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पानीपत के मॉडल टाउन आर्य समाज में महर्षि दयानंद के निर्वाण दिवस पर निकली प्रभात फेरी, गूंजे वैदिक भजन

पानीपत के मॉडल टाउन स्थित आर्य समाज में महर्षि दयानंद सरस्वती के निर्वाण दिवस पर भव्य प्रभात फेरी निकाली गई।

पानीपत लाइव ब्यूरो✓ वेरिफाइड ग्राउंड रिपोर्टर
पानीपत लाइव डिजिटल नेटवर्क
7 नवंबर 2026 को 02:31 pm बजे2 मिनट पठन0 व्यूज
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पानीपत के मॉडल टाउन आर्य समाज में महर्षि दयानंद के निर्वाण दिवस पर निकली प्रभात फेरी, गूंजे वैदिक भजन
फोटो: पानीपत लाइव ग्राउंड रिपोर्टिंग ब्यूरोpanipatlive.com

खबर की मुख्य बातें (Key Highlights)

  • •मॉडल टाउन स्थित आर्य समाज मंदिर में महर्षि दयानंद सरस्वती का निर्वाण दिवस श्रद्धा के साथ मनाया गया।
  • •कार्यक्रम की शुरुआत आचार्य नंदकिशोर शास्त्री के सानिध्य में संपन्न हुए पावन वैदिक यज्ञ से हुई।
  • •कन्या गुरुकुल की ब्रह्मचारिणियों और महिला आर्य समाज की सदस्यों द्वारा मनमोहक राष्ट्रभक्ति व ईश्वर भक्ति के भजन प्रस्तुत किए गए।
  • •गुरुकुल की छात्राओं ने लाठी, शक्ति और चक्र प्रदर्शन के जरिए अपने साहसिक कौशल का अद्भुत परिचय दिया।

पानीपत के प्रतिष्ठित और ऐतिहासिक इलाके मॉडल टाउन स्थित आर्य समाज परिसर में शनिवार को महर्षि दयानंद सरस्वती के निर्वाण दिवस के अवसर पर एक अत्यंत भव्य और आध्यात्मिक आयोजन संपन्न हुआ। इस खास मौके पर सुबह सवेरे ही शहर के प्रबुद्ध नागरिकों, आर्य समाज के अनुयायियों और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने एकत्र होकर एक प्रेरणादायक प्रभात फेरी निकाली। इस दौरान पूरा क्षेत्र वैदिक मंत्रोच्चार और ईश्वर भक्ति के भजनों से पूरी तरह गूंज उठा, जिससे स्थानीय वातावरण पूरी तरह ऊर्जावान और सकारात्मक हो गया।

इस धार्मिक और सांस्कृतिक अनुष्ठान की आधिकारिक शुरुआत सुबह ठीक सात बजे वैदिक परंपरा के अनुसार भव्य यज्ञ के साथ की गई। आचार्य नंदकिशोर शास्त्री ने अपने सानिध्य में मंत्रोच्चारण के साथ हवन संपन्न कराया, जिसमें उपस्थित सभी गणमान्य लोगों ने पूर्ण आहुति देकर विश्व शांति और कल्याण की कामना की। यज्ञ के उपरांत आयोजित मुख्य सांस्कृतिक सत्र में कन्या गुरुकुल की ब्रह्मचारिणियों और महिला आर्य समाज की सदस्याओं ने अपनी सुमधुर आवाज में वेद पाठ, आर्य समाज के सिद्धांतों, ईश्वर भक्ति और राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत सुंदर भजन प्रस्तुत किए, जिसने श्रोताओं का मन मोह लिया।

कन्या गुरुकुल की छात्राओं के साहसिक करतबों ने खींचा ध्यान

कार्यक्रम का सबसे बड़ा आकर्षण कन्या गुरुकुल की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत किए गए पारंपरिक और साहसिक शारीरिक कौशल का प्रदर्शन रहा। छात्राओं ने अत्यंत अनुशासन और फुर्ती के साथ लाठी संचालन, शारीरिक शक्ति परीक्षण और चक्र प्रदर्शन जैसे जटिल करतब दिखाए। उनकी इस अद्भुत कला और निपुणता को देखकर वहां मौजूद सभी लोग हतप्रभ रह गए और तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका हौसला बढ़ाया। इस दौरान कार्यक्रम में मौजूद रहे आचार्य राजकुमार शर्मा ने आर्य वीर दल के इस शानदार प्रदर्शन की खुले मन से सराहना की और बेटियों के इस साहसिक कौशल को भविष्य के लिए एक मजबूत प्रेरणा बताया।

स्थानीय स्तर पर इस प्रकार के आयोजनों का उद्देश्य नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, वेदों के ज्ञान और महर्षि दयानंद सरस्वती के महान विचारों से जोड़ना है। कार्यक्रम में शहर के कई गणमान्य नागरिक और सामाजिक कार्यकर्ता सक्रिय रूप से शामिल हुए, जिन्होंने न केवल इस अनुष्ठान को सफल बनाया बल्कि आर्य समाज के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प भी दोहराया।

प्रमुख विवरणआयोजन से जुड़ी मुख्य बातें
आयोजन स्थलआर्य समाज मंदिर, मॉडल टाउन, पानीपत
विशेष अवसरमहर्षि दयानंद सरस्वती का निर्वाण दिवस
मुख्य आकर्षणवैदिक यज्ञ, प्रभात फेरी और कन्या गुरुकुल का लाठी-चक्र प्रदर्शन
प्रमुख उपस्थितिप्रधान शशिकांत चड्ढा, मंत्री चंद्र मोहन गुलाटी व अन्य गणमान्य

गणमान्य लोगों की उपस्थिति और सामाजिक सहभागिता

इस गरिमामयी आयोजन की सफलता में पानीपत के प्रतिष्ठित नागरिकों की सक्रिय भागीदारी रही। कार्यक्रम के दौरान प्रधान शशिकांत चड्ढा और मंत्री चंद्र मोहन गुलाटी ने मुख्य रूप से उपस्थित रहकर पूरी व्यवस्था की देखरेख की और महर्षि दयानंद के जीवन दर्शन पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि महर्षि दयानंद ने समाज सुधार, पाखंड और कुरीतियों के खात्मे के लिए जो अलख जगाई थी, उसे आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी आज की युवा पीढ़ी और आर्य समाज के प्रत्येक अनुयायी की है।

इस अवसर पर अनिल आर्य, रमेश बजाज, रणबीर सिंह, सुमित्रा, वीरमति और कांता नागपाल सहित तमाम सामाजिक कार्यकर्ताओं और आर्य समाज के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। सभी ने प्रभात फेरी में भाग लेते हुए अनुशासन का संदेश दिया और समाज में भाईचारा व नैतिक मूल्यों को मजबूत करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में प्रसाद वितरण के साथ इस धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव का समापन हुआ।

"महर्षि दयानंद सरस्वती के बताए मार्ग पर चलकर ही समाज को कुरीतियों से मुक्त किया जा सकता है। आज की युवा पीढ़ी और विशेषकर हमारी बेटियां जिस प्रकार वैदिक संस्कृति और शारीरिक कौशल में आगे बढ़ रही हैं, वह अत्यंत गौरवशाली और भविष्य के लिए एक मजबूत संकेत है।" - स्थानीय आयोजन समिति

धार्मिक आयोजनों से मजबूत होता है सांस्कृतिक ताना-बाना

पानीपत के मॉडल टाउन क्षेत्र में आयोजित इस प्रभात फेरी और सांस्कृतिक कार्यक्रम ने एक बार फिर साबित कर दिया कि शहर के नागरिक अपनी प्राचीन परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहर से गहराई से जुड़े हुए हैं। इस प्रकार के आयोजन न केवल आपसी सौहार्द और भाईचारे को बढ़ावा देते हैं, बल्कि युवाओं में अनुशासन, राष्ट्रप्रेम और नैतिक मूल्यों का भी संचार करते हैं। स्थानीय लोगों ने भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों को बड़े स्तर पर आयोजित करने का संकल्प लिया है ताकि समाज में सकारात्मकता बनी रहे।

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पानीपत लाइव ग्राउंड न्यूज़रूम ब्यूरोPanipatLive.com

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