पानीपत जिले के ग्रामीण आंचल ने एक बार फिर राष्ट्रीय फलक पर अपनी खेल प्रतिभा का लोहा मनवाया है। जिले के अंतर्गत आने वाले बबैल गांव के प्रतिभावान धावक शौर्य ग्रोवर ने तमिलनाडु के चेन्नई शहर में आयोजित प्रतिष्ठित 41वीं नेशनल जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप-2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया है। इस बड़ी उपलब्धि से न केवल उनके पैतृक गांव बल्कि पूरे हरियाणा प्रदेश में जश्न का माहौल है। युवा खिलाड़ी ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन के बल पर देश भर के सर्वश्रेष्ठ एथलीटों को पीछे छोड़ते हुए पोडियम पर शीर्ष स्थान हासिल किया है।
प्रतियोगिता के दौरान शौर्य ग्रोवर ने 600 मीटर दौड़ स्पर्धा में भाग लिया और पहले कदम से ही अपनी अद्भुत गति का परिचय दिया। उन्होंने इस चुनौतीपूर्ण दूरी को मात्र 1 मिनट 17.63 सेकंड के रिकॉर्ड समय में तय करते हुए फिनिश लाइन पार की। इस बेहतरीन प्रदर्शन के साथ उन्होंने पिछले 1:18.48 मिनट के पुराने राष्ट्रीय रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए एक नया इतिहास रच दिया। राष्ट्रीय स्तर के इस मंच पर रिकॉर्ड कायम करते हुए गोल्ड मेडल जीतना उनकी खेल के प्रति निष्ठा और बेहतरीन ट्रेनिंग का स्पष्ट प्रमाण है।
रिले स्पर्धा में भी हरियाणा की टीम का दबदबा और ऐतिहासिक प्रदर्शन
व्यक्तिगत स्पर्धा के अलावा टीम इवेंट में भी हरियाणा के खिलाड़ियों ने अपनी श्रेष्ठता साबित की। अंडर-16 लड़कों की 1000 मीटर मेडले रिले स्पर्धा में हरियाणा की चौकड़ी ने जबरदस्त तालमेल और गति का प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। इस टीम ने रेस को 1 मिनट 54.38 सेकंड में पूरा किया। इस रोमांचक मुकाबले में तमिलनाडु की टीम दूसरे स्थान पर रही, जबकि तेलंगाना ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। हरियाणा की इस रिले टीम ने भी स्वर्ण पदक के साथ नया राष्ट्रीय और मीट रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज कराया।
| प्रतियोगिता विवरण | खिलाड़ी / टीम | प्रदर्शन समय | प्राप्त उपलब्धि |
|---|---|---|---|
| 600 मीटर व्यक्तिगत दौड़ | शौर्य ग्रोवर (बबैल) | 1 मिनट 17.63 सेकंड | स्वर्ण पदक एवं नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड |
| 1000 मीटर मेडले रिले | हरियाणा अंडर-16 टीम | 1 मिनट 54.38 सेकंड | स्वर्ण पदक एवं मीट रिकॉर्ड |
इस चैंपियनशिप में हरियाणा के खाते में दोनों स्पर्धाओं के जरिए दो स्वर्ण पदक आए हैं, जिससे राज्य के खेल प्रेमियों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। खिलाड़ियों के इस अभूतपूर्व प्रदर्शन ने साबित कर दिया है कि प्रदेश के छोटे गांवों की माटी से निकलने वाली प्रतिभाएं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करने की पूरी क्षमता रखती हैं। उचित मार्गदर्शन और सुविधाओं के मिलने से ग्रामीण युवा किस प्रकार बुलंदियों को छू सकते हैं, इसका यह जीवंत उदाहरण है।
सम्मान समारोह और समाजसेवियों द्वारा हौसला अफजाई
खिलाड़ी की इस ऐतिहासिक सफलता के बाद बबैल गांव में एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। स्थानीय नागरिकों और खेल प्रेमियों ने ढोल-नगाड़ों के साथ शौर्य का स्वागत किया। इस अवसर पर क्षेत्र के प्रमुख समाजसेवी अरविंद कादियान ने युवा एथलीट की पीठ थपथपाते हुए उन्हें 31,जी हां, 31 हजार रुपये की नकद राशि से सम्मानित किया। इसके साथ ही, उनके दोनों कोचों के योगदान को सराहते हुए उन्हें भी 5100-5100 रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। समाजसेवी ने खिलाड़ी की आगामी खेल यात्रा को ध्यान में रखते हुए उनकी डाइट (आहार) का पूरा खर्च उठाने की भी घोषणा की है।
“हमारे गांव और क्षेत्र के बेटे ने राष्ट्रीय स्तर पर जो मुकाम हासिल किया है, उसने हम सबको गौरवान्वित किया है। ग्रामीण युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, बस उन्हें सही दिशा और प्रोत्साहन की जरूरत है।” - स्थानीय खेलप्रेमी एवं गणमान्य
स्थानीय युवाओं में प्रेरणा और भविष्य की उम्मीदें
शौर्य ग्रोवर की इस सफलता ने पानीपत जिले के अन्य उभरते खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का एक नया स्त्रोत खोल दिया है। स्थानीय खेल अकादमियों और स्टेडियमों में अभ्यास करने वाले युवाओं का कहना है कि शौर्य की यह सफलता दिखाती है कि समर्पण भाव से की गई मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती। इस प्रकार के आयोजनों से न केवल युवाओं का रुझान खेलों की तरफ बढ़ता है, बल्कि वे नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहकर सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ते हैं।
आगामी प्रतियोगिताओं में भी शौर्य से इसी प्रकार के उत्कृष्ट प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। खेल जानकारों का मानना है कि यदि इस युवा धावक को इसी प्रकार निरंतर समर्थन, बेहतर कोचिंग और उच्च श्रेणी की खेल सुविधाएं मिलती रहीं, तो वह आने वाले समय में एशियाई और ओलंपिक स्तर पर भी देश का प्रतिनिधित्व करने का माद्दा रखते हैं। पानीपत लाइव ब्यूरो की टीम इस होनहार खिलाड़ी को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएं देती है।


