पानीपत जिले के अंतर्गत आने वाले थर्मल क्षेत्र स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल परिसर में रविवार को एक प्रेरणादायक सामाजिक पहल देखने को मिली। आर्य युवा समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगी सूरी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में यहाँ एक वृहद रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य समाज में स्वास्थ्य और मानव कल्याण के प्रति जागरूकता फैलाना था। इस आयोजन में स्थानीय नागरिकों, युवाओं और सुरक्षाबलों के जवानों ने बढ़-चढ़कर अपनी हिस्सेदारी दर्ज कराई, जिससे शिविर का माहौल पूरी तरह से जनसेवा के रंग में रंगा नजर आया।
कार्यक्रम की शुरुआत गरिमामयी उपस्थिति के बीच हुई, जहाँ मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे सीआईएसएफ कमांडर मनोज कुमार ने सबसे पहले खुद रक्तदान किया। उनके इस साहसिक और प्रेरणादायी कदम ने शिविर में मौजूद अन्य सुरक्षाकर्मियों और युवाओं को भी स्वेच्छा से आगे आने के लिए प्रेरित किया। इस मौके पर प्रशासनिक और सामाजिक क्षेत्र की कई जानी-मानी हस्तियों ने भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई, जिससे आयोजकों और रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन हुआ। रेडक्रॉस सोसायटी की विशेषज्ञ चिकित्सा टीम के सहयोग से पूरे स्वास्थ्य मानकों का पालन करते हुए यह प्रक्रिया संपन्न की गई।
शिविर की रूपरेखा और पंजीकरण के आंकड़े
थर्मल के इस शैक्षणिक संस्थान में आयोजित इस जनहित कैंप को लेकर स्थानीय युवाओं और क्षेत्रवासियों में खासा उत्साह देखा गया। सुबह से ही पंजीकरण काउंटर पर रक्तदाताओं की कतारें लगनी शुरू हो गईं थीं। रेडक्रॉस सोसायटी की डॉ. पूजा सिंघल की देखरेख में उतरी मेडिकल टीम ने प्रत्येक रक्तदाता के स्वास्थ्य परीक्षण के बाद ही ब्लड डोनेशन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया।
प्राप्त आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस पूरे शिविर के दौरान कुल 80 उत्साही लोगों ने अपने नाम का पंजीकरण करवाया। चिकित्सीय मानकों और सुरक्षा जांच के उपरांत इनमें से 70 यूनिट शुद्ध रक्त सुरक्षित रूप से एकत्र किया गया, जिसे जरूरतमंद मरीजों के उपचार के लिए ब्लड बैंक को सौंपा जाएगा। इस प्रकार के आयोजनों से स्थानीय अस्पतालों में रक्त की कमी को पूरा करने में महत्वपूर्ण सहायता मिलती है।
| शिविर विवरण | तथ्य एवं आंकड़े |
|---|---|
| स्थान | डीएवी पब्लिक स्कूल, पानीपत थर्मल |
| मुख्य प्रेरणा स्रोत | योगी सूरी (जन्मदिवस विशेष) |
| कुल पंजीकरण | 80 व्यक्ति |
| रक्त संग्रह | 70 यूनिट |
| चिकित्सा सहयोग | रेडक्रॉस सोसायटी (डॉ. पूजा सिंघल टीम) |
अनुभवी रक्तदाताओं का योगदान और विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति
इस महादान शिविर का मुख्य आकर्षण 49 वर्षीय सुखविंदर सिंह रहे, जिन्होंने अपने जीवन का 70वीं बार रक्तदान कर समाज के सामने एक अनूठी मिसाल पेश की। उनके इस निरंतर जज्बे ने यह साबित कर दिया कि निस्वार्थ भाव से की गई जनसेवा समाज में कितना बड़ा सकारात्मक बदलाव ला सकती है। इसके अलावा अभियंता सुखविंदर, सुमित, समाजसेवी कृष्णगोपाल सेठी, स्थानीय सरपंच सोनू, सरपंच के पिता रामकिशन, ज्योत्सना गर्ग और सुरेश कक्कड़ जैसे प्रतिष्ठित लोग भी विशेष रूप से उपस्थित रहे और सभी का मार्गदर्शन किया।
विद्यालय की प्रधानाचार्या भव्या शर्मा ने इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए रक्तदान को सबसे बड़ा महादान बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के शिविर युवाओं में नैतिक मूल्यों और परोपकार की भावना को मजबूत करते हैं। विशिष्ट अतिथि के रूप में पहुंचे गणमान्य लोगों ने भी आयोजकों के इस प्रयास की भूरी-भूरी प्रशंसा की और भविष्य में भी ऐसे सामाजिक अभियानों को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया।
"रक्तदान किसी भी मनुष्य के लिए जीवन बचाने का सबसे अमूल्य उपहार है। जब युवा शक्ति और प्रशासनिक सहयोग आपस में मिलते हैं, तो ऐसे सामाजिक कार्य जन आंदोलन का रूप ले लेते हैं।" - विद्यालय प्रबंधन व आयोजन समिति
स्थानीय जनजीवन और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर प्रभाव
पानीपत थर्मल और आसपास के ग्रामीण इलाकों में इस प्रकार के बड़े आयोजनों से स्वास्थ्य सेवाओं को एक नई मजबूती मिलती है। इस शिविर की सफलता ने यह दर्शा दिया है कि पानीपत जिले के नागरिक स्वास्थ्य के प्रति कितने जागरूक और संवेदनशील हैं। समय-समय पर लगने वाले ऐसे ब्लड डोनेशन कैंप्स से न केवल ब्लड बैंकों में रक्त की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित होती है, बल्कि आपातकालीन परिस्थितियों में गरीब और जरूरतमंद मरीजों को जीवनदान मिलने की उम्मीद भी कई गुना बढ़ जाती है।




