरण |
|---|---|---|
| सेब की पेटियां एवं ताजा फल | दर्जनों पेटियां | पूरी तरह जलकर नष्ट, बिक्री योग्य नहीं बचा |
| व्यापारिक परिवहन (ई-रिक्शा) | 01 इकाई | आग में झुलसकर पूरी तरह ढांचा बनी |
| फल बिक्री रेहड़ियां (वेंडिंग कार्ट) | 03 रेहड़ियां | लकड़ी व लोहे का ढांचा जलकर राख |
| इलेक्ट्रॉनिक व अन्य उपकरण | कूलर, कंडे व बारदाना | पूरी तरह जलकर खाक |
| कुल अनुमानित आर्थिक नुकसान | लगभग ₹5,00000 | व्यापारी की पूंजी व स्टॉक स्वाहा |
दमकल विभाग की मुस्तैदी और स्थानीय लोगों का राहत प्रयास
घटना की सूचना मिलते ही कैथल फायर ब्रिगेड स्टेशन से त्वरित कार्रवाई करते हुए दो दमकल गाड़ियां मौके पर रवाना की गईं। फायर फाइटर्स ने घटनास्थल पर पहुंचकर तुरंत मोर्चा संभाला और दुकान के भीतर पानी की बौछारें शुरू कीं। पड़ोसी दुकानदारों ने भी तत्परता दिखाते हुए बाल्टियों और उपलब्ध संसाधनों से आग पर काबू पाने में दमकल टीम का सहयोग किया। लगभग एक घंटे की कड़े संघर्ष के बाद आग को पूरी तरह से बुझाया जा सका और आसपास की अन्य दुकानों को इसकी चपेट में आने से बचा लिया गया।
"हमें अमरगढ़ गामड़ी में एक दुकान में आग लगने की सूचना प्राप्त हुई थी। बिना कोई समय गंवाए दो फायर टेंडर मौके पर भेजे गए। हमारी टीम ने तत्परता दिखाते हुए आग पर काबू पा लिया ताकि आसपास की दुकानों में नुकसान न फैले। प्राथमिक जांच में आग लगने का मुख्य कारण शॉर्ट सर्किट प्रतीत हो रहा है। नुकसान का विस्तृत आंकलन किया जा रहा है।"
- राजकुमार, स्टेशन इंचार्ज, फायर ब्रिगेड कैथल
आजीविका पर पड़ा संकट और प्रशासनिक राहत की गुहार
इस भीषण अग्निकांड का असर न केवल दुकान मालिक रणधीर सिंह पर पड़ा है, बल्कि इससे कई गरीब परिवारों का चूल्हा भी प्रभावित हुआ है। पीड़ित व्यापारी रणधीर सिंह ने भावुक होते हुए बताया कि इस दुकान के माध्यम से केवल उनका परिवार ही नहीं चलता था, बल्कि फल की रेहड़ियां चलाने वाले और मजदूरी करने वाले लगभग 5 से 6 अन्य लोगों का रोजगार भी इसी दुकान पर निर्भर था। दुकान में रखा पूरा स्टॉक और रेहड़ियां जल जाने से अब इन सभी के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट पैदा हो गया है।
स्थानीय व्यापारी संगठन और अमरगढ़ गामड़ी के निवासियों ने पीड़ित फल विक्रेता के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन, कैथल और हरियाणा सरकार से मांग की है कि पीड़ित गरीब व्यापारी को इस दैवीय/आकस्मिक आपदा के तहत उचित आर्थिक मुआवजा प्रदान किया जाए ताकि वह अपना व्यापार पुनः खड़ा कर सके और उससे जुड़े मजदूरों की आजीविका बहाल हो सके।
व्यापारिक सुरक्षा और भविष्य के लिए आवश्यक सबक
कैथल की इस घटना ने एक बार फिर से घनी आबादी वाले बाजारों और व्यावसायिक दुकानों में बिजली के पुराने तारों एवं शॉर्ट सर्किट से होने वाले खतरों को उजागर कर दिया है। तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि बंद दुकानों में मुख्य पावर स्विच बंद न करना या गुणवत्ताहीन तारों का प्रयोग ऐसे हादसों का बड़ा कारण बनता है। प्रशासन ने भी सभी दुकानदारों से अपील की है कि वे रात को दुकान बंद करते समय मुख्य बिजली बोर्ड बंद करें और दुकानों में प्राथमिक अग्निशामक यंत्र (Fire Extinguisher) अवश्य रखें।




