पानीपत लाइव ब्यूरो: हरियाणा सरकार ने प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने और उनके नाम पर संपत्ति व संसाधनों के पंजीकरण को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य में महिलाओं के नाम पर नया निजी वाहन खरीदने पर लगने वाले मोटर वाहन टैक्स में एक प्रतिशत (1%) की छूट देने का आधिकारिक नोटिफिकेशन परिवहन विभाग द्वारा जारी कर दिया गया है। इस सरकारी आदेश के अमल में आने से नया दोपहिया वाहन या कार खरीदने वाली महिलाओं को रजिस्ट्रेशन के वक्त सीधी आर्थिक राहत प्राप्त होगी।
प्रदेश शासन की इस प्रोत्साहन नीति के तहत अधिकतम 20 लाख रुपये तक की एक्स-शोरूम कीमत वाले गैर-परिवहन (पर्सनल) वाहनों को शामिल किया गया है। इस दायरे में आने वाले वाहनों पर महिला खरीदारों को 20 हजार रुपये तक का प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। वाहन की खरीद के समय जो मोटर वाहन कर देय होता है, उसमें से यह छूट अपने आप घटा दी जाएगी। राज्य भर के क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण (RTA) कार्यालयों को इस व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से सॉफ्टवेयर और मैनुअल प्रक्रियाओं में एकीकृत करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
अधिसूचना के मुख्य प्रावधान और टैक्स छूट का गणित
परिवहन विभाग द्वारा जारी की गई संशोधित अधिसूचना के अनुसार, छूट का निर्धारण वाहन की ऑन-रोड कीमत के बजाय उसकी मूल एक्स-शोरूम दर के आधार पर किया जाएगा। इसमें व्हीकल इंश्योरेंस, आरटीओ फीस, ग्रीन टैक्स या डीलर द्वारा लगाए जाने वाले अन्य अतिरिक्त शुल्कों को शामिल नहीं किया जाएगा। उदाहरण के तौर पर, यदि कोई महिला 5 लाख रुपये की एक्स-शोरूम कीमत वाली कार या प्रीमियम बाइक खरीदती है, तो उसे टैक्स में 5 हजार रुपये का लाभ मिलेगा। वहीं, 10 लाख रुपये मूल्य की कार पर 10 हजार रुपये और 20 लाख रुपये मूल्य के वाहन पर पूरे 20 हजार रुपये की सीधी बचत होगी।
हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि 20 लाख रुपये से अधिक एक्स-शोरूम कीमत वाली अति-महंगी लक्जरी गाड़ियों और व्यावसायिक या ट्रांसपोर्ट श्रेणी में इस्तेमाल होने वाले वाहनों को इस छूट के दायरे से बाहर रखा गया है। इसके अतिरिक्त, इस रियायत का दावा करने के लिए वाहन का पंजीकरण अनिवार्य रूप से हरियाणा राज्य के किसी भी आरटीओ ऑफिस (जैसे HR-06 पानीपत) में होना चाहिए।
| वाहन की श्रेणी | एक्स-शोरूम मूल्य दायरा | टैक्स छूट दर | अधिकतम आर्थिक बचत |
|---|---|---|---|
| निजी दोपहिया / बजट कार | 5 लाख रुपये तक | 1% की छूट | 5,000 रुपये तक |
| मध्यम वर्ग की निजी कार/एसयूवी | 10 लाख रुपये तक | 1% की छूट | 10,000 रुपये तक |
| प्रीमियम निजी कार/एसयूवी | 20 लाख रुपये तक | 1% की छूट | 20,000 रुपये तक |
| कमर्शियल व लक्जरी वाहन | 20 लाख रुपये से अधिक | छूट लागू नहीं (0%) | शून्य |
कैबिनेट निर्णय से संशोधित अधिसूचना तक का घटनाक्रम
इस फैसले की पृष्ठभूमि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक से जुड़ी है। 28 जुलाई को हुई कैबिनेट बैठक में महिला सशक्तिकरण और वाहन कराधान नीति में संशोधन के प्रस्ताव पर विस्तृत विचार-विमर्श के बाद सर्वसम्मति से स्वीकृति दी गई थी। इसके बाद प्रशासनिक प्रक्रियाओं को पूरा करते हुए हरियाणा मोटर वाहन कराधान अधिनियम, 2016 के तहत पूर्व में जारी 29 सितंबर, 2017 की मूल अधिसूचना में विधिवत संशोधन किया गया है।
परिवहन विभाग के आला अधिकारियों के अनुसार, नया संशोधन अब राज्य के वाहन पंजीकरण नियमावली का स्थाई हिस्सा बन गया है। इससे न केवल गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन महिलाओं के नाम पर कराने की प्रवृत्ति बढ़ेगी, बल्कि ऑटोमोबाइल सेक्टर को भी नए खरीदार मिलने से मजबूती मिलेगी।
"महिला सशक्तिकरण की दिशा में राज्य सरकार का यह एक व्यावहारिक निर्णय है। नई पॉलिसी से महिलाओं के नाम पर संपत्तियों और वाहनों के स्वामित्व में वृद्धि होगी। पंजीकरण सॉफ्टवेयर में संशोधन के निर्देश जारी कर दिए गए हैं ताकि डीलरों और आरटीओ कार्यालय स्तर पर आवेदकों को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।"
हरियाणा और स्थानीय नागरिकों पर योजना का असर
इस नई अधिसूचना के लागू होने से पानीपत सहित पूरे हरियाणा के मध्यम वर्ग और कामकाजी महिलाओं में उत्साह देखा जा रहा है। पानीपत के ऑटोमोबाइल डीलरों के अनुसार, त्योहारी सीजन और सामान्य दिनों में परिवारों में नया वाहन खरीदते समय अब महिला सदस्य के नाम पर गाड़ी रजिस्टर्ड कराने की प्राथमिकता बढ़ेगी। इससे पूर्व जमीन-जायदाद की रजिस्ट्री में महिलाओं को मिलने वाली स्टाम्प ड्यूटी छूट की तर्ज पर ही अब ऑटोमोबाइल सेक्टर में भी महिलाओं की भागीदारी और निर्णय क्षमता को बढ़ावा मिलेगा।
स्थानीय आरटीओ कार्यालय के सूत्रों का कहना है कि नए वाहन पोर्टल (VAHAN Portal) पर इस बदलाव के अपडेट होते ही टैक्स चालान में 1% की छूट स्वतः लागू हो जाएगी। महिला खरीदारों को अपने पहचान पत्र, हरियाणा निवास प्रमाण पत्र और आधार कार्ड के आधार पर यह सुविधा बिना किसी अतिरिक्त कागजी उलझन के मिल सकेगी।
पंजीकरण प्रक्रिया और ध्यान रखने योग्य बातें
यदि आप भी इस योजना के तहत नई कार या बाइक खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो कुछ मुख्य बातों का ध्यान रखना आवश्यक है। पहली बात यह कि वाहन का बिल (Invoice) और आरटीओ रजिस्ट्रेशन आवेदन पूरी तरह से केवल महिला खरीदार के नाम पर होना चाहिए। संयुक्त नाम (Joint Name) या पुरुष सदस्यों के साथ साझीदारी में खरीदे गए वाहनों पर यह रियायत मिलेगी या नहीं, इस पर आरटीओ की स्पष्ट गाइडलाइन का पालन करना होगा। इसके अतिरिक्त, पुरानी या सेकेंड हैंड गाड़ियों के हस्तांतरण पर यह नियम लागू नहीं होगा; यह सुविधा केवल नए शोरूम वाहनों पर ही देय होगी।




