पानीपत लाइव ब्यूरो: दिल्ली के रामलीला मैदान में विपक्षी दलों के 'INDIA' गठबंधन द्वारा आयोजित 'वोट बचाओ-देश बचाओ' महारैली के मद्देनजर पानीपत पुलिस पूरी तरह मुस्तैद नजर आई। रविवार सुबह से ही नेशनल हाईवे-44 (जीटी रोड) पर सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाते हुए पुलिस ने दिल्ली की ओर जाने वाले हर छोटे-बड़े वाहन की गहनता से जांच की। इस विशेष अभियान का नेतृत्व करते हुए पुलिस ने न केवल सुरक्षा सुनिश्चित की, बल्कि यातायात नियमों की अनदेखी करने वालों पर भी भारी शिकंजा कसा।
पुलिस की इस सक्रियता का मुख्य केंद्र समालखा और दिल्ली-हरियाणा का हल्दाना बॉर्डर रहा। रैली में शामिल होने के लिए पानीपत और आसपास के जिलों से भारी संख्या में कार्यकर्ता दिल्ली की ओर रवाना हुए थे, जिसे देखते हुए कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला पुलिस ने रणनीतिक रूप से नाकेबंदी की। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य शांति व्यवस्था बनाए रखना और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना था।
इन 4 प्रमुख स्थानों पर रही विशेष नाकेबंदी
पानीपत पुलिस ने दिल्ली की ओर जाने वाले मुख्य मार्गों पर चार विशेष चेक-पोस्ट (नाके) स्थापित किए थे। इन नाकों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था जो हर संदिग्ध वाहन को रोककर उसकी तलाशी ले रहा था।
| नाके का स्थान | क्षेत्र/तहसील | जांच का मुख्य उद्देश्य |
|---|---|---|
| हल्दाना बॉर्डर | समालखा | दिल्ली प्रवेश द्वार पर सुरक्षा व बस मानक जांच |
| पर्ल ढाबा (जीटी रोड) | समालखा/पानीपत | वाहनों की सघन तलाशी व कागजात की जांच |
| 709 एडी (रोहतक-पानीपत हाईवे) | पानीपत | बाहरी जिलों से आने वाले वाहनों की निगरानी |
| नहर बाईपास नाका | पानीपत शहर | शहर के अंदरूनी रास्तों से आने वाले वाहनों की चेकिंग |
कार्रवाई का विवरण: 13 वाहन जब्त, 219 पर जुर्माना
चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस ने उन वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जिनके पास वैध दस्तावेज नहीं थे या जो यातायात नियमों का उल्लंघन कर रहे थे। 'पानीपत लाइव' की ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने कुल 13 गाड़ियों को मौके पर ही इंपाउंड (जब्त) कर लिया। इसके अतिरिक्त, ओवरस्पीडिंग, बिना सीट बेल्ट, और अधूरे कागजातों के चलते 219 वाहनों के चालान काटे गए।
"दिल्ली में रैली के चलते सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता किया गया है। हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी शरारती तत्व कानून व्यवस्था को हाथ में न ले सके। साथ ही, दिल्ली के नए बस नियमों और HSRP नंबर प्लेट को लेकर भी वाहन चालकों को जागरूक और दंडित किया जा रहा है।" - पुलिस प्रवक्ता, पानीपत।
दिल्ली प्रवेश के नए नियम और HSRP पर सख्ती
इस चेकिंग अभियान में केवल रैली की सुरक्षा ही नहीं, बल्कि दिल्ली सरकार के नए परिवहन नियमों का भी असर देखा गया। 1 नवंबर से लागू नियमों के अनुसार, दिल्ली में केवल इलेक्ट्रिक (EV), सीएनजी (CNG) या BS-VI श्रेणी की डीजल बसें ही प्रवेश कर सकती हैं। पानीपत पुलिस ने इन मानकों को पूरा न करने वाली टूरिस्ट और निजी बसों को भी चेतावनी दी।
इसके साथ ही, हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) को लेकर भी अभियान तेज है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि बिना मानक वाली नंबर प्लेट या टूटी हुई प्लेट वाले वाहनों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। पानीपत पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे अपने वाहनों पर निर्धारित मानकों के अनुसार ही नंबर प्लेट लगवाएं और यातायात नियमों का पालन करें।
स्थानीय जनजीवन और यातायात पर प्रभाव
सघन चेकिंग के कारण जीटी रोड पर कुछ स्थानों पर वाहनों की गति धीमी रही, जिससे यात्रियों को थोड़ी असुविधा का सामना करना पड़ा। हालांकि, पुलिस ने यातायात को सुचारू रखने के लिए अतिरिक्त कर्मचारी तैनात किए थे। समालखा और हल्दाना बॉर्डर पर बसों की जांच के कारण लंबी कतारें भी देखी गईं। रैली में जाने वाले कार्यकर्ताओं के वाहनों की विशेष वीडियोग्राफी भी की गई ताकि किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में पहचान सुनिश्चित की जा सके।
आगामी कदम और पुलिस की चेतावनी
पानीपत पुलिस प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में विशेष रूप से नेशनल हाईवे और बॉर्डर इलाकों में यह चेकिंग अभियान जारी रहेगा। बिना HSRP नंबर प्लेट वाले वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान को और अधिक विस्तार दिया जाएगा। पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि सुरक्षा और नियमों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।




