दीपावली के पावन पर्व के करीब आते ही देश के विभिन्न राज्यों एवं महानगरों में कार्यरत लोग अपने गृहनगर लौटने लगे हैं। त्योहार के इस मौसम में भारतीय रेल में यात्रियों का अप्रत्याशित दबाव देखने को मिल रहा है। स्टेशनों पर अत्यधिक भीड़ के कारण महज़ दो मिनट के पारंपरिक ठहराव के दौरान रेलगाड़ियों में सवार होना आम यात्रियों के लिए गंभीर चुनौती बन गया था। कई बार भगदड़ जैसी स्थिति बनने से वृद्धों, महिलाओं और बच्चों वाली सवारियों की गाड़ियां तक छूट जाती थीं। इस गंभीर धरातली समस्या को संज्ञान में लेते हुए उत्तर रेलवे प्रशासन ने रोहतक रेलवे जंक्शन पर बड़ा प्रबंधकीय निर्णय लिया है।
रेलवे द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों के अनुसार दीपावली उत्सव तक रोहतक जंक्शन से होकर गुजरने वाली प्रमुख ट्रेनों का ठहराव समय दो मिनट से बढ़ाकर चार से पांच मिनट कर दिया गया है। इस व्यवस्था के लागू होने से जंक्शन पर उतरने और चढ़ने वाले रेल यात्रियों को पर्याप्त समय मिल सकेगा। यह राहत मुख्य रूप से उन रेलगाड़ियों के लिए लागू की गई है जो पंजाब, हिसार और जींद की ओर से आकर रोहतक के रास्ते दिल्ली, आगरा और रेवाड़ी की दिशा में प्रस्थान करती हैं। इसके अतिरिक्त दिल्ली की ओर जाने वाली कई सुपरफास्ट एवं एक्सप्रेस गाड़ियों के समय सारिणी में भी आंशिक संशोधन किए गए हैं।
रेल सेवाओं एवं ठहराव समय में किए गए बदलावों की तालिका
| ट्रेन का रूट / दिशा | पूर्व ठहराव समय | नया संशोधित ठहराव | मुख्य प्रभावित क्षेत्र |
|---|---|---|---|
| हिसार - जींद - दिल्ली मार्ग | 2 मिनट | 4 से 5 मिनट | दैनिक यात्री व परिवार |
| पंजाब से रोहतक - रेवाड़ी - आगरा मार्ग | 2 मिनट | 5 मिनट | लंबी दूरी के रेल यात्री |
| रोहतक से दिल्ली सुपरफास्ट/एक्सप्रेस | समय सारिणी में आंशिक बदलाव | 4 से 5 मिनट | कामकाजी वर्ग व छात्र |
प्लेटफॉर्म नंबर एक पर जारी निर्माण और बंद डिस्प्ले बनी वजह
रोहतक रेलवे जंक्शन के प्लेटफॉर्म संख्या एक पर वर्तमान में सुंदरीकरण व अवसंरचनात्मक विकास कार्य चल रहा है। इस निर्माण कार्य के कारण प्लेटफॉर्म पर लगा डिजिटल कोच डिस्प्ले बोर्ड अस्थायी रूप से बंद पड़ा हुआ है। आम दिनों में इस डिस्प्ले के ज़रिए यात्रियों को ट्रेन के आगमन से पहले ही एसी, स्लीपर और सामान्य कोचों की सटीक स्थिति की जानकारी मिल जाती है, जिससे लोग सही स्थान पर खड़े हो पाते हैं।
हालांकि, डिस्प्ले बोर्ड बंद रहने के कारण त्योहारों की इस भारी भीड़ में यात्रियों को कोच के स्थान का पता गाड़ी के रुकने के बाद ही चल पाता है। ऐसे में सामान और छोटे बच्चों के साथ पूरे प्लेटफॉर्म पर भाग-दौड़ करने से अव्यवस्था फैल रही थी। इसी व्यावहारिक समस्या को दूर करने के लिए जंक्शन पर गाड़ियों के रुकने की अवधि को बढ़ाने का निर्णय लिया गया ताकि कोई भी यात्री छूट न जाए।
blockquote>"प्लेटफॉर्म संख्या एक पर विकास कार्य चलने के कारण कोच डिस्प्ले प्रणाली वर्तमान में बंद है। त्योहारों के दौरान रेल यात्रियों को कोच ढूंढने और गाड़ी में चढ़ने में कोई असुविधा न हो, इसके लिए ट्रेनों के ठहराव समय में संशोधन किया गया है। अब 2 मिनट के स्थान पर ट्रेनें 4 से 5 मिनट तक रुकेंगी।" - बलराम मीणा, स्टेशन अधीक्षक, रोहतक जंक्शन
जनजीवन पर प्रभाव और रेलवे की व्यवस्थागत तैयारी
रेलवे प्रशासन के इस फैसले का हरियाणा के विभिन्न जिलों से होकर गुजरने वाले हज़ारों यात्रियों ने स्वागत किया है। विशेष रूप से दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में काम करने वाले रेल यात्रियों के लिए यह राहत की बात है। जंक्शन पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आरपीएफ और जीआरपी के जवानों की अतिरिक्त तैनाती की गई है, जो यात्रियों को कतारबद्ध तरीके से डिब्बों में चढ़ाने का कार्य कर रहे हैं।
साथ ही, रेलवे लाउडस्पीकर के माध्यम से लगातार एनाउंसमेंट कर रहा है कि कौन-सी ट्रेन किस प्लेटफॉर्म पर आ रही है और उसमें सामान्य व आरक्षित डिब्बों की स्थिति क्या है। रोहतक स्टेशन पर निर्माण कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन जब तक स्थिति सामान्य नहीं होती, तब तक बढ़ी हुई ठहराव अवधि यात्रियों के लिए बेहद कारगर साबित होगी।
प्रशासन की अपील और आगे की सतर्कता
रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि वे स्टेशन पर किसी भी तरह की जल्दबाजी न दिखाएं और चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने का प्रयास बिल्कुल न करें। 5 मिनट का पर्याप्त समय सभी सवारियों को सुरक्षित रूप से डिब्बों में प्रवेश करने के लिए काफी है। रेलवे सुरक्षा बल को भी सख्त निर्देश दिए गए हैं कि संदिग्ध गतिविधियों पर नज़र रखी जाए और त्योहारों के इस भीड़भाड़ वाले सीजन में किसी भी तरह की अनहोनी से निपटने के लिए जंक्शन पर 24 घंटे सतर्कता बरती जाए।




