रोशनी और उल्लास के पर्व दीपावली के पावन अवसर पर पानीपत के सेक्टर-25 स्थित ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के सेवा केंद्र पर एक अनोखा और प्रेरणादायी आध्यात्मिक दीपोत्सव आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में शहर के तमाम गणमान्य लोगों और आध्यात्मिक प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। दीपोत्सव का मुख्य उद्देश्य केवल बाहरी आतिशबाजी या दिखावे से दूर रहकर, आंतरिक चेतना को जागृत करना और समाज के उपेक्षित वर्गों के साथ खुशियां साझा करना रहा। इस भव्य आयोजन ने स्थानीय निवासियों के बीच प्रेम, भाईचारे और सकारात्मकता का एक अनूठा संदेश प्रसारित किया है।
समारोह की शुरुआत मुख्य संचालिका और वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने प्रकाश पर्व के गहरे आध्यात्मिक रहस्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल मिट्टी के दीये जलाना ही दिवाली नहीं है, बल्कि मानव जीवन से अज्ञानता, अंधकार, ईर्ष्या और नफरत रूपी विकारों को मिटाकर ज्ञान का प्रकाश फैलाना ही इस पर्व का असली उद्देश्य है। भौतिक धन के साथ-साथ आंतरिक सद्गुणों, शांति और संतोष की देवी मां लक्ष्मी की आराधना का सच्चा मार्ग सत्कर्म और परोपकार से होकर गुजरता है।
बच्चों के चेहरों पर बिखरी मुस्कान, जरूरतमंदों संग मनाई गई खुशियां
कार्यक्रम का सबसे आकर्षण और प्रेरणादायक पहलू स्थानीय जरूरतमंद बच्चों की सहभागिता रही। ब्रह्माकुमारी सेंटर की ओर से आसपास के क्षेत्रों से आए बच्चों के साथ मिलकर विशेष रूप से यह पर्व मनाया गया। बच्चों ने केंद्र के प्रांगण में सुंदर और रंग-बिरंगी रंगोली सजाई, जिसे देखकर हर कोई मंत्रमुग्ध हो गया। इसके पश्चात सभी बच्चों और सेवा केंद्र के सदस्यों ने मिलकर एक साथ दीप प्रज्वलित किए। बच्चों के चेहरों पर उस समय विशेष चमक दिखाई दी जब उन्हें संस्थान की तरफ से मिष्ठान, पाठ्य सामग्री और मोमबत्तियां उपहारस्वरूप भेंट की गईं।
इस पहल ने यह साबित कर दिया कि असली दीपावली दूसरों के जीवन में उम्मीद का दीया जलाने से ही सार्थक होती है। बच्चों के साथ बिताए गए इन पलों ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया और यह संदेश दिया कि पर्वों की असली खुशी बांटने से ही बढ़ती है। स्थानीय नागरिकों ने भी इस अनूठी पहल की भूरी-भरी प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और आपसी सौहार्द की भावना मजबूत होती है।
| कार्यक्रम विवरण | मुख्य बिंदु एवं विशेषता |
|---|---|
| स्थान | ब्रह्माकुमारी सेवा केंद्र, सेक्टर-25, पानीपत |
| मुख्य आकर्षण | अध्यात्मिक चर्चा, बच्चों के साथ रंगोली और दीप प्रज्वलन |
| विशेष गतिविधि | जरूरतमंद बच्चों को मिष्ठान व मोमबत्ती वितरण |
| मुख्य संदेश | मन के अंधकार को मिटाकर ज्ञान और प्रेम का प्रकाश फैलाना |
अध्यात्म और समाज सेवा का अनूठा संगम
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि आज के भौतिकवादी युग में मानसिक शांति और आत्मिकबल की सबसे अधिक आवश्यकता है। जब तक मनुष्य अपने मन के अंदर छुपे नकारात्मक विचारों, क्रोध, लोभ और अहंकार रूपी विकारों को बाहर नहीं निकालेगा, तब तक बाहरी साफ-सफाई का कोई विशेष अर्थ नहीं रह जाता। घर के कोनों को रोशन करने के साथ-साथ अपने भीतर की दुर्बलताओं को भी साफ करने का संकल्प ही सच्ची दीवाली है। राजयोग के माध्यम से मन को एकाग्र करने और तनाव मुक्त जीवन जीने के सरल उपाय भी इस दौरान साझा किए गए।
सेवा केंद्र की संचालिका ने अपने संदेश में कहा कि ईश्वर की संतान होने के नाते हम सबका यह परम कर्तव्य बनता है कि हम अपने आसपास के जरूरतमंद और वंचित वर्ग के लोगों को अकेला महसूस न होने दें। त्योहारों की वास्तविक चमक तभी है जब समाज का हर व्यक्ति खुशहाली और संतोष का अनुभव करे। इस प्रकार के आध्यात्मिक अनुष्ठानों से न केवल नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और संस्कारों से जुड़ने की प्रेरणा मिलती है, बल्कि समाज में सेवाभाव की अलख भी जगती है।
"दीपावली केवल दीपों का त्योहार नहीं है, यह हमारी आत्मा के जागरण का महापर्व है। जब हम अपने भीतर ज्ञान का दीपक जलाते हैं, तो जीवन के सारे अंधकार स्वतः समाप्त हो जाते हैं। असली खुशी वही है जो किसी जरूरतमंद के चेहरे पर मुस्कान ले आए।" - बीके अंजना, मुख्य संचालिका, सेक्टर-25 सेंटर
सामूहिक संकल्प और प्रसाद ग्रहण के साथ समापन
कार्यक्रम के अंतिम चरण में सभी ब्रह्माकुमारी भाई-बहनों और उपस्थित नागरिकों ने मिलकर सामूहिक रूप से ईश्वर का स्मरण किया और विश्व शांति की कामना की। सभी ने प्रण लिया कि वे अपने जीवन में सत्य, अहिंसा और सदाचार के मार्ग पर चलेंगे तथा समाज के उत्थान के लिए निरंतर कार्य करते रहेंगे। इसके पश्चात सभी को पवित्र प्रसाद वितरित किया गया, जिसके साथ ही इस गरिमामयी और आध्यात्मिक दीपोत्सव का शांतिपूर्ण तरीके से समापन हुआ। पानीपत लाइव ब्यूरो की यह ग्राउंड रिपोर्ट स्पष्ट करती है कि शहर में सांस्कृतिक और आध्यात्मिक आयोजनों के प्रति लोगों का रुझान लगातार बढ़ रहा है और लोग सकारात्मक बदलाव की ओर अग्रसर हैं।




