पानीपत के प्रतिष्ठित आईबी कॉलेज में इन दिनों सामाजिक सरोकारों से जुड़े अभियानों को लेकर विशेष गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इसी कड़ी में संस्थान परिसर के भीतर नशा मुक्त भारत अभियान के छह वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को नशे जैसी घातक प्रवृत्ति से दूर रखना और समाज में इसके खिलाफ एक मजबूत वैचारिक माहौल तैयार करना रहा। कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के एनएसएस स्वयंसेवकों ने बढ़-चढ़कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और पूरे उत्साह के साथ एक स्वस्थ समाज के निर्माण का बीड़ा उठाया।
समारोह की शुरुआत करते हुए महाविद्यालय के प्रशासनिक अधिकारियों और संकाय सदस्यों ने विद्यार्थियों को संबोधित किया और उन्हें नशे के दलदल में धंसने वाले कारकों से अवगत कराया। इसके पश्चात, सभी एनएसएस स्वयंसेवकों ने सामूहिक रूप से हाथ आगे बढ़ाकर भारत को पूरी तरह नशामुक्त बनाने की शपथ ली। विद्यार्थियों ने संकल्प लिया कि वे न केवल स्वयं इस बुराई से दूर रहेंगे, बल्कि अपने परिवार, मित्रों और आसपास के मोहल्लों में भी लोगों को इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करेंगे। इस दौरान पूरा सभागार युवाओं के उत्साह और राष्ट्र निर्माण के नारों से गूंज उठा।
युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने पर दिया गया विशेष जोर
कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सतवीर सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि आज की युवा पीढ़ी देश का भविष्य है और इन्हें किसी भी कीमत पर नशे की गिरफ्त में आने से बचाना हमारी नैतिक व सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि केवल किताबी ज्ञान से काम नहीं चलेगा, बल्कि नैतिक शिक्षा और उचित मार्गदर्शन के जरिए ही हम एक सशक्त और नशामुक्त समाज की परिकल्पना को साकार कर सकते हैं। प्राचार्य ने विद्यार्थियों को आह्वान किया कि वे अपनी ऊर्जा सकारात्मक कार्यों में लगाएं और समाज सुधार के अभियानों में अग्रिम पंक्ति में रहें।
वहीं, उप-प्राचार्या डॉ. किरण मदान ने वर्तमान समय में फैल रही नशीली पदार्थों की तस्करी और सेवन की प्रवृत्ति को युवाओं के भविष्य के लिए एक अत्यंत गंभीर खतरा करार दिया। उन्होंने विस्तार से समझाया कि किस प्रकार नशे की छोटी सी शुरुआत अंततः संपूर्ण परिवार और व्यक्ति के जीवन को बर्बाद कर देती है। उन्होंने छात्राओं और छात्रों को सचेत करते हुए कहा कि किशोरावस्था और युवावस्था के पड़ाव पर किसी भी प्रकार के दबाव में आकर गलत राह चुनने से बचना चाहिए और अपनी बुद्धिमत्ता का परिचय देना चाहिए।
| कार्यक्रम विवरण | मुख्य तथ्य व जानकारी |
|---|---|
| आयोजन स्थल | आईबी कॉलेज, पानीपत |
| मुख्य विषय | नशा मुक्त भारत अभियान (छठी वर्षगांठ) |
| प्रमुख गतिविधि | एनएसएस स्वयंसेवकों द्वारा नशामुक्ति की शपथ |
| उपस्थित गणमान्य | डॉ. सतवीर सिंह, डॉ. किरण मदान, खुशबू व अन्य |
एनएसएस इकाई की सक्रिय भूमिका और फैकल्टी का मार्गदर्शन
इस पूरे जागरूकता सत्र के आयोजन में महाविद्यालय की एनएसएस इकाई की कार्यक्रम अधिकारी खुशबू ने अपनी सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि युवाओं की असली ताकत उनके अर्जित ज्ञान, कौशल और चरित्र की दृढ़ता में निहित होती है। एक स्वस्थ, सक्षम और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ने के लिए यह अनिवार्य शर्त है कि हमारा समाज नशामुक्त हो। उन्होंने स्वयंसेवकों को निर्देश दिए कि वे कॉलेज परिसर से बाहर निकलकर स्थानीय बस्तियों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों को इस अभियान से जोड़ें।
कार्यक्रम के सफल संचालन में कनक शर्मा, डॉ. नीतू और सहायक प्राध्यापक कुलदीप जैसे अन्य वरिष्ठ शिक्षकों ने भी अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। इन सभी ने विद्यार्थियों के साथ संवाद स्थापित किया और उन्हें सामाजिक कुप्रथाओं के खिलाफ डटकर खड़े होने की प्रेरणा दी। शिक्षकों ने माना कि युवा शक्ति यदि सही दिशा में प्रयास करे, तो किसी भी सामाजिक बुराई को जड़ से उखाड़ फेंकना असंभव नहीं है।
"युवाओं को नशे की लत से बचाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। शिक्षा और उचित मार्गदर्शन के माध्यम से ही हम एक स्वस्थ और नशामुक्त समाज का निर्माण कर सकते हैं।" - डॉ. सतवीर सिंह, प्राचार्य, आईबी कॉलेज
पानीपत में सामाजिक अभियानों का स्थानीय जनजीवन पर गहरा प्रभाव
पानीपत जिले के शैक्षणिक संस्थानों में इस प्रकार के जागरूकता अभियान लगातार आयोजित होने से स्थानीय स्तर पर सकारात्मक संदेश जा रहा है। शहर के प्रबुद्ध नागरिकों और अभिभावकों ने आईबी कॉलेज के इस प्रयास की सराहना की है। उनका मानना है कि जब युवा खुद आगे आकर इस प्रकार की शपथ लेते हैं और समाज में अलख जगाते हैं, तो उसका असर दूरगामी होता है। स्थानीय युवा अब केवल पढ़ाई तक सीमित न रहकर समाज सुधार के कार्यों में भी अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर रहे हैं।
प्रशासनिक और शैक्षणिक मोर्चे पर आगामी कदम
पानीपत लाइव ब्यूरो की ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, इस तरह के अभियानों को केवल एक दिवसीय कार्यक्रमों तक सीमित न रखकर इसे निरंतर चलने वाली प्रक्रिया बनाने की योजना बनाई जा रही है। महाविद्यालय प्रशासन आने वाले दिनों में नुक्कड़ नाटक, पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता और मैराथन जैसे आयोजनों के माध्यम से पानीपत के विभिन्न हिस्सों में नशामुक्ति का संदेश घर-घर तक पहुंचाने की रूपरेखा तैयार कर रहा है ताकि जिले को पूरी तरह सुरक्षित और नशामुक्त बनाया जा सके।




