पानीपत के जीटी रोड स्थित ऐतिहासिक आईबी पीजी कॉलेज परिसर में दीपावली के पावन अवसर पर युवा प्रतिभा और उद्यमिता का अद्भुत संगम देखने को मिला। महाविद्यालय के प्लेसमेंट एवं करियर गाइडेंस सेल द्वारा सामाजिक संस्था 'मेधा' के विशेष सहयोग से 'कैंपस हुनर: यूथप्रेन्योर दिवाली हाट' का भव्य आयोजन किया गया। इस विशेष हाट में कॉलेज के होनहार विद्यार्थियों ने अपनी नवाचार क्षमता और व्यावसायिक सूझबूझ का प्रदर्शन करते हुए आत्मनिर्भरता की एक नई मिसाल कायम की।
दिनभर चले इस मेले में युवाओं के हुनर को देखने और सराहने के लिए आसपास के विभिन्न विद्यालयों से 500 से अधिक छात्र-छात्राओं ने शिरकत की। हाट में लगाई गई विभिन्न स्टॉलों पर आगंतुकों की भारी भीड़ उमड़ी, जिससे न केवल विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन हुआ बल्कि उन्होंने महज कुछ ही घंटों के भीतर लगभग 50,000 रुपये के विभिन्न उत्पादों की सीधी बिक्री कर अपनी उद्यमशीलता का लोहा मनवाया।
युवा उद्यमियों के हुनर की रंगारंग प्रदर्शनी और उत्पादों की बिक्री
दिवाली हाट परिसर में कुल 20 युवा उद्यमियों तथा 40 प्रतिभावान विद्यार्थियों ने अपनी-अपनी प्रदर्शनियां लगाईं। इसमें घर पर तैयार किए गए स्वादिष्ट एवं स्वच्छ खाद्य पदार्थ, आकर्षक हस्तनिर्मित आभूषण, बारीक कढ़ाई व क्रोशिया कला से निर्मित वस्तुएं, आधुनिक रूप से सजाए गए मिट्टी के दीये, सुगंधित मोमबत्तियां और दीपावली उत्सव के लिए विशिष्ट सजावटी सामान मुख्य आकर्षण का केंद्र रहे। युवाओं द्वारा स्वयं तैयार की गई इन सामग्रियों में उच्च गुणवत्ता और नवीन डिज़ाइनों का संगम देखने को मिला।
उत्पादों की बिक्री के साथ-साथ हाट में मनोरंजन और सौंदर्य कला की स्टॉलें भी सजाई गई थीं। विद्यार्थियों ने मेहंदी डिजाइनिंग, नेल आर्ट और विभिन्न प्रकार के मनोरंजक खेलों की स्टॉलें लगाकर आने वाले मेहमानों का भरपूर मनोरंजन किया। बाहरी स्कूलों से आए छात्र-छात्राओं ने न केवल इन गतिविधियों का आनंद लिया बल्कि युवा उद्यमियों से उत्पाद निर्माण और विपणन की बारीकियों पर संवाद भी किया।
| आयोजन की मुख्य विशेषताएं | संबंधित विवरण व आंकड़े |
|---|---|
| आयोजक संस्था व स्थान | आईबी पीजी कॉलेज, पानीपत |
| सहयोगी संस्था व सेल | प्लेसमेंट एवं करियर गाइडेंस सेल एवं मेधा |
| स्टॉलधारक प्रतिभागी | 20 युवा उद्यमी एवं 40 कॉलेज विद्यार्थी |
| भ्रमण करने वाले विद्यार्थी | विभिन्न स्कूलों के 500 से अधिक छात्र |
| कुल उत्पाद बिक्री | ₹50,000 (लगभग) |
प्रशासनिक व प्रबंधकीय दृष्टिकोण: स्वरोजगार और व्यावहारिक ज्ञान पर जोर
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भूपेंद्र शर्मा ने प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए विद्यार्थियों के प्रयासों की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि शिक्षा का मूल उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि युवाओं के भीतर आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और नवाचार का विकास करना है। ऐसे प्रासंगिक आयोजन विद्यार्थियों में जोखिम लेने और आत्मनिर्भर बनकर खुद का उद्योग स्थापित करने का जज्बा पैदा करते हैं।
महाविद्यालय प्रबंध समिति के महासचिव एल.एन. मिगलानी ने अपने संबोधन में प्लेसमेंट सेल की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि आज के समय में जब रोजगार के अवसर सीमित हो रहे हैं, ऐसे में युवाओं को जॉब-सीकर (नौकरी मांगने वाला) की बजाय जॉब-क्रिएटर (नौकरी देने वाला) बनने के लिए प्रेरित करना अत्यंत आवश्यक है। यह आयोजन निश्चित रूप से आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में मील का पत्थर साबित होगा।
"ऐसे व्यावहारिक आयोजन विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान की सीमाओं से बाहर निकालकर धरातलीय व्यापार का अनुभव कराते हैं। जब छात्र स्वयं उत्पाद बनाते हैं, उसका मूल्य तय करते हैं और ग्राहकों से संवाद स्थापित करते हैं, तो उनके भीतर असली उद्यमिता का विकास होता है।" - डॉ. सतवीर सिंह, प्राचार्य, आईबी पीजी कॉलेज
स्थानीय जनजीवन, विद्यार्थियों और व्यापारिक दृष्टिकोण पर प्रभाव
कॉलेज की उप-प्राचार्या डॉ. किरण मदान ने कहा कि व्यावसायिक शिक्षा और धरातलीय कार्यप्रणाली का यह समन्वय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक है। आयोजन को सफल बनाने में प्लेसमेंट सेल की संयोजक डॉ. अर्पणा गर्ग और कार्यक्रम संयोजक पवन कुमार सहित महाविद्यालय के अन्य संकाय सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अध्यापकों के मार्गदर्शन से विद्यार्थियों को योजना बनाने से लेकर वित्तीय प्रबंधन तक का बहुमूल्य अनुभव प्राप्त हुआ।
स्थानीय शहर के शैक्षणिक माहौल पर इस आयोजन का सकारात्मक प्रभाव देखा जा रहा है। पानीपत शहर के युवाओं में ऐसे आयोजनों से स्वरोजगार के प्रति नया दृष्टिकोण विकसित हो रहा है। स्थानीय अभिभावकों और शिक्षाविदों ने कॉलेज प्रशासन की इस पहल का स्वागत करते हुए इसे युवाओं के लिए एक मार्गदर्शक कदम बताया है।
आगे की रणनीति और करियर विकास के अवसर
आईबी कॉलेज प्रशासन ने स्पष्ट किया कि आने वाले शैक्षणिक सत्रों में भी ऐसे कौशल विकास मेलों और कार्यशालाओं का आयोजन लगातार जारी रहेगा। मेधा संस्था और कॉलेज का प्लेसमेंट सेल संयुक्त रूप से विद्यार्थियों को सूक्ष्म उद्योग स्थापित करने, डिजिटल मार्केटिंग सीखने और वित्तीय सहायता प्राप्त करने के तरीकों पर विशेष मार्गदर्शन सत्र आयोजित करेगा, ताकि कॉलेज पूरा करने के बाद ये युवा सफल उद्यमी के रूप में अपनी पहचान बना सकें।




