बुधवार, 28 अक्टूबर 2026
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हरियाणा के ग्रामीण इलाकों में कचरा प्रबंधन को बढ़ावा, 142 ब्लॉकों में लगेंगी सेग्रीगेशन मशीनें

स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत हरियाणा के 142 ब्लॉकों में कूड़ा छंटाई मशीनें लगाई जाएंगी, जिससे गांवों में कचरे का निस्तारण कर खाद बनाई जाएगी।

पानीपत लाइव ब्यूरो✓ वेरिफाइड ग्राउंड रिपोर्टर
पानीपत लाइव डिजिटल नेटवर्क
28 अक्टूबर 2026 को 10:41 am बजे2 मिनट पठन0 व्यूज
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हरियाणा के ग्रामीण इलाकों में कचरा प्रबंधन को बढ़ावा, 142 ब्लॉकों में लगेंगी सेग्रीगेशन मशीनें
फोटो: पानीपत लाइव ग्राउंड रिपोर्टिंग ब्यूरोpanipatlive.com

खबर की मुख्य बातें (Key Highlights)

  • •प्रदेश के 142 विकास ब्लॉकों में कूड़ा छंटाई (सेग्रीगेशन) मशीनें स्थापित करने की योजना तैयार की गई है।
  • •घरों से निकलने वाले ठोस कचरे को संसाधित करके स्थानीय किसानों के उपयोग के लिए जैविक खाद तैयार की जाएगी।
  • •स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अंतर्गत राज्य के सात हजार से अधिक गांवों को कचरा मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
  • •पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए राज्यभर के विश्वविद्यालयों के परिसरों में बायोगैस प्लांट लगाने की पहल शुरू हुई है।

हरियाणा सरकार ने गांवों में साफ-सफाई की व्यवस्था को सुदृढ़ करने और शहरी तर्ज पर स्वच्छता का स्तर उठाने के लिए एक व्यापक कार्ययोजना पर काम शुरू कर दिया है। राज्य के ग्रामीण अंचलों में अब कूड़े-कचरे के वैज्ञानिक और स्थायी समाधान की दिशा में कदम बढ़ाए गए हैं। इसके तहत प्रदेशभर के 142 ब्लॉकों में विशेष सेग्रीगेशन मशीनें यानी कूड़ा छंटाई यंत्र स्थापित किए जाएंगे। इन मशीनों के माध्यम से गांवों से एकत्रित होने वाले कचरे का सुनियोजित ढंग से निस्तारण किया जाएगा ताकि पर्यावरण को स्वच्छ रखा जा सके और रीसाइक्लिंग को बढ़ावा दिया जा सके।

अब तक शहरी स्थानीय निकाय के दायरे में आने वाले नगर पालिका और नगर निगम क्षेत्रों में ही सफाई प्रणालियों पर मुख्य रूप से ध्यान केंद्रित किया जाता था, जिसके लिए हर साल भारी-भरकम बजट और टेंडर जारी होते हैं। इसी मॉडल की सफलता को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर अब ग्रामीण क्षेत्रों को भी पूरी तरह कूड़ा मुक्त बनाने का निर्णय लिया गया है। हालांकि गांवों में पहले से ही सफाई कर्मियों की तैनाती की गई है, परंतु कचरे के समुचित निष्कासन के अभाव में व्यवस्था उतनी प्रभावी साबित नहीं हो रही थी। अब ब्लॉक स्तर पर होने वाले इस नए बदलाव से ग्रामीण इलाकों की तस्वीर पूरी तरह बदलने की उम्मीद जताई जा रही है।

कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण से तैयार होगी उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद

इस नई कार्यप्रणाली के तहत राज्य के सात हजार से अधिक गांवों से निकलने वाले कचरे को अनुबंधित संसाधनों की मदद से घर-घर से एकत्रित किया जाएगा। इस एकत्रित कचरे को संबंधित ब्लॉक मुख्यालयों पर पहुंचाया जाएगा, जहां विशेष रूप से स्थापित सेग्रीगेशन प्लांट काम करेंगे। इन मशीनों द्वारा जैविक और अजैविक ठोस कचरे को अलग-अलग किया जाएगा। जैविक कचरे को रिफाइन और प्रोसेस करके किसानों के खेतों के लिए बेहद उपजाऊ जैविक खाद तैयार की जाएगी।

तैयार होने वाली इस जैविक खाद को आसपास के क्षेत्रों के जरूरतमंद किसानों को बेहद किफायती या रियायती दरों पर उपलब्ध कराया जाएगा। इससे न केवल रासायनिक खादों पर किसानों की निर्भरता कम होगी, बल्कि मिट्टी की उर्वरता शक्ति में भी सुधार होगा। अधिकारियों के अनुसार इस पूरी प्रक्रिया से गांवों में स्वच्छता तो सुनिश्चित होगी ही, साथ ही कृषि क्षेत्र को भी एक ठोस और पर्यावरण-अनुकूल विकल्प मिलेगा।

योजना का मुख्य बिंदुविवरण एवं क्रियान्वयन
लक्ष্যित क्षेत्रहरियाणा के 7000 से अधिक गांव
कार्यान्वयन इकाईस्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), हरियाणा
प्रमुख तकनीकी पहल142 ब्लॉकों में कूड़ा छंटाई (सेग्रीगेशन) मशीनें
उत्पादठोस कचरे से तैयार होने वाली जैविक खाद
लाभार्थी वर्गग्रामीण नागरिक और स्थानीय किसान

विश्वविद्यालय परिसरों में बायोगैस प्लांट लगाने की दिशा में बड़ी पहल

ग्रामीण स्वच्छता और ऊर्जा के वैकल्पिक स्त्रोतों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने शैक्षणिक संस्थानों को भी इस अभियान से जोड़ा है। हरियाणा में साठ से अधिक विश्वविद्यालय संचालित हैं, जिनके छात्रवासों में प्रतिदिन भारी मात्रा में जैविक कचरा उत्पन्न होता है। इस कचरे के उपयोग के लिए पायलट प्रोजेक्ट के रूप में रोहतक स्थित महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) में एक बायोगैस प्लांट को सफलतापूर्वक चालू किया गया है।

इस प्लांट के माध्यम से प्रतिदिन निकलने वाले जैविक कचरे से बायोगैस का उत्पादन किया जा रहा है, जिसकी आपूर्ति सीधे विश्वविद्यालय के भोजनालयों और रसोईघरों में की जा रही है। इसी तर्ज पर प्रदेश के अन्य सभी विश्वविद्यालयों में भी ऐसे ही बायोगैस प्लांट स्थापित करने की योजना पर गंभीरता से विचार चल रहा है। हाल ही में प्रशासनिक टीमों ने विभिन्न ब्लॉकों और संस्थानों का दौरा कर इन प्लांट्स की कार्यप्रणाली का बारीकी से निरीक्षण किया है ताकि राज्यभर में इस मॉडल को बिना किसी रुकावट के लागू किया जा सके।

"प्रदेश सरकार हरियाणा को स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ बनाने के दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। इसी कड़ी में गांवों को शहरों की तर्ज पर कचरा मुक्त बनाने के लिए अधिकांश सेग्रीगेशन मशीनों की खरीद पूरी की जा चुकी है। शीघ्र ही सभी ब्लॉक मुख्यालयों पर इन्हें स्थापित कर दिया जाएगा, जिससे कचरे का प्रबंधन बेहतर होगा और किसानों को उत्कृष्ट खाद मिलेगी।" - रविंद्र जागलान, उपाध्यक्ष, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) राज्य स्तरीय टास्क फोर्स, हरियाणा

प्रशासनिक तैयारी और भविष्य की रूपरेखा

ग्रामीण विकास विभाग और स्वच्छता मिशन से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि इस योजना के धरातल पर उतरने से गांवों में संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा काफी हद तक कम हो जाएगा। मशीनों की खरीद प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है और विभिन्न जिलों में प्रशासनिक अधिकारियों को इसके सुचारू संचालन के लिए निर्देश जारी कर दिए गए हैं। आने वाले दिनों में यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पर्यावरण संतुलन दोनों के लिए एक मील का पत्थर साबित हो सकती है।

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पानीपत लाइव ग्राउंड न्यूज़रूम ब्यूरोPanipatLive.com

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