पानीपत शहर के नूरवाला क्षेत्र में आगामी त्योहारों के दृष्टिगत खाद्य सुरक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पूजा मॉडल स्कूल के समीप एक रिहायशी मकान के भीतर अवैध रूप से संचालित मिठाई बनाने की फैक्ट्री पर रविवार को छापा मारा गया। इस औचक निरीक्षण के दौरान मौके पर भारी मात्रा में तैयार की जा रही मिठाइयों की स्वच्छता और गुणवत्ता संदिग्ध पाई गई, जिसके बाद अधिकारियों ने तुरंत सख्त रुख अपनाया।
'पानीपत लाइव' की ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, आगामी दीपोत्सव पर बाजार में मिठाइयों की खपत और मांग कई गुना बढ़ जाती है। इसी का फायदा उठाकर कुछ असामाजिक व मुनाफाखोर तत्व इंसानी सेहत से खिलवाड़ करने वाली मिलावटी मिठाइयां तैयार करने में जुट जाते हैं। नूरवाला में हुई इस छापामारी से क्षेत्र के मिठाई निर्माताओं और विक्रेताओं में हड़कंप मच गया है।
रिहायशी मकान के भीतर बन रही थीं मिठाइयां, औचक रेड से मचा हड़कंप
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, जिस स्थान पर यह फैक्ट्री चलाई जा रही थी, वह कोई व्यावसायिक प्रतिष्ठान या स्वीकृत औद्योगिक शेड नहीं था, बल्कि एक आम रिहायशी मकान के अंदर कमरे बनाकर मिठाई बनाने की कड़ाहियां भट्ठियों पर चढ़ाई गई थीं। गुप्त सूचना के आधार पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी व स्वास्थ्य महकमे के प्रशासनिक अमले ने अचानक दबिश दी। निरीक्षण के दौरान फैक्ट्री परिसर में साफ-सफाई के मानकों की भारी अनदेखी देखने को मिली।
टीम ने मौके पर रखी मिठाइयों की स्थिति जांचने के साथ-साथ चाशनी और मावे की गुणवत्ता का जायजा लिया। जो मिठाइयां बासी, खराब अथवा स्वास्थ्य के लिए हानिकारक प्रतीत हुईं, उन्हें तुरंत प्रभाव से नष्ट करवा दिया गया ताकि वे किसी भी सूरत में बाजार तक न पहुंच सकें। इसके साथ ही तैयार मिठाइयों में से रसगुल्ले और गुलाब जामुन के अलग-अलग सैंपल सील कर परीक्षण हेतु प्रयोगशाला भिजवाए गए हैं।
| कार्रवाई का स्थान | संयुक्त जांच दल | लिए गए सैंपल | प्रशासनिक कार्रवाई |
|---|---|---|---|
| पूजा मॉडल स्कूल के पास, नूरवाला (पानीपत) | खाद्य सुरक्षा विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग | रसगुल्ला, गुलाब जामुन व चाशनी | दूषित मिठाइयां नष्ट, लैब रिपोर्ट के आधार पर आगामी केस |
अधिकारियों की सख्त चेतावनी और आमजन से सहयोग की अपील
कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. वीरेंद्र यादव ने बताया कि त्योहारों के इस सीजन में आम नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी सूरत में अमानक, बासी या केमिकल युक्त खाद्य सामग्री की बिक्री पानीपत जिले में सहन नहीं की जाएगी। प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद संबंधित संचालक के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (FSSAI) के तहत नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
"अगर शहर या ग्रामीण अंचल में कहीं भी किसी रिहायशी मकान, दुकान या गोपनीय स्थान पर मिलावटी अथवा बदबूदार मिठाइयां और खाद्य पदार्थ बनाए जाने की आशंका हो, तो नागरिक तुरंत स्वास्थ्य व खाद्य सुरक्षा विभाग को सूचित करें। आपकी एक सूचना किसी बड़े हादसे या बीमारी को रोक सकती है।"
- डॉ. वीरेंद्र यादव, स्वास्थ्य अधिकारी (पानीपत)
स्थानीय बाजार और नागरिकों की सेहत पर असर
नूरवाला और आसपास के इलाकों में रिहायशी कॉलोनियों के बीच इस तरह मिठाइयों का निर्माण होना न केवल जनस्वास्थ्य के लिए खतरा है, बल्कि यह अग्निशमन और स्वच्छता नियमों का भी सीधा उल्लंघन है। पानीपत लाइव लगातार नागरिकों से अपील करता है कि त्योहारों पर मिठाई खरीदते समय अधिकृत, पंजीकृत और प्रतिष्ठित दुकानों से ही खरीदारी करें और अत्यधिक रंग-बिरंगी या संदिग्ध मिठाइयों के सेवन से बचें।
आगामी कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई की प्रक्रिया
विभाग द्वारा लिए गए सभी नमूनों को राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला में भेजा जा रहा है। लैब रिपोर्ट में यदि मिठाइयों में मिलावट, सिंथेटिक रंगों का अत्यधिक प्रयोग या घटिया सामग्री की पुष्टि होती है, तो संबंधित मालिक के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, बिना लाइसेंस रिहायशी इलाके में कॉमर्शियल गतिविधियां चलाने को लेकर नगर निगम व स्थानीय प्रशासन भी संज्ञान ले सकता है। जिले में मिलावटखोरों पर नकेल कसने के लिए यह जांच अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।




