पानीपत लाइव ब्यूरो: हरियाणा की खेल नगरी के रूप में अपनी पहचान सुदृढ़ कर रहे पानीपत के ऐतिहासिक शिवाजी स्टेडियम में इन दिनों नन्हे खिलाड़ियों का जमावड़ा लगा हुआ है। अंडर-11 हरियाणा राज्य स्कूली जिम्नास्टिक प्रतियोगिता का आगाज जोश और उत्साह के साथ हुआ है, जहाँ प्रदेश के कोने-कोने से आए नन्हे जिमनास्ट अपनी कलाबाजी और शारीरिक संतुलन का लोहा मनवा रहे हैं। इस प्रतियोगिता में हरियाणा के सभी 22 जिलों की टीमें हिस्सा ले रही हैं, जो जमीनी स्तर पर खेलों को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
प्रतियोगिता के स्वरूप पर नजर डालें तो प्रत्येक जिले से कड़ी चयन प्रक्रिया के बाद 6 सर्वश्रेष्ठ लड़कों और 6 सर्वश्रेष्ठ लड़कियों का चयन किया गया है। इस प्रकार, प्रदेश भर से कुल 264 खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने पानीपत पहुंचे हैं। छोटे बच्चों में खेल के प्रति ऐसा जुनून देखने को मिल रहा है कि शिवाजी स्टेडियम का परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा है। कोच और अभिभावकों का उत्साह भी खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहा है।
प्रतियोगिता का विस्तृत शेड्यूल और रिपोर्टिंग समय
आयोजन समिति ने प्रतियोगिता को सुचारू रूप से चलाने के लिए विस्तृत समय-सारणी तैयार की है। लड़कियों के वर्ग की रिपोर्टिंग 30 अक्टूबर को सुनिश्चित की गई थी, जिसके पश्चात उनके मुख्य इवेंट 31 अक्टूबर को आयोजित किए गए। वहीं, लड़कों के वर्ग के लिए रिपोर्टिंग की तिथि 31 अक्टूबर रखी गई और उनके मुकाबले एक नवंबर को मैदान पर देखने को मिले। स्केटिंग स्पर्धा के लिए भी खिलाड़ियों ने 30 अक्टूबर को ही अपनी उपस्थिति दर्ज करा दी थी।
| वर्ग/खेल | रिपोर्टिंग तिथि | मुकाबले की तिथि |
|---|---|---|
| लड़कियां (जिम्नास्टिक) | 30 अक्टूबर | 31 अक्टूबर |
| लड़के (जिम्नास्टिक) | 31 अक्टूबर | 01 नवंबर |
| स्केटिंग (लड़के-लड़कियां) | 30 अक्टूबर | - |
| जिम्नास्टिक संयुक्त (दोनों वर्ग) | 31 अक्टूबर | 01 नवंबर |
मैदान पर प्रतिभा का प्रदर्शन और तकनीकी बारीकियां
जिम्नास्टिक जैसे कठिन खेल में अंडर-11 आयु वर्ग के बच्चों का लचीलापन और एकाग्रता देखते ही बन रही है। शिवाजी स्टेडियम के इंडोर हॉल में खिलाड़ी फ्लोर एक्सरसाइज, वॉल्टिंग टेबल और बैलेंसिंग बीम जैसे इवेंट्स में अपनी दक्षता साबित कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी कम उम्र में राज्य स्तर पर खेलने से इन बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ता है और वे भविष्य में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार होते हैं।
"राज्य स्तरीय स्कूली खेलों का मुख्य उद्देश्य प्रतिभाओं को शुरुआती दौर में ही पहचानना है। पानीपत का शिवाजी स्टेडियम इन खिलाड़ियों को विश्व स्तरीय मंच प्रदान कर रहा है, जहाँ से हरियाणा के भविष्य के ओलंपियन निकलेंगे।" - खेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारी
प्रशासनिक व्यवस्था और पुरस्कार वितरण
प्रतियोगिता के सफल संचालन के लिए स्थानीय खेल विभाग और शिक्षा विभाग की टीमें मुस्तैद हैं। खिलाड़ियों के ठहरने, खान-पान और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। रेफरी और जजों के पैनल में अनुभवी प्रशिक्षकों को शामिल किया गया है ताकि निर्णय पूरी तरह निष्पक्ष रहें। प्रतियोगिता के समापन पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेताओं को पदक और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा, जो उनके खेल करियर के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी।
खेलों के प्रति बढ़ता रुझान और सामाजिक प्रभाव
पानीपत में आयोजित इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता ने न केवल स्थानीय स्तर पर खेलों के प्रति जागरूकता बढ़ाई है, बल्कि यह संदेश भी दिया है कि हरियाणा की खेल नीति धरातल पर प्रभावी ढंग से काम कर रही है। शिवाजी स्टेडियम में उमड़ी भीड़ इस बात का प्रमाण है कि अब अभिभावक भी बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में करियर बनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। आने वाले समय में ये खिलाड़ी न केवल अपने जिले बल्कि पूरे प्रदेश का नाम रोशन करेंगे।
भविष्य की संभावनाएं और आगामी कदम
इस प्रतियोगिता के माध्यम से चयनित होने वाले सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को विशेष प्रशिक्षण शिविरों में भेजा जाएगा। हरियाणा सरकार की खेल प्रोत्साहन नीतियों के तहत, इन नन्हे जिमनास्टों को आधुनिक उपकरण और बेहतर कोचिंग सुविधाएं प्रदान करने की योजना है। पानीपत लाइव की टीम इन उभरते सितारों की हर उपलब्धि पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए है, क्योंकि यही बच्चे कल के भारत का गौरव बनेंगे।

